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इधर नहीं-नहीं, उधर धांय-धांय

Mon, 18 Apr 2016 06:55 PM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Mon, 18 Apr 2016 06:55 PM IST
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after girl denied, he fired
रुख्‍ासार - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
रुख्सार कुर्सी पर बैठी है। नदीम बेड पर। नदीम सवाल पर सवाल किए जा रहा है।
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रुख्सार के लब खामोश हैं। नदीम गुस्से में आ चुका है। अब आखिरी सवाल। इसके बाद कुछ नहीं पूछूंगा।

उसने रुख्सार से जोर से कहा, साफ -साफ बता दो, मुझसे शादी करनी है या नहीं?

अब रुख्सार की खामोशी टूटती है। चीखकर कहती है, नहीं.... नहीं....।

और अगले ही पल, धांय... धांय..।

नदीम कुछ बोला नहीं, रिवाल्वर निकाली और एक के बाद एक दो गोलियां चला दी। पहली रुख्सार के माथे पर। दूसरी अपनी कनपटी पर।

जिस कमरे में वारदात हुई, उसी से सटा ड्राइंग रूम है। यहां सोफे पर नदीम का जिगरी दोस्त सलमान बैठा था। जो अलीगढ़ से उसके साथ आया था। उसने पुलिस को बताया कि आखिर में रुख्सार ने नदीम के सवाल का नहीं में जवाब दिया। इसके बाद दो गोली चलने की आवाज आई। इसी से अंदाजा लगाया कि अंदर क्या घटनाक्रम रहा होगा?

वैसे नदीम तैयारी के साथ आया था। उसने अपने पिता असलम की लाइसेंसी रिवाल्वर ले रखी थी। सलमान का कहना है कि उसे नदीम के खूनी इरादे का जरा भी अहसास नहीं था। उसने उसे अलीगढ़ में अपने पास बुलाया था। बाइक पर बैठाकर बोला, आगरा तक चलना है। यहां आकर भी वह सामान्य दिख रहा था।
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रुख्सार के पिता निजामुद्दीन से उसने कहा कि वह कुछ बातें करने के लिए आया है। इस पर वह रुख्सार के कमरे में चला गया। अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। दोनों के बीच करीब तीन घंटे बातें हुई। अंदर से आ रही आवाज सुनकर लग  रहा था कि नदीम ही ज्यादा बोल रहा था। रुख्सार बहुत कम जवाब दे रही थी।
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हमें इसका अहसास नहीं था
रुख्सार के पिता निजामुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उन्हें जरा भी अहसास नहीं था कि नदीम खतरनाक इरादे लेकर आया है। इसकी भी जानकारी नहीं थी कि दोनों के बीच अनबन चल रही है। अगर पता होता तो उसे रुख्सार से क्यों मिलने देते?

हां, मेरा रिवाल्वर ले गया था
नदीम के पिता असलम से सदर थाना के  इंस्पेक्टर ने फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि उनका कैश और रिवाल्वर साथ रखे थे। उन्हें पता चला कि नदीम रिवाल्वर ले गया था। यह मालूम नहीं था कि उसका इरादा क्या है?

फेसबुक पर जाहिर थे मायूस आशिक के इरादे
 इश्क में नाकामी पर महबूबा को मिटाकर खुद को मिटा देने वाले नदीम सैफी के दर्द ए दिल की दास्तां तो पहले से जमाने के सामने थी। बस कोई उसकी मायूसी महसूस न कर पाया। फेसबुक पर पोस्ट किए गए उसके फोटो इशारा कर रहे थे कि वह कोई घातक कदम उठा सकता है। दर्द में डूबे मैसेज उसका हाल ए दिल बयां कर रहे थे। स्टेटस में खुद को अकेला बता रहा था। उसे तन्हाइयों ने घेर रखा था। अंदर ही अंदर घुट रहा था। उसके मन का गुबार निकला तो एक ही पल में दो लाशें बिछ गई।


उसने 13 अप्रैल को स्टेटस अपडेट किया, लिखा अलोन यानी अकेला। इससे पहले पांच अप्रैल को सलमान खान और ऐश्वर्य राय की फोटो के साथ उसने शेर लिखा। इसे पढ़कर लगता है कि जैसे वह रुख्सार से ही कुछ कहना चाहता हो। पांच अप्रैल को ही उसने एक फोटो अपलोड की, जिसमें एक  युवक की कनपटी से खून निकल रहा है। उसने एक तरफ अपनी अंगुली बंदूक की तरह लगाई है। इस तरफ लिखा है इन विद ए बुलेट। दूसरी ओर खून के साथ तीन शब्द निकले हैं, आउट विद हर्ट। अब वारदात के बाद उसके दोस्त सलमान ने उसका फेसबुक एकाउंट देखा तो उसे भी समझते देर न लगी कि उसका दोस्त किस मनोदशा से गुजर रहा था।
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