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आगरा: कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक से मुक्त होंगे ये 133 गांव, 100 दिन का रखा गया लक्ष्य 

Fri, 13 May 2022 03:43 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 13 May 2022 03:43 PM IST
सार

ताजनगरी आगरा के गांव भी अब साफ-सुथरे नजर आएंगे। 100 दिन में 133 गांवों में कचरा व प्लास्टिक प्रबंधन होगा। लोग प्रधान के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएंगे। 70 फीसद बजट स्वच्छ भारत मिशन व 30 फीसद ग्राम सभा खर्च करेगी।
   

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Agra 133 village will have garbage liquid and plastic management
विकास भवन में ओडीएफ प्लस के लिए दिया गया प्रशिक्षण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में अब हर गांव में कचरा, तरल व प्लास्टिक प्रबंधन होगा। पहले चरण में 100 दिन में 133 गांवों में कार्य योजना बनाकर मुहिम को अंजाम दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को विकास भवन में ओडीएफ प्लस के लिए बीडीओ, एडीओ व सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें कचरा व प्लास्टिक प्रबंधन से गांव को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य मिला है।

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जिले में 695 गांव हैं। सभी खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो चुके हैं। अब इन गांवों को कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए ओडीएफ प्लस मुहिम शुरू होने जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की राज्य सलाहकार तुहिना ने बृहस्पतिवार को बीडीओ, एडीओ व सचिवों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि कचरा से कम्पोस्ट खाद बनाई जाए। उपयोग हो चुके पानी को सोक पिट में डाला जाए। 

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प्लास्टिक के लिए  बनाए जाएं गांव में गड्ढे 

 मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि प्लास्टिक के लिए गांव में गड्ढे बनाए जाएं। उन्होंने प्लास्टिक, कचरा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने व उनसे आय अर्जित करने का तरीका सिखाया। जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. नीतेश भोंडेले ने बताया कि पहले चरण में 133 गांवों को 100 दिन में ओडीएफ प्लस किया जाएगा। ये ऐसे गांव हैं जहां आबादी पांच हजार से अधिक है। प्रधान व गांव के लोग मिलकर बैठक करेंगे। फिर गांव को कैसे ओडीएफ बनाना है, क्या क्या कार्य करने हैं उसकी कार्य योजना बनेगी। कार्य योजना के लिए 70 फीसदी बजट एसबीएम व 30 फीसदी बजट ग्राम सभा खर्च करेगी। प्रबंधन के बाद जो आय होगी उससे गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे।

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ऐसे बनेगी कार्य योजना

पांच हजार से अधिक आबादी के गांव ओडीएफ प्लस होंगे। कार्य योजना बनाने के लिए कूड़ा प्रबंधन पर प्रति व्यक्ति 45 रुपये और तरल प्रबंधन पर प्रति व्यक्ति 660 रुपये खर्च का आकलन करते हुए बजट बनेगा। इस बजट में 70% स्वच्छ भारत मिशन व 30% राशि ग्राम सभा को खर्च करनी होगी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लगेगा। 

गांव में लगेंगे प्लांट

- कचरा व कूड़ा प्रबंधन के लिए गांवों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। 
- गोबर गैस प्लांट, तरल प्रबंधन के लिए सोक पिट, रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे।
- पॉलिथीन, सिंगल यूज व प्लास्टिक प्रबंधन के लिए भी गांव में ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे।
- प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एडीओ, प्रधान व सचिवों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

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