{"_id":"3-48963","slug":"Agra-48963-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीरी दिखाएगी ताजगंज प्रोजेक्ट को हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीरी दिखाएगी ताजगंज प्रोजेक्ट को हरी झंडी
Agra
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
आगरा। राष्ट्रीय पर्यावरण प्रौद्योगिकी एवं शोध संस्थान (नीरी) न केवल ताजमहल पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का अध्ययन करेगा, बल्कि ताजगंज प्रोजेक्ट में होेेने वाले विकास कार्यों से ताज पर पड़ने वाले प्रभावों का आंकलन भी करेगा।
नीरी की टीम ताजमहल में अध्ययन के साथ ही ताजगंज का सर्वे भी करेगी। इसके लिए एएसआई ने नीरी को 25 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ताजगंज प्रोजेक्ट में 140 करोड़ की लागत से ताजमहल के आसपास के विकास कार्य कराए जाने हैं। इस प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है, लेकिन प्रस्ताव के तहत होने वाले कार्यों के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति भी लेनी होगी। इसी के चलते यह निर्णय लिया गया है कि ताजगंज प्रोजेक्ट में होने वाले विकास कार्यों से पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन भी नीरी की टीम कर ले, ताकि रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जा सके। इसके लिए नीरी के विशेषज्ञ मंगलवार को यहां पहुंच गए। वैज्ञानिकों की यह टीम अब ताजमहल के अलावा ताजगंज के इलाकों में भी अपना अध्ययन करेगी।
इनसेट.......
उपकरण स्थापित
करने में जुटी टीम
नीरी के विशेषज्ञों की टीम ताजमहल पर पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव समेत अन्य विषयों पर विस्तृत शोध कर रही है। इसी कड़ी में नीरी के सात सदस्यों की टीम वैज्ञानिक केवी जॉर्ज के नेतृत्व में ताजमहल में पहुंची। इसको लेकर यहां टीम पीएम मानीटर स्थापित कर रही है। दो उपकरण पहले ही ताज परिसर में स्थापित किए जा चुकेहैं। पार्टिकुर्लेट मैटर मानीटर नामक उपकरण से ताज पर धूल कणों के प्रभाव का अध्ययन किया जाना है। इस उपकरण को स्थापित करने में एक सप्ताह का वक्त लगेगा। मंगलवार को टीम के वैज्ञानिक जांच परख में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नीरी की टीम ताजमहल में अध्ययन के साथ ही ताजगंज का सर्वे भी करेगी। इसके लिए एएसआई ने नीरी को 25 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ताजगंज प्रोजेक्ट में 140 करोड़ की लागत से ताजमहल के आसपास के विकास कार्य कराए जाने हैं। इस प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है, लेकिन प्रस्ताव के तहत होने वाले कार्यों के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति भी लेनी होगी। इसी के चलते यह निर्णय लिया गया है कि ताजगंज प्रोजेक्ट में होने वाले विकास कार्यों से पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन भी नीरी की टीम कर ले, ताकि रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जा सके। इसके लिए नीरी के विशेषज्ञ मंगलवार को यहां पहुंच गए। वैज्ञानिकों की यह टीम अब ताजमहल के अलावा ताजगंज के इलाकों में भी अपना अध्ययन करेगी।
विज्ञापन
इनसेट.......
उपकरण स्थापित
करने में जुटी टीम
नीरी के विशेषज्ञों की टीम ताजमहल पर पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव समेत अन्य विषयों पर विस्तृत शोध कर रही है। इसी कड़ी में नीरी के सात सदस्यों की टीम वैज्ञानिक केवी जॉर्ज के नेतृत्व में ताजमहल में पहुंची। इसको लेकर यहां टीम पीएम मानीटर स्थापित कर रही है। दो उपकरण पहले ही ताज परिसर में स्थापित किए जा चुकेहैं। पार्टिकुर्लेट मैटर मानीटर नामक उपकरण से ताज पर धूल कणों के प्रभाव का अध्ययन किया जाना है। इस उपकरण को स्थापित करने में एक सप्ताह का वक्त लगेगा। मंगलवार को टीम के वैज्ञानिक जांच परख में लगे रहे।
विज्ञापन