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आगरा मेट्रो की राह में 'रोड़ा', लटक सकता है ताजमहल के पूर्वी गेट तक का काम
Sun, 06 Oct 2019 12:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 06 Oct 2019 12:04 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा मेट्रो रेल परियोजना में पहले कॉरीडोर के निर्माण में सीवर लाइन का नक्शा उपलब्ध न होने से रोड़ा अटक जाएगा। मेट्रो रेल कारपोरेशन ने जामा मस्जिद से ताज पूर्वी गेट तक हाई प्रेशर सीवर लाइन के मौजूद होने पर ले आउट प्लान मांगा है, लेकिन यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जलकल विभाग के पास पुरानी सीवर लाइन का नक्शा ही मौजूद नहीं है।
इस रूट पर भूमिगत मेट्रो संचालन के कारण खोदाई गहरी की जाएगी, जिसमें नक्शा न होने से मेट्रो के काम में दिक्कतें आएंगी। पहले कॉरीडोर के तहत जामा मस्जिद से ताजमहल पूर्वी गेट तक मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाना है।
सीवर लाइन और पाइप लाइन के नक्शे मांगे
लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के मुख्य परियोजना प्रबंधक -2 इंद्रजीत वर्मा ने यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जल निगम के साथ जल संस्थान से सीवर लाइन और पाइप लाइन के नक्शे मांगे हैं। हाई प्रेशर सीवर लाइन की ड्राइंग और ले आउट प्लान के साथ रोड के मीडियन की दूरी भी मांगी गई थी, लेकिन यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जलकल विभाग के पास पुराने रिकार्ड ही मौजूद नहीं है।
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इस रूट पर भूमिगत मेट्रो संचालन के कारण खोदाई गहरी की जाएगी, जिसमें नक्शा न होने से मेट्रो के काम में दिक्कतें आएंगी। पहले कॉरीडोर के तहत जामा मस्जिद से ताजमहल पूर्वी गेट तक मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाना है।
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सीवर लाइन और पाइप लाइन के नक्शे मांगे
लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के मुख्य परियोजना प्रबंधक -2 इंद्रजीत वर्मा ने यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जल निगम के साथ जल संस्थान से सीवर लाइन और पाइप लाइन के नक्शे मांगे हैं। हाई प्रेशर सीवर लाइन की ड्राइंग और ले आउट प्लान के साथ रोड के मीडियन की दूरी भी मांगी गई थी, लेकिन यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई और जलकल विभाग के पास पुराने रिकार्ड ही मौजूद नहीं है।
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जल कल के पास 1992 के बाद डाली गई पाइप और सीवर लाइनों के रिकार्ड मौजूद हैं, लेकिन इससे पहले का रिकार्ड नहीं है। भूमिगत लाइनों के नक्शे न होने से खोदाई के दौरान इनके फटने, टूटने के मामले परेशानी खड़ी कर देंगे।
पीएसी की जमीन ट्रांसफर करने पर 9 को बैठक
आगरा मेट्रो रेल परियोजना में 15 वीं वाहिनी पीएसी की जमीन ट्रांसफर करने के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में रविवार शाम चार बजे लखनऊ में बैठक होनी थी, लेकिन यह स्थगित कर दी गई है। अब यह बैठक 9 अक्तूबर को लोकभवन स्थित अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में ही शम पांच बजे से होगी। इसमें आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और 15 वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक को बुलाया गया है।
पुरानी सीवर लाइनों की मैपिंग नहीं है, लेकिन मेट्रो के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे कर लाइनों के बारे में पता कराने की योजना है। इनमें अपने पुराने कर्मचारियों की मदद लेंगे, जिन्होंने लीकेज ठीक किए हैं। दोबारा से नक्शे बनाने का प्रयास हो रहा है। -आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग
