{"_id":"3-49172","slug":"Agra-49172-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदे का मोहताज नहीं होगा ताज महोत्सव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदे का मोहताज नहीं होगा ताज महोत्सव
Agra
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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आगरा। 2013 में भले ही ताज महोत्सव के आयोजन के लिए खर्च जुटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी हो, लेकिन इसके बाद प्रशासन को चंदा जुटाने की कवायद नहीं करनी पड़ेगी। पर्यटन विभाग शिल्पग्राम से पैसा कमाएगा उसे ताज महोत्सव में लगाया जाएगा। कमिश्नर के निरीक्षण के बाद इस पर प्रस्ताव की कवायद शुरू कर दी गई है।
ताज महोत्सव के आयोजन का खर्च करीब एक करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि आयोजन के लिए सरकार से केवल दो लाख रुपये मिलते हैं। ऐसे में खर्च को पूरा करने के लिए प्रशासन हर साल बैठक कर विभाग, संस्थाओं से आर्थिक सहयोग लेता है। कई बार खर्च निकालना मुश्किल होता है। ऐसे में शिल्पग्राम से कमाई की कवायद की जा रही है। कुछ दिनों पहले कमिश्नर द्वारा शिल्पग्राम के निरीक्षण के दौरान इस संबंध में सुझाव मांगे गए और प्रस्ताव की कवायद शुरू कर दी गई।
शिल्पग्राम में नव निर्मित तीन मंजिला शिल्प भवन की छत पर ओपेन बार का प्रस्ताव रखा गया है। चूंकि शिल्प ग्राम में विदेशी टूरिस्ट अधिक आते हैं ऐसे में उन्हें लुभाने के लिए यह कवायद की जा रही है। ताजमहल के पास के भवनों में यह सबसे ऊंचा है और यहां से ताज को मुसोलियम और तीन मीनारों सहित देखा जा सकता है। विभाग इसे कैश कराने की तैयारी कर रहा है।
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साथ ही शिल्पग्राम को मैरिज गार्डन के रूप में इस्तेमाल किए जाने का प्रसार प्रचार करने की भी तैयारी हैं। बताते चलें शिल्प ग्राम को सालों से शादी ब्याह के लिए किराये पर दिया जाता है। मुक्ताकाशीय मंच सहित सामने का पूरा खुला एरिया मिलने पर यहां पार्टी की भव्य व्यवस्थाएं हो जाती हैं। एडीएम सिटी अरुण प्रकाश का कहना है कि कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान यह प्रस्ताव आया था। हालांकि अभी शिल्प भवन को राजकीय निर्माण निगम ने यूपी पर्यटन को हस्तांतरित नहीं किया है, लेकिन जल्द ही यह कार्रवाई हो जाएगी।
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ताज महोत्सव के आयोजन का खर्च करीब एक करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि आयोजन के लिए सरकार से केवल दो लाख रुपये मिलते हैं। ऐसे में खर्च को पूरा करने के लिए प्रशासन हर साल बैठक कर विभाग, संस्थाओं से आर्थिक सहयोग लेता है। कई बार खर्च निकालना मुश्किल होता है। ऐसे में शिल्पग्राम से कमाई की कवायद की जा रही है। कुछ दिनों पहले कमिश्नर द्वारा शिल्पग्राम के निरीक्षण के दौरान इस संबंध में सुझाव मांगे गए और प्रस्ताव की कवायद शुरू कर दी गई।
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शिल्पग्राम में नव निर्मित तीन मंजिला शिल्प भवन की छत पर ओपेन बार का प्रस्ताव रखा गया है। चूंकि शिल्प ग्राम में विदेशी टूरिस्ट अधिक आते हैं ऐसे में उन्हें लुभाने के लिए यह कवायद की जा रही है। ताजमहल के पास के भवनों में यह सबसे ऊंचा है और यहां से ताज को मुसोलियम और तीन मीनारों सहित देखा जा सकता है। विभाग इसे कैश कराने की तैयारी कर रहा है।
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साथ ही शिल्पग्राम को मैरिज गार्डन के रूप में इस्तेमाल किए जाने का प्रसार प्रचार करने की भी तैयारी हैं। बताते चलें शिल्प ग्राम को सालों से शादी ब्याह के लिए किराये पर दिया जाता है। मुक्ताकाशीय मंच सहित सामने का पूरा खुला एरिया मिलने पर यहां पार्टी की भव्य व्यवस्थाएं हो जाती हैं। एडीएम सिटी अरुण प्रकाश का कहना है कि कमिश्नर के निरीक्षण के दौरान यह प्रस्ताव आया था। हालांकि अभी शिल्प भवन को राजकीय निर्माण निगम ने यूपी पर्यटन को हस्तांतरित नहीं किया है, लेकिन जल्द ही यह कार्रवाई हो जाएगी।