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वादों के चौके-छक्के लगे, पीएम मोदी ने भी दिया भरोसा, फिर भी नहीं मिला आगरा को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
Mon, 28 Sep 2020 12:24 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2020 12:24 AM IST
सार
- बीस साल से आगरा में चल रही अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। हॉकी, क्रिकेट, एथलेटिक्स आदि में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी देने वाले शहर के खेल प्रेमियों को हर सरकार में मायूसी ही हाथ लगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग को लेकर कई बार एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में धरना और प्रदर्शन हुआ। चुनावों के दौरान हर एक राजनीतिक दल के उम्मीदवारों ने वादों के चौके-छक्के लगाए, जिससे खेल संस्थानों के पदाधिकारियों को उम्मीद बंधी, लेकिन चुनाव के बाद वादे पूरे न होने पर उन्हें हताश होकर पवेलियन लौटना पड़ा।
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प्रधानमंत्री मोदी ने किया था वादा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में जीआईसी मैदान में हुई चुनावी रैली में शहर की जनता से अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग पूरा करने का वादा किया था। लेकिन अभी तक बात आगे नहीं बढ़ी है। आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने पिछले साल संसद के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का मुद्दा उठाया था। बाद में इस दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
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शहर ने दिए पांच अर्जुन अवार्डी
वर्ष 1972 में एथलीट विजय सिंह, वर्ष 1990 में हॉकी खिलाड़ी जगबीर सिंह, 1996 में अजीत भदौरिया, 2019 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य पूनम यादव और वर्ष 2020 में शहर की बेटी दीप्ती शर्मा को अर्जुन अवार्ड मिला। इसके अलावा आगरा में देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग पूरी नहीं हो पाई। इंडियन प्रीमियर लीग में आगरा के क्रिकेटर कृष्णकांत उपाध्याय खेल चुके हैं। वर्तमान में दीपक चाहर, राहुल चाहर और तेजेंद्र सिंह ढिल्लन खेल रहे हैं।
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इसलिए होना चाहिए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा के खिलाड़ियों का खेल में शानदार प्रदर्शन रहा है।
- आगरा के पांच खिलाड़ी अर्जुन अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
- अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से आगरा को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
- ताज के शहर में बड़ी खेल प्रतियोगिताओं से पर्यटन भी बढ़ेगा।
- प्रधानमंत्री वर्ष 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम देने का वादा कर चुके हैं।
नए सिरे से होना चाहिए होमवर्क: ओलंपियन जगबीर सिंह
इंडियन हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जगबीर सिंह का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग के लिए खेलों के जानकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी बननी चाहिए। खेल के जानकारों को नए सिरे से जनप्रतिनिधियों को बताना होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम क्यों जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों को जमीन तलाशनी चाहिए। इसके बाद ही जनप्रतिनिधि खेल प्रेमियों की आवाज को मजबूती के साथ शासन में रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के किसी खिलाड़ी की इच्छा एक बार ताज देखने की जरूर होती है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा के खिलाड़ियों का खेल में शानदार प्रदर्शन रहा है।
- आगरा के पांच खिलाड़ी अर्जुन अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
- अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से आगरा को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
- ताज के शहर में बड़ी खेल प्रतियोगिताओं से पर्यटन भी बढ़ेगा।
- प्रधानमंत्री वर्ष 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम देने का वादा कर चुके हैं।
नए सिरे से होना चाहिए होमवर्क: ओलंपियन जगबीर सिंह
