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अगला स्टेशन राजा की मंडी है... ताज के शहर में कुछ यूं दौड़ेगी सपनों की 'मेट्रो'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:31 AM IST
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- फोटो : डेमो
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मेट्रो योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद सबसे पहला और अहम काम है जमीन की उपलब्ध कराना। तय एलाइनमेंट के मुताबिक इस बात का सर्वे का होगा कि मेट्रो योजना के लिए जहां-जहां जमीन लेनी है, उसका स्वामित्व किसका है और इसका कितना मुआवजा देना होगा।
सरकारी जमीनों को अधिग्रहण करने के लिए मुआवजा देना होगा या सरकारी व्यवस्था के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों की मानें तो मेट्रो योजना में इस बात का विशेष ख्याल रखा जाएगा कि कम से कम निजी जमीन ली जाए। जिससे नागरिकों को उजाड़ना न पड़े।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब मेट्रो का प्रस्ताव भारत सरकार को जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद योजना मेट्रो रेल कारपोरेशन के हवाले कर दी जाएगी। मेट्रो रेल कारपोरेशन को भारत सरकार और प्रदेश सरकार से वित्तीय मदद मिलेगी।
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सरकारी जमीनों को अधिग्रहण करने के लिए मुआवजा देना होगा या सरकारी व्यवस्था के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों की मानें तो मेट्रो योजना में इस बात का विशेष ख्याल रखा जाएगा कि कम से कम निजी जमीन ली जाए। जिससे नागरिकों को उजाड़ना न पड़े।
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब मेट्रो का प्रस्ताव भारत सरकार को जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद योजना मेट्रो रेल कारपोरेशन के हवाले कर दी जाएगी। मेट्रो रेल कारपोरेशन को भारत सरकार और प्रदेश सरकार से वित्तीय मदद मिलेगी।
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इसके साथ ही लोन की व्यवस्था भी सरकार द्वारा कराई जाएगी। सबसे मेट्रो रेल कारपोरेशन प्रस्तावित एलाइनमेंट का परीक्षण करेगी और उसके बाद कहां स्टेशन बनाया जाएगा। कितनी मेट्रो एलीवेटिड होगी और कितनी मेट्रो लाइन अंडरग्राउंड डाली जाएगी।
लाइन डालने में के दौरान क्या व्यवस्था करनी होगी इसका परीक्षण करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक शहर में 14 और 16 किलोमीटर लंबे दो कारीडोर प्रस्तावित हैं। दोनों में 15-15 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। छह स्टेशन अंडरग्राउंड होगा और शेष 24 स्टेशन एलीवेटिड होंगे।
योजना के लिए दो डिपो (यार्ड) बनाए जाएंगे। पहले कारीडोर के लिए पीएसी मैदान में यार्ड बनेगा और दूसरे कारीडोर का यार्ड झरना नाले के पास बनाया जाएगा। योजना के शिलान्यास के लिए अभी तारीख तय नहीं हुई है लेकिन उम्मीद है जल्द ही इसका शिलान्यास पीएसी ग्राउंड पर किया जाएगा।
लाइन डालने में के दौरान क्या व्यवस्था करनी होगी इसका परीक्षण करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक शहर में 14 और 16 किलोमीटर लंबे दो कारीडोर प्रस्तावित हैं। दोनों में 15-15 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। छह स्टेशन अंडरग्राउंड होगा और शेष 24 स्टेशन एलीवेटिड होंगे।
योजना के लिए दो डिपो (यार्ड) बनाए जाएंगे। पहले कारीडोर के लिए पीएसी मैदान में यार्ड बनेगा और दूसरे कारीडोर का यार्ड झरना नाले के पास बनाया जाएगा। योजना के शिलान्यास के लिए अभी तारीख तय नहीं हुई है लेकिन उम्मीद है जल्द ही इसका शिलान्यास पीएसी ग्राउंड पर किया जाएगा।
ये है पहला कारीडोर
मेट्रो
आगरा मेट्रो रेल योजना का पहला कारीडोर सिकंदरा से फतेहाबाद रोड पर होटल ट्राइडेंट तक बनेगा। इसमें पहला स्टेशन सिकंदरा, गुरुद्वारा गुरु का ताल, शास्त्री नगर (आईएसबीटी), विश्वविद्यालय परिसर, आरबीएस कालेज, राजा की मंडी, आगरा कालेज, मेडिकल कालेज, जामा मसजिद, आगरा फोर्ट, ताजमहल, फतेहाबाद रोड, बसई और अंतिम स्टेशन ताजमहल पूर्वी गेट स्टेशन होगा।
ये है मेट्रो का दूसरा कारीडोर
METRO RAIL
मेट्रो योजना के दूसरे कारीडोर में पहला स्टेशन आगरा कैंट स्टेशन होगा। इसके बाद सुल्तानपुरा, सदर बाजार, प्रताप पुरा, कलेक्ट्रेट, सुभाष पार्क, आगरा कालेज, हरीपर्वत चौराहा, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज की पुलिया, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, मंडी समिति, कालिंदी विहार और डिपो झरना नाले के पास बनाया जाएगा।
आसान नहीं डगर
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया
- फोटो : amar ujala
मेट्रो योजना के लिए परवान चढ़ाने के लिए वर्तमान अवस्थापना सुविधाओं में फेरबदल करना होगा। पुराने शहर में करीब 6.5 किलोमीटर लाइन अंडरग्राउंड होगी।
इस क्षेत्र में पहले पड़ी हुई पानी की लाइन, सीवर की लाइन, टेलीफोन की लाइन, बिजली की लाइनों को हटाना या उन्हें बचाकर मेट्रो योजना की लिए खुदाई करना बड़ी मशक्कत का काम होगा। दरअसल पुराना शहर इतना घना बसा हुआ कि वहां इन सुविधाओं को सुरक्षित रखना आसान नहीं होगा।
सांसद रामशंकर कठेरिया का कहना है कि कैबिनेट ने मेट्रो परियोजना का हरी झंडी दे दी है। अब इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर लाने के लिए काम होगा। मेट्रो रेल शहर के विकास को रफ्तार देगी। जल्द ही योजना का शिलान्यास होगा और काम भी जल्द शुरू कराएंगे।
विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शहर की जनता की पानी की समस्या के समाधान के लिए मैं लगा हूं, कैबिनेट मेट्रो योजना को स्वीकृति देकर शहर को तोहफा दिया है। मुझे आशा है कि मेट्रो का काम तय समय पर पूरा होगा। शहर के विकास को पंख लगाएगा।
इस क्षेत्र में पहले पड़ी हुई पानी की लाइन, सीवर की लाइन, टेलीफोन की लाइन, बिजली की लाइनों को हटाना या उन्हें बचाकर मेट्रो योजना की लिए खुदाई करना बड़ी मशक्कत का काम होगा। दरअसल पुराना शहर इतना घना बसा हुआ कि वहां इन सुविधाओं को सुरक्षित रखना आसान नहीं होगा।
सांसद रामशंकर कठेरिया का कहना है कि कैबिनेट ने मेट्रो परियोजना का हरी झंडी दे दी है। अब इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर लाने के लिए काम होगा। मेट्रो रेल शहर के विकास को रफ्तार देगी। जल्द ही योजना का शिलान्यास होगा और काम भी जल्द शुरू कराएंगे।
विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शहर की जनता की पानी की समस्या के समाधान के लिए मैं लगा हूं, कैबिनेट मेट्रो योजना को स्वीकृति देकर शहर को तोहफा दिया है। मुझे आशा है कि मेट्रो का काम तय समय पर पूरा होगा। शहर के विकास को पंख लगाएगा।