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आगरा: जहां गए 'साहब'... वहां भर गए सड़कों के गड्ढे, तीन-तीन बार की गई सफाई
Mon, 06 Sep 2021 11:16 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 06 Sep 2021 11:16 AM IST
सार
अपर मुख्य सचिव ने नगरायुक्त को नियमित सफाई के निर्देश दिए हैं। उनके निरीक्षण से पहले ही सेक्टर-चार मोड़ पर सड़कों के गड्ढों को गिट्टी डालकर भरा गया। जबकि बरसात के बाद पूरे शहर में सड़कें खराब पड़ी हैं।
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सड़क पर भरा गया गड्डा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
काश... साहब शहर में ही रहते। क्योंकि जहां-जहां उनके कदम पड़े, सड़कों के गड्ढे भर गए। तीन-तीन बार सफाई की गई। मच्छर मारने के लिए फॉगिंग कराई गई। दो दिन के निरीक्षण पर आगरा आए नोडल अधिकारी हेमंत राव ने रविवार को सेक्टर-चार मोड़ पर स्थित सतनाम नगर मलिन बस्ती का निरीक्षण किया, तो हकीकत सामने आ गई। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से पूछा क्या सफाई रोज होती है, तो लोगों ने उन्हें बताया कि आज सात दिन बाद यहां झाडू़ लगी है।
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अपर मुख्य सचिव ने नगरायुक्त को नियमित सफाई के निर्देश दिए हैं। उनके निरीक्षण से पहले ही सेक्टर-चार मोड़ पर सड़कों के गड्ढों को गिट्टी डालकर भरा गया। जबकि बरसात के बाद पूरे शहर में सड़कें खराब पड़ी हैं। महीनों से लोग गड्ढों से होकर गुजरने को मजबूर हैं। सतनाम नगर में निरीक्षण के समय स्वास्थ शिविर में उन्हें बीमारियों की जांच होती मिली। यहां से मुख्य सचिव स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने सेक्टर-दो पहुंचे।
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निर्माणाधीन ओवरहैड टैंक व जलाशय के डीपीआर के मुताबिक मानक जांचे। ओवरहैड टैंक पिलर की फीते से चौड़ाई जांची। निर्माण सामग्री की टेस्ट रिपोर्ट देखी। कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए। फिर उन्होंने जीवनी मंडी रोड पर चल रहे पेयजल पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण किया। जिसके बाद निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम प्रभु एन सिंह ने क्षेत्रीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
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'जो देखना था वह नहीं दिखाया'
कटरा उमर खां निवासी चेतन अरोड़ा ने कहा कि जो देखना था वह अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को नहीं दिखाया। शनिवार को वह कटरा फुलेल आए थे। उसके बराबर कटरा उमर है। दो साल से सड़क खोदी पड़ी है। सफाई करने वाले नहीं आते। नालियां भरी हैं। मच्छरों का प्रकोप है। कोई सुनवाई नहीं होती।
'तीन महीने से नहीं भरे थे गड्ढे '
सेक्टर-सात के राजेश अग्रवाल ने कहा कि हनुमान मंदिर मोड़ पर पुलिया छह महीने तक टूटी पड़ी रही। जब उसमें वाहन गिर गए। तब उसकी मरम्मत कराई। आवास विकास की कोई भी ऐसी सड़क नहीं जहां गड्ढे नहीं। तीन महीने से गड्ढे नहीं भरे गए थे। नोडल अधिकारी आए तो एक घंटे में गड्ढे भर गए।
'निजी खर्च पर कराते हैं सफाई'
चाणक्य पुरी निवासी आनंद शर्मा ने कहा कि मानस नगर, चाणक्य पुरी, हनुमान नगर में कभी सफाईकर्मी नहीं आते। निजी खर्च पर सफाई करानी पड़ती है। गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं। नगर निगम सिर्फ हाउस टैक्स वसूलता है। दो साल पहले चिप लगी, लेकिन आज तक डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हुआ।
'फॉगिंग के लिए नहीं आई टीम'
गुलाब नगर के हरिओम सिंह ने कहा कि मलिन बस्तियों में फॉगिंग नहीं होती। गुलाब नगर कभी टीम नहीं आई। मच्छर काटने से कई लोग बीमार हो चुके हैं। मलिन बस्तियों की जगह अधिकारियों के घरों में दवाइयों का छिड़काव कराया जा रहा है। जनता की समस्याओं से अधिकारी व नेताओं को मतलब नहीं।
कटरा उमर खां निवासी चेतन अरोड़ा ने कहा कि जो देखना था वह अधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को नहीं दिखाया। शनिवार को वह कटरा फुलेल आए थे। उसके बराबर कटरा उमर है। दो साल से सड़क खोदी पड़ी है। सफाई करने वाले नहीं आते। नालियां भरी हैं। मच्छरों का प्रकोप है। कोई सुनवाई नहीं होती।
'तीन महीने से नहीं भरे थे गड्ढे '
सेक्टर-सात के राजेश अग्रवाल ने कहा कि हनुमान मंदिर मोड़ पर पुलिया छह महीने तक टूटी पड़ी रही। जब उसमें वाहन गिर गए। तब उसकी मरम्मत कराई। आवास विकास की कोई भी ऐसी सड़क नहीं जहां गड्ढे नहीं। तीन महीने से गड्ढे नहीं भरे गए थे। नोडल अधिकारी आए तो एक घंटे में गड्ढे भर गए।
'निजी खर्च पर कराते हैं सफाई'
चाणक्य पुरी निवासी आनंद शर्मा ने कहा कि मानस नगर, चाणक्य पुरी, हनुमान नगर में कभी सफाईकर्मी नहीं आते। निजी खर्च पर सफाई करानी पड़ती है। गंदगी से मच्छर पनप रहे हैं। नगर निगम सिर्फ हाउस टैक्स वसूलता है। दो साल पहले चिप लगी, लेकिन आज तक डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हुआ।
'फॉगिंग के लिए नहीं आई टीम'
गुलाब नगर के हरिओम सिंह ने कहा कि मलिन बस्तियों में फॉगिंग नहीं होती। गुलाब नगर कभी टीम नहीं आई। मच्छर काटने से कई लोग बीमार हो चुके हैं। मलिन बस्तियों की जगह अधिकारियों के घरों में दवाइयों का छिड़काव कराया जा रहा है। जनता की समस्याओं से अधिकारी व नेताओं को मतलब नहीं।