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होली के त्योहार के बाद जिले में बढ़े डायरिया और पेटदर्द के मरीज
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जिला अस्पताल में मरीजों को उपचार देते डॉक्टर
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। होली के त्योहार के बाद जिले में डायरिया और पेटदर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में तीन दिन में डायरिया और पेटदर्द से पीड़ित 407 मरीज पहुंचे हैं। उनका प्राथमिक उपचार किया गया। 77 मरीजों को गंभीर हालत होने पर भर्ती कराया गया है। इसके अलावा चार मरीजों की मौत हो चुकी है।
होली के त्योहार के बाद जिला अस्पताल में फिजीशियन के पास प्रतिदिन 150 से 200 मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इनमें डायरिया और पेटदर्द के मरीजों की संख्या अधिक है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.जेेजे राम के अनुसार पिछले तीन दिनों में डायरिया और पेटदर्द की समस्या से ग्रसित 407 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया है।
77 मरीजों को हालत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया डायरिया और पेटदर्द के मरीजों की संख्या का बढ़ने का कारण संतुलित भोजन न करना है। उन्होंने मरीजों से समय से उपचार लेने की अपील की है। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल में डायरिया और पेटदर्द की समस्या से पीड़ित होने पर 19 मरीजों को भर्ती कराया जा चुका था।
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डायरिया के लक्षण
-पेट में दर्द होना
- पेट में ऐंठन होना
- पेट में सूजन होना
- निर्जलीकरण की समस्या होना
- पेटदर्द के साथ बुखार आना
- मल में खून आना
- बार-बार दस्त होना
- बार-बार उल्टी होना
रोकथाम के उपाय
-लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार कराएं
-ओआरएस का घोल लें
-विशेषज्ञ डॉक्टर से ही उपचार लें
-चिकनई युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
-स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें
-शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोएं
-स्वच्छ पानी का ही सेवन करें
होली के त्योहार पर असंतुलित भोजन करने के कारण डायरिया और पेटदर्द के मरीज बढ़े हैं। ऐसे मरीज लापरवाही न करें। उपचार में देरी से उनकी जान जा सकती है। संतुलित भोजन ही करें। घरों में अधिक दिनों तक गुझिया और अन्य रखे हुए पकवान का सेवन न करें।
डॉ. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियिन जिला अस्पताल
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होली के त्योहार के बाद जिला अस्पताल में फिजीशियन के पास प्रतिदिन 150 से 200 मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार इनमें डायरिया और पेटदर्द के मरीजों की संख्या अधिक है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.जेेजे राम के अनुसार पिछले तीन दिनों में डायरिया और पेटदर्द की समस्या से ग्रसित 407 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया गया है।
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77 मरीजों को हालत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया डायरिया और पेटदर्द के मरीजों की संख्या का बढ़ने का कारण संतुलित भोजन न करना है। उन्होंने मरीजों से समय से उपचार लेने की अपील की है। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल में डायरिया और पेटदर्द की समस्या से पीड़ित होने पर 19 मरीजों को भर्ती कराया जा चुका था।
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डायरिया के लक्षण
-पेट में दर्द होना
- पेट में ऐंठन होना
- पेट में सूजन होना
- निर्जलीकरण की समस्या होना
- पेटदर्द के साथ बुखार आना
- मल में खून आना
- बार-बार दस्त होना
- बार-बार उल्टी होना
रोकथाम के उपाय
-लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार कराएं
-ओआरएस का घोल लें
-विशेषज्ञ डॉक्टर से ही उपचार लें
-चिकनई युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
-स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें
-शौच जाने के बाद साबुन से हाथ धोएं
-स्वच्छ पानी का ही सेवन करें
होली के त्योहार पर असंतुलित भोजन करने के कारण डायरिया और पेटदर्द के मरीज बढ़े हैं। ऐसे मरीज लापरवाही न करें। उपचार में देरी से उनकी जान जा सकती है। संतुलित भोजन ही करें। घरों में अधिक दिनों तक गुझिया और अन्य रखे हुए पकवान का सेवन न करें।
डॉ. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियिन जिला अस्पताल