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दवा कारोबार पर शिकंजा: आगरा के इन 7 मेडिकल स्टोरों को रिमाइंडर, बिल नहीं दिए तो लाइसेंस होंगे निलंबित
Tue, 27 Oct 2026 10:27 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 27 Oct 2026 10:27 AM IST
सार
आगरा में दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल जमा नहीं करने पर औषधि विभाग ने सात और मेडिकल स्टोरों को रिमाइंडर जारी किए हैं। बिल उपलब्ध नहीं कराने पर इनके लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं। धनौली में पांच करोड़ रुपये की दवाएं बरामद होने और टेढ़ी बगिया व भरतपुर में दवाएं मिलने के मामलों के तार जोड़कर विभाग पुराने रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है।
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दवाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में औषधि विभाग ने सात और मेडिकल स्टोरों को रिमाइंडर जारी किए हैं। इन्होंने भी दवाओं की खरीद बिक्री के बिल जमा नहीं किए। बिल जमा नहीं करने पर इनके लाइसेंस को निलंबित किया जाएगा। पूर्व में इन स्टोरों के यहां पर जांच में बिल नहीं दिखाए थे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की आयुक्त डॉक्टर रोशन जैकब ने बीते महीनों में तीन बार छापा मारकर 80 से अधिक स्टोरों पर जांच की थी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर 58 के लाइसेंस भी निरस्त किए थे। इसके तार धनौली में जब्त दवाओं से जुड़ रहे हैं। ऐसे में पुराने मामलों की भी जांच तेज कर दी है। इसमें बीते दिन मोहन ट्रेडर्स की जांच भी गई। 10 से अधिक मेडिकल स्टोर संचालकों को भी रिमाइंडर दिए हैं।
छापे के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल नहीं मिले थे। इनसे मिले दवाओं के रिकॉर्ड का मिलान होगा। बिल नहीं देने पर इनकी फर्म के लाइसेंस को निलंबित किया जाएगा। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि पुराने मामलों की भी जांच चल रही है। दवाओं के बिल का मिलान करते हुए जांच की जाएगी। इसके लिए संचालकों से बिल मांगे गए हैं।
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कुआं-नाले और गोदाम में मिली थीं पांच करोड़ की दवाएं
औषधि विभाग ने धनौली के अवैध गोदाम में पांच करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की थीं। इसके कुछ दिन बाद टेढ़ी बगिया में नाले-झाड़ियों में और भरतपुर के बयाना में खेत में कुएं में दवाएं मिलीं। तीनों जगह से मिली दवाएं समान कंपनी और मर्ज की पाई गईं। इसी गैंग के सदस्यों ने यमुना किनारे भी दवाएं जलाकर नष्ट कीं। इसकी राख की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की आयुक्त डॉक्टर रोशन जैकब ने बीते महीनों में तीन बार छापा मारकर 80 से अधिक स्टोरों पर जांच की थी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर 58 के लाइसेंस भी निरस्त किए थे। इसके तार धनौली में जब्त दवाओं से जुड़ रहे हैं। ऐसे में पुराने मामलों की भी जांच तेज कर दी है। इसमें बीते दिन मोहन ट्रेडर्स की जांच भी गई। 10 से अधिक मेडिकल स्टोर संचालकों को भी रिमाइंडर दिए हैं।
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छापे के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल नहीं मिले थे। इनसे मिले दवाओं के रिकॉर्ड का मिलान होगा। बिल नहीं देने पर इनकी फर्म के लाइसेंस को निलंबित किया जाएगा। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि पुराने मामलों की भी जांच चल रही है। दवाओं के बिल का मिलान करते हुए जांच की जाएगी। इसके लिए संचालकों से बिल मांगे गए हैं।
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कुआं-नाले और गोदाम में मिली थीं पांच करोड़ की दवाएं
औषधि विभाग ने धनौली के अवैध गोदाम में पांच करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की थीं। इसके कुछ दिन बाद टेढ़ी बगिया में नाले-झाड़ियों में और भरतपुर के बयाना में खेत में कुएं में दवाएं मिलीं। तीनों जगह से मिली दवाएं समान कंपनी और मर्ज की पाई गईं। इसी गैंग के सदस्यों ने यमुना किनारे भी दवाएं जलाकर नष्ट कीं। इसकी राख की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।