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एक्सक्लूसिव: मरीजों के लिए घातक है डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन, तेजी से गिर रहीं प्लेटलेट्स, बरतें विशेष सावधानी
Thu, 30 Sep 2021 12:14 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 30 Sep 2021 12:14 PM IST
सार
आगरा में डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन मरीजों के लिए घातक साबित हो रहा है। डेन-2 स्ट्रेन मरीजों में तेजी से प्लेटलेट्स कम रही हैं, जिससे उनकी हालत गंभीर हो रही है। बता दें कि डेंगू के 13 मरीजों में डेन-2 स्ट्रेन मिला है।
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एसएन के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन मरीजों में तेजी से प्लेटलेट्स कम कर रहा है। हालत यह है कि 24 घंटे में 60 हजार से एक लाख तक प्लेटलेट्स गिर रही हैं। इससे मरीज की हालत गंभीर बन गई है। आगरा के एसएन मेडिल कॉलेज में भर्ती मरीजों की प्लेटलेट्स जांच में यह सामने आया है।
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डेंगू वार्ड के प्रभारी डॉ. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि 14 अगस्त से 29 सितंबर तक 109 मरीज भर्ती हुए, जिसमें से 98 मरीज ठीक हो चुके हैं और एक की मौत हुई है। 10 मरीज अभी वार्ड में भर्ती हैं। इनमें डेंगू के डेन-2 का असर दिख रहा है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए करीब 27 मरीज ऐसे रहे जिनकी प्लेटलेट्स तेजी से गिरीं। 12 से 24 घंटे पहले की रिपोर्ट में उनकी 1.20 लाख से 1.80 लाख प्लेटलेट्स मिलीं।
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मरीज के भर्ती होने वाले दिन ही रक्त का नमूना लेकर दोबारा प्लेटलेट्स की जांच कराई तो इनमें 60 हजार से एक लाख तक प्लेटलेट्स कम मिलीं। इनमें से नौ के तो 50 हजार से भी कम प्लेटलेट्स थीं, नाक-मुंह और पेट में रक्तस्राव भी हो रहा था। इनको प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गईं। इनमें 80 फीसदी मरीज फिरोजाबाद के रहे।
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तीन लैब में 600 तक मरीजों की जांच
एसएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. हरेंद्र यादव ने बताया कि इमरजेंसी समेत तीन लैब में 500 से 600 मरीजों की रक्त की जांच हो रही है। इनमें से 180 से 220 मरीज वायरल और डेंगू की जांच करा रहे हैं। इनमें से 40 फीसदी में 1.50 लाख से कम प्लेटलेट्स आ रही हैं। जबकि सामान्य तौर पर 1.50 से 4.50 लाख तक प्लेटलेट्स होनी चाहिए।
डबल म्यूटेशन से खतरनाक हुआ डेन-2 स्ट्रेन
एसएन के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 सीरोटाइप हैं। इनमें डेन-2 सबसे खतरनाक है, इसमें डेन-3 स्ट्रेन के म्यूटेशन की आंशका है, डबल म्यूटेशन से स्ट्रेन और खतरनाक हो गया है। इससे ही तंत्रिका तंत्र, बोनमेरो, हृदय, किडनी, लिवर समेत अन्य अंग प्रभावित हुए, रक्तस्राव भी अधिक हो रहा है।
प्लेटलेट्स कम होने पर लक्षण
- चक्कर आना, कमजोरी और सुस्ती।
- आंखें लाल हो जाना।
- शरीर पर लाल चकत्ते उभरना।
- नाक-मुंह और मल में खून आना।
ये करें
- तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
- फल, दाल, हरी सब्जी, चपाती, दलिया, खिचड़ी।
- उबला हुआ पानी, जूस, नारियल पानी पीएं।
- बुखार होने पर पेरासीटामोल लें, दर्द निवारक दवाएं कतई न लें।
जैसा के डॉ. अंजना पांडे फिजीशियन, एसएन कॉलेज ने बताया
एसएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. हरेंद्र यादव ने बताया कि इमरजेंसी समेत तीन लैब में 500 से 600 मरीजों की रक्त की जांच हो रही है। इनमें से 180 से 220 मरीज वायरल और डेंगू की जांच करा रहे हैं। इनमें से 40 फीसदी में 1.50 लाख से कम प्लेटलेट्स आ रही हैं। जबकि सामान्य तौर पर 1.50 से 4.50 लाख तक प्लेटलेट्स होनी चाहिए।
डबल म्यूटेशन से खतरनाक हुआ डेन-2 स्ट्रेन
एसएन के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 सीरोटाइप हैं। इनमें डेन-2 सबसे खतरनाक है, इसमें डेन-3 स्ट्रेन के म्यूटेशन की आंशका है, डबल म्यूटेशन से स्ट्रेन और खतरनाक हो गया है। इससे ही तंत्रिका तंत्र, बोनमेरो, हृदय, किडनी, लिवर समेत अन्य अंग प्रभावित हुए, रक्तस्राव भी अधिक हो रहा है।
प्लेटलेट्स कम होने पर लक्षण
- चक्कर आना, कमजोरी और सुस्ती।
- आंखें लाल हो जाना।
- शरीर पर लाल चकत्ते उभरना।
- नाक-मुंह और मल में खून आना।
ये करें
- तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
- फल, दाल, हरी सब्जी, चपाती, दलिया, खिचड़ी।
- उबला हुआ पानी, जूस, नारियल पानी पीएं।
- बुखार होने पर पेरासीटामोल लें, दर्द निवारक दवाएं कतई न लें।
जैसा के डॉ. अंजना पांडे फिजीशियन, एसएन कॉलेज ने बताया
अब तक डेंगू के 162 मरीज मिले
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती 10 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें से आगरा के तीन मरीज हैं। अब आगरा में डेंगू के मरीजों की संख्या 162 हो गई है। इसमें से 129 मरीज ठीक हो गए हैं। एसएन प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डेंगू वार्ड में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें से 10 की रिपोर्ट आई है, जिसमें से आगरा के तीन, फिरोजाबाद के चार, हाथरस के दो और एटा के एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है।
एक मरीज की रिपोर्ट आना बाकी है। चार मरीज ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिए हैं। मेडिसिन के डेंगू वार्ड में 10 और बच्चों के डेंगू वार्ड में एक बच्चे का इलाज चल रहा है। 14 अगस्त से 29 सितंबर तक एसएन के डेंगू वार्ड में 184 मरीज भर्ती हुए, जिसमें से 167 डिस्चार्ज हो गए हैं। दो की मौत हो चुकी है। 11 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती 10 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें से आगरा के तीन मरीज हैं। अब आगरा में डेंगू के मरीजों की संख्या 162 हो गई है। इसमें से 129 मरीज ठीक हो गए हैं। एसएन प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डेंगू वार्ड में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें से 10 की रिपोर्ट आई है, जिसमें से आगरा के तीन, फिरोजाबाद के चार, हाथरस के दो और एटा के एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है।
एक मरीज की रिपोर्ट आना बाकी है। चार मरीज ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिए हैं। मेडिसिन के डेंगू वार्ड में 10 और बच्चों के डेंगू वार्ड में एक बच्चे का इलाज चल रहा है। 14 अगस्त से 29 सितंबर तक एसएन के डेंगू वार्ड में 184 मरीज भर्ती हुए, जिसमें से 167 डिस्चार्ज हो गए हैं। दो की मौत हो चुकी है। 11 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।