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मध्य प्रदेश सरकार तैयार, यूपी ने अटकाया रोड़ा
Agra
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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बाह./पिनाहट (आगरा)। पिछले 23 वर्ष से लंबित पड़े पिनाहट पुल को बनवाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है। बाकायदा बजट भी पास होगया, लेकिन यूपी सरकार इस ओर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आए प्रस्ताव की फाइल धूल फांक रही है। हालांकि संबंधित अधिकारी इस पर काम चलने की बात कह रहे हैं।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सीमा स्थित जोधापुरा गांव में बनने वाले पिनाहट पुल का शिलान्यास वर्ष 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने किया। इस दौरान सोनिया गांधी सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे थे। शिलान्यास के बाद से पुल निर्माण के लिए कोई भी आगे नहीं आया। आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पास ने पुल की लड़ाई शुरू की तो खुलासा हुआ कि 22 वर्ष में पुल के लिए कोई कार्ययोजना ही तैयार नहीं की गई है। ‘अमर उजाला’ ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। बात प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। नरेश पारस के नेतृत्व में दर्जनों बार पुल के लिए आंदोलन किए गए। अंतत: लड़ाई रंग आई और मध्य प्रदेश सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी। लोक निर्माण विभाग की वित्तीय व्यय समिति की बैठक में चंबल नदी के पिनाहट के उसैद घाट पर पुल निर्माण के लिए 2783.46 लाख रुपये बजट स्वीकृत कर दिया। अब पुल निर्माण की गेंद यूपी के पाले में हैं। सेतु निर्माण संभाग ग्वालियर ने पिछली 4 सितंबर को उप वन सरंक्षक राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट यूपी को पत्र लिखकर पुल निर्माण की स्वीकृत मांगी है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिल सका।
= पिनाहट में स्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव आया है। अभी प्राथमिक स्तर पर है। इस पर कार्रवाई की जा रही है।
- एस. बनर्जी, उप वन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी
= मध्य प्रदेश सरकार ने पुल को हरी झंडी दे दी है। पिनाहट पुल बनने से हमें कोई ऐतराज नहीं है।
- डीके यादव, परियोजना प्रबंधक, राज्य सेतु निगम
पुल बनवाने की मांग को लेकर धरना
पुल बनाने की मांग को लेकर आरटीआई एक्टविस्ट नरेश पारस के नेतृत्व में दर्जनो लोगों ने एक बार फिर रविवार को शहीद स्मारक पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि अब भी यूपी सरकार पुल बनने में रोड़ा अटका रही है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर बृज खंडेलवाल, शंकरदेव तिवारी, आनंद राय, देवाशीष भट्टाचार्य, चंद्रकांत त्रिपाठी, रवींद्र वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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30 किमी में सिमेटा 150 किमी सफर
पुल बनने से 150 किलोमीटर का सफर केवल 30 किलोमीटर में सिमट जाएगा। अभी पिनाहट से मध्य प्रदेश की अम्बाह तहसील में जाने के लिए पहले राजस्थान के कस्बा राजाखेड़ा से होकर जिला मुख्यालय धौलपुर जाना पड़ता है। इसके बाद मुरैना जिले से होकर अम्बाह का सफर करना पड़ता है। पुल बन जाने से केवल 30 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी।
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उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सीमा स्थित जोधापुरा गांव में बनने वाले पिनाहट पुल का शिलान्यास वर्ष 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने किया। इस दौरान सोनिया गांधी सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे थे। शिलान्यास के बाद से पुल निर्माण के लिए कोई भी आगे नहीं आया। आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पास ने पुल की लड़ाई शुरू की तो खुलासा हुआ कि 22 वर्ष में पुल के लिए कोई कार्ययोजना ही तैयार नहीं की गई है। ‘अमर उजाला’ ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। बात प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। नरेश पारस के नेतृत्व में दर्जनों बार पुल के लिए आंदोलन किए गए। अंतत: लड़ाई रंग आई और मध्य प्रदेश सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी। लोक निर्माण विभाग की वित्तीय व्यय समिति की बैठक में चंबल नदी के पिनाहट के उसैद घाट पर पुल निर्माण के लिए 2783.46 लाख रुपये बजट स्वीकृत कर दिया। अब पुल निर्माण की गेंद यूपी के पाले में हैं। सेतु निर्माण संभाग ग्वालियर ने पिछली 4 सितंबर को उप वन सरंक्षक राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी प्रोजेक्ट यूपी को पत्र लिखकर पुल निर्माण की स्वीकृत मांगी है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिल सका।
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= पिनाहट में स्थायी पुल बनाने का प्रस्ताव आया है। अभी प्राथमिक स्तर पर है। इस पर कार्रवाई की जा रही है।
- एस. बनर्जी, उप वन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी
= मध्य प्रदेश सरकार ने पुल को हरी झंडी दे दी है। पिनाहट पुल बनने से हमें कोई ऐतराज नहीं है।
- डीके यादव, परियोजना प्रबंधक, राज्य सेतु निगम
पुल बनवाने की मांग को लेकर धरना
पुल बनाने की मांग को लेकर आरटीआई एक्टविस्ट नरेश पारस के नेतृत्व में दर्जनो लोगों ने एक बार फिर रविवार को शहीद स्मारक पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि अब भी यूपी सरकार पुल बनने में रोड़ा अटका रही है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर बृज खंडेलवाल, शंकरदेव तिवारी, आनंद राय, देवाशीष भट्टाचार्य, चंद्रकांत त्रिपाठी, रवींद्र वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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30 किमी में सिमेटा 150 किमी सफर
पुल बनने से 150 किलोमीटर का सफर केवल 30 किलोमीटर में सिमट जाएगा। अभी पिनाहट से मध्य प्रदेश की अम्बाह तहसील में जाने के लिए पहले राजस्थान के कस्बा राजाखेड़ा से होकर जिला मुख्यालय धौलपुर जाना पड़ता है। इसके बाद मुरैना जिले से होकर अम्बाह का सफर करना पड़ता है। पुल बन जाने से केवल 30 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ेगी।