हमें कुछ जगह के सीवर लाइन के नक्शे नहीं मिल पाए हैं। इनके उपलब्ध होने से खोदाई और एलाइनमेंट का काम आसान हो जाता। नहीं मिल पाएंगे तो तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ सावधानी से काम शुरू करेंगे- संजय मिश्रा, डायरेक्टर, मेट्रो रेल कारपोरेशन
पीएसी की जमीन ट्रांसफर करने पर 9 को बैठक
आगरा मेट्रो रेल परियोजना में 15 वीं वाहिनी पीएसी की जमीन ट्रांसफर करने के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में रविवार शाम चार बजे लखनऊ में बैठक होनी थी, लेकिन यह स्थगित कर दी गई है। अब यह बैठक 9 अक्तूबर को लोकभवन स्थित अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में ही शम पांच बजे से होगी। इसमें आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और 15 वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक को बुलाया गया है।
पुरानी सीवर लाइनों की मैपिंग नहीं है, लेकिन मेट्रो के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे कर लाइनों के बारे में पता कराने की योजना है। इनमें अपने पुराने कर्मचारियों की मदद लेंगे, जिन्होंने लीकेज ठीक किए हैं। दोबारा से नक्शे बनाने का प्रयास हो रहा है। -आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग
हमें कुछ जगह के सीवर लाइन के नक्शे नहीं मिल पाए हैं। इनके उपलब्ध होने से खोदाई और एलाइनमेंट का काम आसान हो जाता। नहीं मिल पाएंगे तो तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ सावधानी से काम शुरू करेंगे- संजय मिश्रा, डायरेक्टर, मेट्रो रेल कारपोरेशन
आठ जगह भूमिगत हैं मेट्रो के स्टेशन
मेट्रो के पहले कॉरीडोर सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट के बीच 15 में से 8 स्टेशन भूमिगत बनाए जाएंगे। इनमें यूनिवर्सिटी, आरबीएस कालेज, राजा की मंडी, आगरा कालेज, मेडिकल कालेज, जामा मस्जिद, आगरा फोर्ट और ताजमहल मेट्रो स्टेशन भूमिगत बनाए जाने हैं।
इसमें सबसे ज्यादा भूमिगत खोदाई और लाइनों की समस्या आगरा फोर्ट, जामा मस्जिद, मेडिकल कालेज, आगरा कालेज स्टेशन के बीच में आएगी। पुराने शहर में कहां पर पाइप और सीवर लाइनें हैं, इसकी जानकारी केवल पुराने कर्मचारियों को है। नक्शा न होने के कारण केवल अंदाजा ही संभव है। जो पुराने कर्मचारी हैं भी, उनके समय सड़कें चौड़ी नहीं थीं। तब जो पाइप या सीवर लाइन किनारे थी, अब वह बीचोबीच आ गई।
जमीन के नीचे 8 बाधाएं और भी
आठ स्टेशनों और ट्रैक के निर्माण के दौरान भूमिगत काम करने में सीवर लाइन के अलावा पानी की पाइप लाइन, बिजली की लाइनें, गैस पाइप लाइन, दूर संचार केबल भी समस्या बनेंगी। 11 कंपनियों की ओएफसी केबल बिछी हैं, जबकि दो कंपनियों की गैस लाइन है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए भूमिगत स्टेशनों के कॉरीडोर में खोदाई करनी होगी।
इसमें सबसे ज्यादा भूमिगत खोदाई और लाइनों की समस्या आगरा फोर्ट, जामा मस्जिद, मेडिकल कालेज, आगरा कालेज स्टेशन के बीच में आएगी। पुराने शहर में कहां पर पाइप और सीवर लाइनें हैं, इसकी जानकारी केवल पुराने कर्मचारियों को है। नक्शा न होने के कारण केवल अंदाजा ही संभव है। जो पुराने कर्मचारी हैं भी, उनके समय सड़कें चौड़ी नहीं थीं। तब जो पाइप या सीवर लाइन किनारे थी, अब वह बीचोबीच आ गई।
जमीन के नीचे 8 बाधाएं और भी
आठ स्टेशनों और ट्रैक के निर्माण के दौरान भूमिगत काम करने में सीवर लाइन के अलावा पानी की पाइप लाइन, बिजली की लाइनें, गैस पाइप लाइन, दूर संचार केबल भी समस्या बनेंगी। 11 कंपनियों की ओएफसी केबल बिछी हैं, जबकि दो कंपनियों की गैस लाइन है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए भूमिगत स्टेशनों के कॉरीडोर में खोदाई करनी होगी।