इंडियन हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जगबीर सिंह का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की मांग के लिए खेलों के जानकारों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी बननी चाहिए। खेल के जानकारों को नए सिरे से जनप्रतिनिधियों को बताना होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम क्यों जरूरी है। प्रशासनिक अधिकारियों को जमीन तलाशनी चाहिए। इसके बाद ही जनप्रतिनिधि खेल प्रेमियों की आवाज को मजबूती के साथ शासन में रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के किसी खिलाड़ी की इच्छा एक बार ताज देखने की जरूर होती है।
'गंभीरता नहीं दिखाई'
जिला ओलंपिक संघ के सचिव राहुल पालीवाल ने कहा कि विश्व पटल पर आगरा की अपनी एक अलग पहचान है। बीस साल में प्रदेश में कई सरकारें रहीं। शहर के किसी भी जनप्रतिनिधि ने कभी भी गंभीरता से इस मुद्दे को नहीं उठाया।
'उम्मीद को लगा झटका'
हॉकी आगरा के अध्यक्ष राजीव सोई ने कहा कि पिछले साल प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री चेतन चौहान ने भरोसा दिलाया था कि इस मांग को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। नई उम्मीद जगी थी। उनके असमय चले जाने से मामला अटक गया है।
'सिर्फ मिले कोरे वादे'
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शीतलानी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कोरे वादे और मजबूती से अपनी बात को नहीं रखने के कारण ही शहर को आज तक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं मिल सका है।
'देखनी होगी चूक की वजह'
जिला बास्केटबाल संघ के संयुक्त सचिव रीनेश मित्तल ने कहा कि शहर के तमाम खेल संघ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए बीस साल से लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें देखना होगा कि चूक किस स्तर से हो रही है।
जिला ओलंपिक संघ के सचिव राहुल पालीवाल ने कहा कि विश्व पटल पर आगरा की अपनी एक अलग पहचान है। बीस साल में प्रदेश में कई सरकारें रहीं। शहर के किसी भी जनप्रतिनिधि ने कभी भी गंभीरता से इस मुद्दे को नहीं उठाया।
'उम्मीद को लगा झटका'
हॉकी आगरा के अध्यक्ष राजीव सोई ने कहा कि पिछले साल प्रदेश के पूर्व खेल मंत्री चेतन चौहान ने भरोसा दिलाया था कि इस मांग को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। नई उम्मीद जगी थी। उनके असमय चले जाने से मामला अटक गया है।
'सिर्फ मिले कोरे वादे'
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शीतलानी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कोरे वादे और मजबूती से अपनी बात को नहीं रखने के कारण ही शहर को आज तक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं मिल सका है।
'देखनी होगी चूक की वजह'
जिला बास्केटबाल संघ के संयुक्त सचिव रीनेश मित्तल ने कहा कि शहर के तमाम खेल संघ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए बीस साल से लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें देखना होगा कि चूक किस स्तर से हो रही है।
शहर में पांच हजार से अधिक खिलाड़ी
शहर में विभिन्न खेलों में पांच हजार से अधिक खिलाड़ी हैं। ये स्टेडियम के अलावा निजी एकेडमियों में अभ्यास करते हैं। सुविधाओं की कमी के चलते पलायन हो रहा है। टेबिल टेनिस खिलाड़ी वर्तिका भारत का कहना है कि यहां खेलों की आधुनिक सुविधाएं नहीं है। बैडमिंटन में डबल्स में स्टेट चैंपियन आयुष अग्रवाल का कहना है कि यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से उन्हें लखनऊ का रुख करना पड़ा है।
खेल संघ मुहिम को फिर देंगे धार: डॉ. हरि सिंह
जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. हरि सिंह यादव का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम लाने के लिए एक बार फिर शहर के 24 खेल संघ मुहिम को धार देना शुरू करेंगे। संघों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जनप्रतिनिधियों को फिर से जगाया जाएगा।
शहर में विभिन्न खेलों में पांच हजार से अधिक खिलाड़ी हैं। ये स्टेडियम के अलावा निजी एकेडमियों में अभ्यास करते हैं। सुविधाओं की कमी के चलते पलायन हो रहा है। टेबिल टेनिस खिलाड़ी वर्तिका भारत का कहना है कि यहां खेलों की आधुनिक सुविधाएं नहीं है। बैडमिंटन में डबल्स में स्टेट चैंपियन आयुष अग्रवाल का कहना है कि यहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से उन्हें लखनऊ का रुख करना पड़ा है।
खेल संघ मुहिम को फिर देंगे धार: डॉ. हरि सिंह
जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. हरि सिंह यादव का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम लाने के लिए एक बार फिर शहर के 24 खेल संघ मुहिम को धार देना शुरू करेंगे। संघों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जनप्रतिनिधियों को फिर से जगाया जाएगा।