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बस इस बात की है देर, आगरा में भी लागू हो जाएगा ऑड-ईवन ट्रैफिक सिस्टम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 13 Feb 2018 05:26 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की तर्ज पर ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में भी ऑड-ईवन पद्धति पर ट्रैफिक सिस्टम लागू हो सकता है। बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने टीटीजेड कमेटी को यह सुझाव दिया है।
वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए और भी सुझाव दिए गए हैं। ताजमहल सहित टीटीजेड में अगले 100-200 साल के लिए प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को लेकर पिछले दिनों टीटीजेड कमेटी की बैठक हुई थी।
इसी में यूपीपीसीबी ने टीटीजेड में ऑड-ईवन फार्मूला लागू करने का सुझाव दिया था। कमेटी इस सुझाव पर मंथन कर रही है। यदि इस सुझाव पर मुहर लग जाती है तो टीटीजेड में ऑड-ईवन नंबरों के हिसाब से वाहनों के चलने के दिन तय हो सकते हैं।
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हो सकता है कि टीटीजेड में लागू करने से पहले इसका प्रयोग आगरा से ही शुरू हो। दरअसल, वायु प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद हवा दूषित होती जा रही है। इसका प्रभाव संगमरमरी ताजमहल पर पड़ रहा है। इसके संरक्षण के लिए ही यह सारी कवायद की जा रही हैं।
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वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए और भी सुझाव दिए गए हैं। ताजमहल सहित टीटीजेड में अगले 100-200 साल के लिए प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को लेकर पिछले दिनों टीटीजेड कमेटी की बैठक हुई थी।
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इसी में यूपीपीसीबी ने टीटीजेड में ऑड-ईवन फार्मूला लागू करने का सुझाव दिया था। कमेटी इस सुझाव पर मंथन कर रही है। यदि इस सुझाव पर मुहर लग जाती है तो टीटीजेड में ऑड-ईवन नंबरों के हिसाब से वाहनों के चलने के दिन तय हो सकते हैं।
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हो सकता है कि टीटीजेड में लागू करने से पहले इसका प्रयोग आगरा से ही शुरू हो। दरअसल, वायु प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। तमाम कोशिशों के बावजूद हवा दूषित होती जा रही है। इसका प्रभाव संगमरमरी ताजमहल पर पड़ रहा है। इसके संरक्षण के लिए ही यह सारी कवायद की जा रही हैं।
ये भी दिए सुझाव
-टीटीजेड में भारी वाहनों का आवागमन शहर में वर्जित रखा जाए तथा भारी वाहनों को भी सीएनजी/गैस आधारित किया जाए।
-छोटे वाहनों को पूरी तरह से एलपीजी/सीएनजी/नेचुरल गैस/बैटरी आधारित किया जाए।
-ट्रैफिक का नियंत्रण इस प्रकार किया जाए कि टीटीजेड में कहीं भी जाम की स्थिति न बने।
-फुटपाथ भी पक्के किए जाएं।
जल प्रदूषण के भी संबंध में प्रस्ताव
-टीटीजेड में शहरी सीवेज/ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से निस्तारित सीवरेज शुद्धिकरण किए जाने के लिए समुचित क्षमता वाले एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित किए जाएं।
-टीटीजेड में नगरीय अपशिष्ट का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति पर किया जाए।
-कहीं भी पानी का ठहराव न हो।
वर्ष पीएम 10 (धूल के कण)
2007 167
2008 167
2009 157
2010 167
2011 149
2012 178
2013 153
2014 152
2015 166
2016 168
2017 168
नोट: पीएम 10 के आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर में हैं।
-छोटे वाहनों को पूरी तरह से एलपीजी/सीएनजी/नेचुरल गैस/बैटरी आधारित किया जाए।
-ट्रैफिक का नियंत्रण इस प्रकार किया जाए कि टीटीजेड में कहीं भी जाम की स्थिति न बने।
-फुटपाथ भी पक्के किए जाएं।
जल प्रदूषण के भी संबंध में प्रस्ताव
-टीटीजेड में शहरी सीवेज/ड्रेनेज सिस्टम के माध्यम से निस्तारित सीवरेज शुद्धिकरण किए जाने के लिए समुचित क्षमता वाले एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित किए जाएं।
-टीटीजेड में नगरीय अपशिष्ट का निस्तारण वैज्ञानिक पद्धति पर किया जाए।
-कहीं भी पानी का ठहराव न हो।
वर्ष पीएम 10 (धूल के कण)
2007 167
2008 167
2009 157
2010 167
2011 149
2012 178
2013 153
2014 152
2015 166
2016 168
2017 168
नोट: पीएम 10 के आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर में हैं।