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UP: पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई, थाना प्रभारी निरीक्षक लाइन हाजिर; तीन दरोगा निलंबित
Fri, 07 Feb 2025 01:35 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 07 Feb 2025 01:35 PM IST
सार
आगरा के थाना डाैकी की कबीस पुलिस चाैकी में आटा चक्की मालिक केदार सिंह (52) की माैत हो गई। इस मामले में जमकर हंगामा हो रहा है। वहीं इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना डौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है, वहीं तीन दरोगा भी निलंबित किए गए हैं।
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पुलिस कस्टडी में मौत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पूर्वी जोन कमिश्नरेट आगरा की चौकी कबीस थाना डौकी पर केदार सिंह पुत्र राजाराम को मुकदमे से सम्बन्धित पूछताछ के लिए चौकी कबीस पर लाया गया था, जहां पर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। इस प्रकरण में पुलिस उपायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना डौकी तरूण धीमान को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही कबीस पुलिस चाैकी प्रभारी सिद्धार्थ चौधरी, दरोगा शिवमंगल और रामसेवक को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
केदार सिंह पुत्र राजाराम धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में चार पुलिसकर्मी पकड़कर लाए थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने चाैकी में थर्ड डिग्री दी। मुंह में कपड़ा ठूंसकर पीटा, जिससे मौत हो गई। पता चलने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। पुलिसकर्मी चौकी में ताला बंद कर भाग गए। नाराज लोगों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण माने। मृतक की पत्नी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है।
गढ़ी हैसिया, डौकी निवासी केदार सिंह गांव में ही आटा चक्की चलाते थे। उनके भतीजे प्रमोद ने बताया कि दोपहर दो बजे जीप में चार-पांच पुलिसकर्मी घर पहुंचे। केदार सिंह को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे। परिजन ने पकड़कर ले जाने का कारण पूछा। इस पर कहा कि चौकी पर पहुंचने पर बताया जाएगा। आरोप लगाया कि चाचा केदार सिंह को बरौली अहीर मोड़ पर पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में ही पीटना शुरू कर दिया।
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पीछे आते भाइयों ने पुलिसकर्मियों को रोका। मगर, वो नहीं माने। वह उनको चौकी लेकर चले गए, जहां केदार सिंह के मुंह में कपड़ा ठूंसकर बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा। शाम चार बजे हालत बिगड़ने पर ऑटो में अस्पताल ले गए, जहां उनकी मृत्यु हो गई। पुलिसकर्मी बिना परिजन को सूचना दिए शव पोस्टमार्टम ले गए।
इसकी जानकारी पर आए ग्रामीणों ने पहले पुलिस चाैकी पर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों का गुस्सा देखकर पुलिसकर्मी भाग गए। इस पर शमसाबाद और फतेहाबाद सर्किल की फोर्स के साथ अधिकारी पहुंचे। शाम 6 बजे ग्रामीणों ने लखनऊ एक्सप्रेस वे पर टोल प्लाजा के पास जाम लगा दिया।
इससे दिल्ली, एत्मादपुर और आगरा की तरफ से आने वाले वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीण शव को लेकर आने की मांग करने लगे। एसीपी शमसाबाद गिरीश कुमार ने समझाने का प्रयास किया। महिलाओं ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की। रात 7:45 बजे डीसीपी पूर्वी जोन अतुल शर्मा आए। मृतक की पत्नी ने उन्हें तहरीर दी। इसमें पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कार्रवाई के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम खोला जा सका।
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केदार सिंह पुत्र राजाराम धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में चार पुलिसकर्मी पकड़कर लाए थे। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने चाैकी में थर्ड डिग्री दी। मुंह में कपड़ा ठूंसकर पीटा, जिससे मौत हो गई। पता चलने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। पुलिसकर्मी चौकी में ताला बंद कर भाग गए। नाराज लोगों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण माने। मृतक की पत्नी ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है।
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गढ़ी हैसिया, डौकी निवासी केदार सिंह गांव में ही आटा चक्की चलाते थे। उनके भतीजे प्रमोद ने बताया कि दोपहर दो बजे जीप में चार-पांच पुलिसकर्मी घर पहुंचे। केदार सिंह को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे। परिजन ने पकड़कर ले जाने का कारण पूछा। इस पर कहा कि चौकी पर पहुंचने पर बताया जाएगा। आरोप लगाया कि चाचा केदार सिंह को बरौली अहीर मोड़ पर पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में ही पीटना शुरू कर दिया।
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पीछे आते भाइयों ने पुलिसकर्मियों को रोका। मगर, वो नहीं माने। वह उनको चौकी लेकर चले गए, जहां केदार सिंह के मुंह में कपड़ा ठूंसकर बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा। शाम चार बजे हालत बिगड़ने पर ऑटो में अस्पताल ले गए, जहां उनकी मृत्यु हो गई। पुलिसकर्मी बिना परिजन को सूचना दिए शव पोस्टमार्टम ले गए।
इसकी जानकारी पर आए ग्रामीणों ने पहले पुलिस चाैकी पर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों का गुस्सा देखकर पुलिसकर्मी भाग गए। इस पर शमसाबाद और फतेहाबाद सर्किल की फोर्स के साथ अधिकारी पहुंचे। शाम 6 बजे ग्रामीणों ने लखनऊ एक्सप्रेस वे पर टोल प्लाजा के पास जाम लगा दिया।
इससे दिल्ली, एत्मादपुर और आगरा की तरफ से आने वाले वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीण शव को लेकर आने की मांग करने लगे। एसीपी शमसाबाद गिरीश कुमार ने समझाने का प्रयास किया। महिलाओं ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की। रात 7:45 बजे डीसीपी पूर्वी जोन अतुल शर्मा आए। मृतक की पत्नी ने उन्हें तहरीर दी। इसमें पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कार्रवाई के आश्वासन पर दो घंटे बाद जाम खोला जा सका।