Agra: लापरवाही और अनदेखी की आग, जोखिम में जान, जनवरी से अब तक 800 अग्निकांड, पांच की मौत
आगरा में जनवरी से अब तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अग्निकांड की 800 घटनाएं हुई हैं, जिसमें पांच की जान जा चुकी है। शॉर्ट सर्किट से सर्वाधिक घटनाएं हुई हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताजनगरी में लापरवाही और अनदेखी से कई बार आग भड़क चुकी है। जनवरी से अब तक अग्निकांड की 800 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसमें करोड़ों के माल का नुकसान तो हुआ, साथ ही पांच लोगों की जान भी जा चुकी है। खराब और क्षतिग्रस्त वायरिंग में शॉर्ट सर्किट, कबाड़ सामान, जूता बनाने का सामान और ज्वलनशील केमिकल आग लगने की वजह बन चुके हैं। लोग सावधानी बरतें तो आग से बचाव संभव है।
नरीपुरा स्थित आर मधुराज हॉस्पिटल में दुकान में रखे फोम में बुधवार को आग लगी। आग से घर में धुआं भर गया। इसमें तीन लोगों की जान चली गई। इस घटना ने लोगों को चिंतित कर दिया है। अग्निशमन विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। छोटे से लेकर बड़े स्तर पर कारखाने संचालित हो रहे हैं। इनमें जूता बनाने का सामान से लेकर केमिकल रखा होता है। इसके उचित रखने की व्यवस्था न होने की वजह से कई बार आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- घर में एक सॉकेट में ज्यादा प्लग नहीं होने चाहिए। लोड के हिसाब से वायरिंग भी बदलवा लें।
- रसोई में काम खत्म होने पर रात में गैस सिलिंडर को रेग्युलेटर से बंद कर दें। गैस पाइप पुराना होने पर बदलवा दें।
- कारखाने में कबाड़ सामान, केमिकल, माल रखने की अलग-अलग व्यवस्था होनी चाहिए।
- कारखानों और अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगा होना चाहिए। यह कार्यशील हो। कबाड़ सामान प्रवेश द्वार पर नहीं होना चाहिए। आपातकालीन रास्ता होना चाहिए।
- आग बुझाने के लिए औद्योगिक भवन के हिसाब से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाना चाहिए, जिससे आग लगने पर वो बचाव कार्य कर सकें।
- प्रवेश और निकास द्वार मानक के हिसाब से बनाए जाएं। दमकल के पहुंचने की उचित व्यवस्था हो। आपातकाल के लिए अलग से स्ट्रेचर होने चाहिए।
- अपार्टमेंट में पानी का टैंक भूतल और छत पर होना चाहिए। हौज रील लगी हो।
दिवाली पर ऐसे करें बचाव
- दिवाली पर घरों में दीपक और मोमबत्तिया जलाई जाती हैं। इन्हें ऐसे स्थान पर न लगाएं, जहां पर पर्दा लगा हो। कोई कबाड़ सामान रखा हो।
- बच्चे पटाखे चलाएं तो बड़े भी साथ होने चाहिए। अपने पास पानी की बाल्टी भी रखें।
- खुले स्थान पर ही पटाखे चलाने चाहिए।
(जैसा मुख्य अग्निशमन अधिकारी अक्षय रंजन शर्मा ने बताया)