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एक अप्रैल से दोबारा लागू होगी ई-वे बिल व्यवस्था
Updated Fri, 30 Mar 2018 11:36 PM IST
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फिरोजाबाद। दो माह की फौरी राहत के बाद एक अप्रैल से पूरे देश में एक बार फिर ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने जा रही है। व्यापारियों को 50 हजार से अधिक का माल एक राज्य से दूसरे राज्य में परिवहन करने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
केंद्र सरकार ने एक फरवरी से पूरे देश में ई-वे बिल व्यवस्था लागू की थी, लेकिन ई-वे बिल साइट नहीं खुलने से करोड़ों रुपये का माल बीच में फंस गया। उद्यमियों और व्यापारियों की समस्या को देख केंद्र सरकार ने ई-वे बिल व्यवस्था से फौरी तौर पर राहत दे दी थी थी। अब केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से दोबारा देशभर ई-वे बिल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर (सचल दल) नृपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था दोबारा लागू हो रही है। यह व्यवस्था अंतरप्रांतीय माल के परिवहन पर प्रभावी होगी।
उन्होंने बताया कि 50 हजार से अधिक का माल परिवहन करने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था प्रभावी होने से पूर्व में जारी ई-वे बिल संख्या एक, दो, तीन एवं आगमन घोषणा पत्र खत्म हो जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वह ई-वे बिल.जीएसटी.इन साइट पर जाकर अपना पंजीकरण कराएं। किसी तरह की परेशानी होने पर किसी कार्य दिवस में वाणिज्य कर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर नृपेंद्र सिंह सेंगर बताया कि इस बार लागू हो रही ई-वे बिल व्यवस्था में व्यापारियों को राहत दी गई है। पूर्व में जहां 10 किमी माल परिवहन पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य था। अब व्यापारियों को 50 किमी माल परिवहन पर ही ई-वे बिल डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा यूपी के अंदर माल परिवहन पर ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी। व्यापारी बिल और बिल्टी से माल भेज सकते हैं।
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केंद्र सरकार ने एक फरवरी से पूरे देश में ई-वे बिल व्यवस्था लागू की थी, लेकिन ई-वे बिल साइट नहीं खुलने से करोड़ों रुपये का माल बीच में फंस गया। उद्यमियों और व्यापारियों की समस्या को देख केंद्र सरकार ने ई-वे बिल व्यवस्था से फौरी तौर पर राहत दे दी थी थी। अब केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से दोबारा देशभर ई-वे बिल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर (सचल दल) नृपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था दोबारा लागू हो रही है। यह व्यवस्था अंतरप्रांतीय माल के परिवहन पर प्रभावी होगी।
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उन्होंने बताया कि 50 हजार से अधिक का माल परिवहन करने पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था प्रभावी होने से पूर्व में जारी ई-वे बिल संख्या एक, दो, तीन एवं आगमन घोषणा पत्र खत्म हो जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वह ई-वे बिल.जीएसटी.इन साइट पर जाकर अपना पंजीकरण कराएं। किसी तरह की परेशानी होने पर किसी कार्य दिवस में वाणिज्य कर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
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वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर नृपेंद्र सिंह सेंगर बताया कि इस बार लागू हो रही ई-वे बिल व्यवस्था में व्यापारियों को राहत दी गई है। पूर्व में जहां 10 किमी माल परिवहन पर ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य था। अब व्यापारियों को 50 किमी माल परिवहन पर ही ई-वे बिल डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा यूपी के अंदर माल परिवहन पर ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी। व्यापारी बिल और बिल्टी से माल भेज सकते हैं।