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नौकरी छीनी तो सड़कों पर उतरे शिक्षक
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:10 PM IST
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प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।
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एटा। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षामित्रों के मंसूबों पर पानी फिर गया। इनके परिवारों में मायूसी का माहौल है। संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन ने जहां आदेश के विरोध में अनवरत धरना जारी रखने का एलान किया है। वहीं दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की है।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व मे शिक्षामित्रों ने जुलूस निकाला। शिक्षामित्रों ने बस स्टैंड, होटल माया पैलेस चौराहा, कचहरी चौराहा पर मानव शृंखला बनाकर जाम लगाया और जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने शिक्षामित्रों को समझा बुझाकर जाम खुलावाया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से मायूस शिक्षामित्रों में असंतोष भड़क रहा है। बुधवार को कलक्ट्रेट धरना स्थल पर एकत्रित सैकड़ों शिक्षामित्रों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से अपने भविष्य को सुरक्षित करने की गुहार की है। शिक्षक नेता राजेश गुप्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षामित्रों-समायोजित शिक्षकों के भविष्य पर फैसले का अधिकार प्रदेश सरकार को दिया है। ऐसे में प्रदेश की भाजपा सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करने की मांग की है। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन को मनेाज यादव, हरिओम प्रजापति आदि ने भी संबोधित किया।
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उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से आदेश के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर करने एवं चुनावी वादे के अनुसार शिक्षामित्रों के हित में निर्णय करने की मांग की है। इतना ही नहीं संगठन ने केंद्र सरकार से शिक्षामित्रों के हित में संशोधन बिल लाने की भी मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुद्योत्कर यादव, आलोक मिश्र, सुनील यादव, होशियार सिंह, विजेंद्र सिंह,पंकज चौहान, शीलू यादव, राजीव यादव रहे।
भावुक थे शिक्षामित्र
धरना स्थल पर बुधवार को माहौल गमगीन था। आक्रोश से अधिक इनमें परेशानी के भाव थे। हर किसी के माथे पर बल था। कुछ सुबकते तो कुछ आंसू पोंछते दिखाई दिए। भाषण देते देते कई शिक्षामित्रों के आंसू छलक पड़े। इनका कहना था कि डेढ़ दशक की सेवाओं के बाद भी उनका भविष्य दांव पर है। इस उम्र में अब क्या करेंगे?
बेटाें की बर्थडे पाटी रद्द
आदेश से मायूस शिक्षामित्रों के घरों का माहौल ही बदल गया। मायूसी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले से प्रस्तावित जुड़वां बेटों की बर्थडे पार्टी टाल दी गई।
धरना प्रदर्शन आज से
संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से समायोजन बहाल करने की मांग को लेकर अनवरत धरना प्रदर्शन का एलान किया है। जिलाध्यक्ष मनोज यादव, महामंत्री हरिओम प्रजापति ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनवरत धरना की सूचना दी है।
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आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व मे शिक्षामित्रों ने जुलूस निकाला। शिक्षामित्रों ने बस स्टैंड, होटल माया पैलेस चौराहा, कचहरी चौराहा पर मानव शृंखला बनाकर जाम लगाया और जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने शिक्षामित्रों को समझा बुझाकर जाम खुलावाया।
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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से मायूस शिक्षामित्रों में असंतोष भड़क रहा है। बुधवार को कलक्ट्रेट धरना स्थल पर एकत्रित सैकड़ों शिक्षामित्रों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से अपने भविष्य को सुरक्षित करने की गुहार की है। शिक्षक नेता राजेश गुप्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षामित्रों-समायोजित शिक्षकों के भविष्य पर फैसले का अधिकार प्रदेश सरकार को दिया है। ऐसे में प्रदेश की भाजपा सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करने की मांग की है। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। प्रदर्शन को मनेाज यादव, हरिओम प्रजापति आदि ने भी संबोधित किया।
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उप्र दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से आदेश के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर करने एवं चुनावी वादे के अनुसार शिक्षामित्रों के हित में निर्णय करने की मांग की है। इतना ही नहीं संगठन ने केंद्र सरकार से शिक्षामित्रों के हित में संशोधन बिल लाने की भी मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुद्योत्कर यादव, आलोक मिश्र, सुनील यादव, होशियार सिंह, विजेंद्र सिंह,पंकज चौहान, शीलू यादव, राजीव यादव रहे।
भावुक थे शिक्षामित्र
धरना स्थल पर बुधवार को माहौल गमगीन था। आक्रोश से अधिक इनमें परेशानी के भाव थे। हर किसी के माथे पर बल था। कुछ सुबकते तो कुछ आंसू पोंछते दिखाई दिए। भाषण देते देते कई शिक्षामित्रों के आंसू छलक पड़े। इनका कहना था कि डेढ़ दशक की सेवाओं के बाद भी उनका भविष्य दांव पर है। इस उम्र में अब क्या करेंगे?
बेटाें की बर्थडे पाटी रद्द
आदेश से मायूस शिक्षामित्रों के घरों का माहौल ही बदल गया। मायूसी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले से प्रस्तावित जुड़वां बेटों की बर्थडे पार्टी टाल दी गई।
धरना प्रदर्शन आज से
संयुक्त समायोजित शिक्षक एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से समायोजन बहाल करने की मांग को लेकर अनवरत धरना प्रदर्शन का एलान किया है। जिलाध्यक्ष मनोज यादव, महामंत्री हरिओम प्रजापति ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनवरत धरना की सूचना दी है।