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Agra: सरकारी नौकरी की झांसा...आरोपियों ने थमा दिया फर्जी नियुक्तिपत्र, 7.75 लाख रुपये ठग लिए
Sat, 24 May 2025 10:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 24 May 2025 10:04 AM IST
सार
आगरा की सिकंदरा सब्जी मंडी के काम करने वाले को बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी की गई। इतना ही नहीं फर्जी नियुक्तिपत्र भी थमा दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के सिकंदरा सब्जी मंडी में काम करने वाले व्यक्ति को उसके ही साथी ने बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर अपने परिचित अधिवक्ता से मिला दिया। उसने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता और पहुंच वाला बताकर 7.75 लाख रुपये ठग लिए। दो बार नियुक्तिपत्र दिए, जांच में दोनों फर्जी निकले।
सिकंदरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया। बताया कि पिता अमर सिंह सब्जी मंडी में काम करते हैं। वहां उनके साथ सोनवीर बघेल भी काम करता है। सोनवीर ने पिता को बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया। टेढ़ी बगिया निवासी देवेंद्र बघेल से मिलवाया।
देवेंद्र बघेल ने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताया। कहा कि उसकी जजों और मंत्रियों के साथ जान पहचान है। सरकारी नौकरी लगवा देगा। पिता ने भरोसा कर 23 फरवरी 2022 को चपरासी की नौकरी के लिए 7.50 लाख दे दिए। एक साल बाद नियुक्तिपत्र जल्द आने का वादा कर खर्च के नाम पर 25 हजार और ले लिए।
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मार्च 2023 में संभागीय उपनिदेशक विभाग के नाम से घर पर नियुक्तिपत्र आया। उसमें 3 अप्रैल 2023 से 45 दिनों के अंदर नौकरी पर कार्यभार संभालने के लिए लिखा था। देवेंद्र के साथ जॉइनिंग के लिए गया तो आरोपी लखनऊ में इधर-उधर घुमाता रहा, इसके बाद घर लौटा लाया।
इसके बाद क्षेत्रीय उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग का एक नियुक्तिपत्र घर आया। जानकारी करने पर पता चला कि विभाग की तरफ से कोई नियुक्तिपत्र जारी नहीं हुआ। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने 1 मई 2024 को 4 लाख रुपये का चेक दिया जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। सिकंदरा थाना प्रभारी ने बताया कि साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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सिकंदरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया। बताया कि पिता अमर सिंह सब्जी मंडी में काम करते हैं। वहां उनके साथ सोनवीर बघेल भी काम करता है। सोनवीर ने पिता को बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया। टेढ़ी बगिया निवासी देवेंद्र बघेल से मिलवाया।
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देवेंद्र बघेल ने खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताया। कहा कि उसकी जजों और मंत्रियों के साथ जान पहचान है। सरकारी नौकरी लगवा देगा। पिता ने भरोसा कर 23 फरवरी 2022 को चपरासी की नौकरी के लिए 7.50 लाख दे दिए। एक साल बाद नियुक्तिपत्र जल्द आने का वादा कर खर्च के नाम पर 25 हजार और ले लिए।
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मार्च 2023 में संभागीय उपनिदेशक विभाग के नाम से घर पर नियुक्तिपत्र आया। उसमें 3 अप्रैल 2023 से 45 दिनों के अंदर नौकरी पर कार्यभार संभालने के लिए लिखा था। देवेंद्र के साथ जॉइनिंग के लिए गया तो आरोपी लखनऊ में इधर-उधर घुमाता रहा, इसके बाद घर लौटा लाया।
इसके बाद क्षेत्रीय उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग का एक नियुक्तिपत्र घर आया। जानकारी करने पर पता चला कि विभाग की तरफ से कोई नियुक्तिपत्र जारी नहीं हुआ। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने 1 मई 2024 को 4 लाख रुपये का चेक दिया जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। सिकंदरा थाना प्रभारी ने बताया कि साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।