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यूपी सरकार की कर्जमाफी भी नहीं आई काम, किसान ने लगा ली फांसी
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहपुर सीकरी (आगरा)
Updated Thu, 21 Dec 2017 07:47 AM IST
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दरोगी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में फतेहपुर सीकरी के गांव डाबर के किसान दरोगी सिंह ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। घर में ही रस्सी से बनाए फंदे पर उसका शव झूलता मिला। परिवारवालों का कहना है कि बैंकों का कर्ज होने के चलते वह दबाव में थे।
हालांकि उन्हें प्रदेश सरकार की कर्जमाफी योजना का लाभ मिला था, लेकिन कर्ज बहुत ज्यादा होने के चलते काफी बचा रह गया था। बैंक कर्मचारी घर के चक्कर लगा रहे थे। वह इसी से परेशान चल रहे थे।
पीतम सिंह के तीन पुत्रों में सबसे छोटा बेटा दरोगी अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ अपने हिस्से के तीन बीघा खेत में फसल उगाकर व मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
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हालांकि उन्हें प्रदेश सरकार की कर्जमाफी योजना का लाभ मिला था, लेकिन कर्ज बहुत ज्यादा होने के चलते काफी बचा रह गया था। बैंक कर्मचारी घर के चक्कर लगा रहे थे। वह इसी से परेशान चल रहे थे।
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पीतम सिंह के तीन पुत्रों में सबसे छोटा बेटा दरोगी अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ अपने हिस्से के तीन बीघा खेत में फसल उगाकर व मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
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वर्ष 2015 में सूखा पड़ने, 2016 में ओलावृष्टि होने पर फसल बर्बाद हो गयी थी। पीड़ित किसान शासन से मुआवजे की आस लगाता रहा। वहीं वर्तमान में तीन बीघा खेत में सरसों व गेहूं की फसल खड़ी है ।
फसल में पहले पानी के लिये कोई इंतजाम नहीं था। परिवारीजनों ने यह भी बताया कि दरोगी सिंह के ऊपर खाद बीज का निजी कर्जा भी था। बुधवार दोपहर दरोगी अपनी पत्नी व बच्चों के साथ खेत में काम कर रहा था। सांय पांच बजे वह पत्नी से बहाना बनाकर घर चला आया और जान दे दी।
पत्नी व बच्चे जब घर पहुंचे तो कमरे का दृश्य देखकर हाहाकार मच गयी। पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना ग्राम प्रधान धर्म सिंह माहुरा द्वारा थाना पुलिस को दी गई।
फसल में पहले पानी के लिये कोई इंतजाम नहीं था। परिवारीजनों ने यह भी बताया कि दरोगी सिंह के ऊपर खाद बीज का निजी कर्जा भी था। बुधवार दोपहर दरोगी अपनी पत्नी व बच्चों के साथ खेत में काम कर रहा था। सांय पांच बजे वह पत्नी से बहाना बनाकर घर चला आया और जान दे दी।
पत्नी व बच्चे जब घर पहुंचे तो कमरे का दृश्य देखकर हाहाकार मच गयी। पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना ग्राम प्रधान धर्म सिंह माहुरा द्वारा थाना पुलिस को दी गई।