फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra College is lagging behind in the fight for post of Principal

UP: प्राचार्य पद की लड़ाई में पिछड़ रहा आगरा कॉलेज, जर्जर हो रही बिल्डिंग; मौलिक सुविधाओं के लिए भटक रहे छात्र

Sun, 06 Oct 2024 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 06 Oct 2024 09:18 AM IST
सार

आगरा कॉलेज के प्राचार्य पद की लड़ाई में नुकसान छात्र-छात्राओं का हो रहा है। वे मौलिक सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं। वहीं कॉलेज की इमारत की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

 

विज्ञापन
Agra College is lagging behind in the fight for post of Principal
आगरा कॉलेज Agra College - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एक सदी पुराना आगरा कॉलेज जंग का मैदान बना हुआ है। प्राचार्य पद की लड़ाई में कॉलेज का विकास उपेक्षित हो रहा है। कॉलेज में जगह-जगह पर छत से प्लास्टर झड़ रहा है तो शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। पीने के पानी के लिए भी छात्र-छात्राओं को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक का सफर तय करना पड़ता है। शिक्षकों के दो गुट में बंट चुके कॉलेज में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन





 

आंबेडकर विवि के सबसे पुराने महाविद्यालय आगरा कॉलेज का हाल बेहाल है। प्राचार्य पद पर प्रो. अनुराग शुक्ला के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं। सीजेएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद से ही प्राचार्य छुट्टी पर चल रहे हैं। डॉ. आरके श्रीवास्तव कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में काम देख रहे हैं। शिक्षकों के एक गुट को इस पर भी आपत्ति है। कहा जा रहा है कि डॉ. शुक्ला वरिष्ठता क्रम की अवहेलना करके डॉ. श्रीवास्तव को कार्यभार सौंप गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राचार्य पक्ष के लोग जहां राह की उम्मीद लगाए बैठे हैं तो विपक्ष के शिक्षक गिरफ्तारी के कयास लगा रहे हैं। इन सबके बीच में सबसे ज्यादा नुकसान कॉलेज को हो रहा है। बीए की छात्रा प्रिया कहती हैं कि कॉलेज में नियमित कक्षाएं नहीं लग रहीं। एक या दो प्रोफेसर ही आते हैं। कला वर्ग की छात्रा अनुप्रिया बताती हैं कि कॉलेज में प्रसाधन कक्ष (शौचालय) गंदगी से अटे पड़े हैं।
विज्ञापन

छात्र अभिषेक बताते हैं कि इतने पुराने कॉलेज में कहीं भी फर्स्ट फ्लोर पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। वाटर कूलर में पानी आता है तो मिल जाता है वरना हमें नीचे मुख्य भवन में जाकर पानी मिल पाता है। बीते दिनों हुई बरसात में प्राचार्य कक्ष के साथ-साथ केमिस्ट्री विभाग की छत का प्लास्टर भरभराकर गिरा था। छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को जर्जर भवन में कक्षाएं लेनी पड़ रही हैं। इस संबंध में कुलसचिव पीके सिंह का कहना है कि कॉलेज में व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्राचार्य की होती है। कॉलेज की व्यवस्थाओं के लिए विश्वविद्यालय जिम्मेदार नहीं होता।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed