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UP: आगरा पुलिस ने किया ऐसे गैंग का पर्दाफाश, जो सवारियों से करता था लूट...फिर बदल देता था ऑटो का रंग
Sat, 20 Sep 2025 09:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 20 Sep 2025 09:22 AM IST
सार
आगरा पुलिस के हाथ ऑटो गैंग के वो सदस्य हाथ लगे हैं, जो बेहद शातिर हैं। सवारियों से लूट के बाद ऑटो का रंग ही बदल देते थे, जिससे उनकी पहचान न हो सके।
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पुलिस गिरफ्त में गिरोह के सदस्य
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आगरा के हरीपर्वत पुलिस ने ऑटो में सवारियों को बैठाकर मोबाइल और नकदी लूटने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले लोगों को शिकार बनाते थे। ऑटो में बैठाने के बाद बातों में फंसाकर रुपये और मोबाइल पार कर लेते थे। इसके बाद रास्ते में उतारकर भाग जाते थे। बाद में ऑटो की छत पर लगे कवर का रंग बदलवा देते थे, जिससे पुलिस कैमरों से भी पहचान नहीं कर पाती थी। साथ ही नंबर प्लेट पर बोतल लगा देते थे, जिससे को पढ़ न सके। पुलिस ने एक वारदात के बाद ऑटो के रूट को देखकर आरोपी पकड़ लिए।
एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि अमित विहार काॅलोनी, टेढ़ी बगिया निवासी शिवा के साथ वारदात हुई थी। 8 सितंबर को वो सुल्तानगंज पुलिया से सिकंदरा जाने के लिए ऑटो में बैठा था। उसमें चालक के अलावा पीछे की सीट पर दो और लोग थे। इनमें से किसी ने उसका मोबाइल पार कर लिया। इसका उसे पता नहीं चला। कुछ दूर चलने पर चालक ने ऑटो रोका और आगे नहीं जाने की कहकर उतारकर चला गया।
बाद में उन्हें मोबाइल चोरी का पता चला था। पीड़ित ने बताया कि ऑटो का रंग हरा था। नंबर यूपी 80 डीटी के साथ आखिर में 6 था। नंबर प्लेट के बीच में बोतल लगी थी। इस कारण नंबर नहीं दिखा। पुलिस ने स्मार्ट सिटी के कैमरों से ऑटो की तलाश की। बृहस्पतिवार रात को 4 आरोपियों को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इनमें आवास विकास काॅलोनी निवासी कमल जैन, दहतोरा निवासी शाहरुख, न्यू आजमपाड़ा निवासी राजू और फिरोजाबाद के कश्मीरी गेट निवासी माजिद है। उनके पास से 11 मोबाइल, 4220 रुपये, एक ऑटो और तमंचा बरामद किया गया।
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बस स्टैंड के पास खड़ा करते हैं ऑटो
राजू ने पुलिस को बताया कि ऑटो कमल चलाता है। माजिद के साथ वो पीछे की सीट पर बैठ जाता है। बस स्टैंड के पास ऑटो खड़ा करते हैं। अकेले मिले व्यक्ति को बैठा लेते हैं। लोगों को बातों में फंसाकर मोबाइल और रुपये पार कर लेते हैं। बाद में ऑटो के आगे नहीं जाने की बोलकर उतारकर चले जाते हैं। बाद में मोबाइलों को बेच देते हैं। एक साथ कई वारदात करने के बाद ऑटो के ऊपरी कवर का रंग बदल देते हैं। साथ में नंबर प्लेट पर प्लास्टिक की बोतल लगाकर रखते हैं। इससे अगर कोई प्लेट देख भी ले तो नंबर नहीं पढ़ पाता था।
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एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि अमित विहार काॅलोनी, टेढ़ी बगिया निवासी शिवा के साथ वारदात हुई थी। 8 सितंबर को वो सुल्तानगंज पुलिया से सिकंदरा जाने के लिए ऑटो में बैठा था। उसमें चालक के अलावा पीछे की सीट पर दो और लोग थे। इनमें से किसी ने उसका मोबाइल पार कर लिया। इसका उसे पता नहीं चला। कुछ दूर चलने पर चालक ने ऑटो रोका और आगे नहीं जाने की कहकर उतारकर चला गया।
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बाद में उन्हें मोबाइल चोरी का पता चला था। पीड़ित ने बताया कि ऑटो का रंग हरा था। नंबर यूपी 80 डीटी के साथ आखिर में 6 था। नंबर प्लेट के बीच में बोतल लगी थी। इस कारण नंबर नहीं दिखा। पुलिस ने स्मार्ट सिटी के कैमरों से ऑटो की तलाश की। बृहस्पतिवार रात को 4 आरोपियों को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इनमें आवास विकास काॅलोनी निवासी कमल जैन, दहतोरा निवासी शाहरुख, न्यू आजमपाड़ा निवासी राजू और फिरोजाबाद के कश्मीरी गेट निवासी माजिद है। उनके पास से 11 मोबाइल, 4220 रुपये, एक ऑटो और तमंचा बरामद किया गया।
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बस स्टैंड के पास खड़ा करते हैं ऑटो
राजू ने पुलिस को बताया कि ऑटो कमल चलाता है। माजिद के साथ वो पीछे की सीट पर बैठ जाता है। बस स्टैंड के पास ऑटो खड़ा करते हैं। अकेले मिले व्यक्ति को बैठा लेते हैं। लोगों को बातों में फंसाकर मोबाइल और रुपये पार कर लेते हैं। बाद में ऑटो के आगे नहीं जाने की बोलकर उतारकर चले जाते हैं। बाद में मोबाइलों को बेच देते हैं। एक साथ कई वारदात करने के बाद ऑटो के ऊपरी कवर का रंग बदल देते हैं। साथ में नंबर प्लेट पर प्लास्टिक की बोतल लगाकर रखते हैं। इससे अगर कोई प्लेट देख भी ले तो नंबर नहीं पढ़ पाता था।