{"_id":"597c79f44f1c1b1e268b4714","slug":"agra-police-constable-satish-was-without-arms-while-fight-with-goons","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा मुठभेड़ः कुछ नहीं बिगाड़ पाई एक गोली, आखिरी सांस तक निहत्थे ही लड़ा जांबाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा मुठभेड़ः कुछ नहीं बिगाड़ पाई एक गोली, आखिरी सांस तक निहत्थे ही लड़ा जांबाज
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 29 Jul 2017 05:42 PM IST
विज्ञापन
आगरा सिपाही हत्या
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही सतीश ने निहत्थे ही बदमाशों का सामना किया था। सतीश और कुलदीप कुछ ही देर पहले जीप में अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गश्त कर चौकी पर लौटे थे। उन्होंने हथियार चौकी में ही रख दिए। इसके बाद वे दोनों बाइक पर निकले तो उन्होंने चार लोगों को बाइक पर जाते देखा।
संदिग्ध होने पर उन्हें टोका। इस पर बदमाश पुलिस को देखकर बाइक यू टर्न कर भागने लगे। उनके पास पिस्टल और तमंचे के साथ सब्बल और लोहे का बेलचा भी था। इसके बावजूद सतीश ने साहस का परिचय दिया।
सतीश ने पहले बदमाशों को ललकारा, बाद में निहत्थे ही उनका पीछा शुरू कर दिया। इससे बदमाश घबरा गए। पकड़ेजाने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एक बदमाश को जमीन पर गिराने के बाद सतीश ने उससे तमंचा भी छीन लिया। एक साथी को कुलदीप ने दबोच लिया।
विज्ञापन
अपने साथियों के पकड़े जाने पर उनका तीसरा साथी आया और फायरिंग कर दी। पहले एक फायर किया, जिसमें सतीश की कांख में गोली लगी। इसके बावजूद सतीश ने बदमाश को नहीं छोड़ा। यह देखकर तीसरे बदमाश ने एक और गोली चला दी।
इस बार गोली सतीश के जबड़े के पास से होकर निकल गई। सतीश गिर पड़े। कुलदीप ने सतीश को उठाने के लिए बदमाश को छोड़ दिया। इसके बाद चारों मोहल्ले में अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
विज्ञापन
संदिग्ध होने पर उन्हें टोका। इस पर बदमाश पुलिस को देखकर बाइक यू टर्न कर भागने लगे। उनके पास पिस्टल और तमंचे के साथ सब्बल और लोहे का बेलचा भी था। इसके बावजूद सतीश ने साहस का परिचय दिया।
विज्ञापन
सतीश ने पहले बदमाशों को ललकारा, बाद में निहत्थे ही उनका पीछा शुरू कर दिया। इससे बदमाश घबरा गए। पकड़ेजाने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एक बदमाश को जमीन पर गिराने के बाद सतीश ने उससे तमंचा भी छीन लिया। एक साथी को कुलदीप ने दबोच लिया।
विज्ञापन
अपने साथियों के पकड़े जाने पर उनका तीसरा साथी आया और फायरिंग कर दी। पहले एक फायर किया, जिसमें सतीश की कांख में गोली लगी। इसके बावजूद सतीश ने बदमाश को नहीं छोड़ा। यह देखकर तीसरे बदमाश ने एक और गोली चला दी।
इस बार गोली सतीश के जबड़े के पास से होकर निकल गई। सतीश गिर पड़े। कुलदीप ने सतीश को उठाने के लिए बदमाश को छोड़ दिया। इसके बाद चारों मोहल्ले में अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
शिक्षक के बेटे की निकली बाइक
बाइक
- फोटो : अमर उजाला
जिस पल्सर बाइक से बदमाश आए थे, पुलिस ने जब उसके नंबर से मालिक का पता किया तो वह घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित कृष्णा विहार कालोनी निवासी शिक्षक ज्ञानेंद्र सिंह चौहान के बेटे अरविंद की निकली। इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। कुलदीप और उसका भाई कृष्णा घर में सोते मिले। पुलिस ने घर में तलाशी ली। परिवारीजनों का कहना था कि बाइक कालोनी में घर के बाहर खड़ी थी। उसे चोरी करके ले जाया गया है। हालांकि पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस लाइन में शहीद को दी गई अंतिम विदाई
श्रद्धांजलि
- फोटो : twitter
सिपाही सतीश के शव को दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन लाया गया। यहां पर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान एडीजी अजय आनंद, आईजी मुथा अशोक जैन, एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे सहित एसपी सिटी, एसपीआरए सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मैजूद रहे। एसएसपी ने परिवार को सभी सरकारी मदद का भरोसा दिलाया।
शहीद सिपाही के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। भाइयों संजय और अनिल का कहना था कि मेरा भाई कहां से लेकर आओगे। मां और पिता सदमे में हैं। उन्हें रिश्तदार संभाल रहे थे।
शहीद सिपाही के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। भाइयों संजय और अनिल का कहना था कि मेरा भाई कहां से लेकर आओगे। मां और पिता सदमे में हैं। उन्हें रिश्तदार संभाल रहे थे।