{"_id":"5be1a975bdec2269625f6659","slug":"81541515637-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचतत्व में विलीन हो गए भजन सम्राट विनोद अग्रवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचतत्व में विलीन हो गए भजन सम्राट विनोद अग्रवाल
Updated Tue, 06 Nov 2018 08:21 PM IST
विज्ञापन
भजन गायक विनोद अग्रवाल (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा) । ब्रज रस के सुप्रसिद्ध भजन गायक विनोद अग्रवाल का मंगलवार सुबह 4 बजे नयति मेडीसिटी में निधन हो गया। यहां से उन्हें उनके परिजन और प्रशंसक उनके शव को पुष्पांजलि बैकुंठ स्थित उनके निवास गोविंद की गली ले आए। अंतिम दर्शनों के लिए उनके पार्थिव शरीर को वहीं रखा गया।
दोपहर लगभग 1:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होने तक हजारों की संख्या में रोते-विलखते प्रशंसक और अनुयायी उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचते रहे। वहां हरिनाम संकीर्तन और विनोद अग्रवाल के भजनों के बीच लग रहा था कि मानो अपने चिर परिचित अंदाज में वे अभी भी भजनों का गायन कर रहे हैं।
विनोद अग्रवाल उनके अनुयायी उनकी अंतिम यात्रा रुक्मिणी विहार से छटीकरा रोड, इस्कान और परिक्रमा मार्ग से होती हुई यमुना तट पर पहुंचे। जिसमें हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भजन सम्राट को श्रद्धांजलि दी गई।
विज्ञापन
शाम को यमुना के तट पर भजन सम्राट विनोद अग्रवाल को उनके पुत्र जतिन अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान वृंदावन के बड़े भजन गायक रसिका पागल, चित्र-विचित्र, पूनम, महंत कृष्णानंद महाराज, बाबा हरिबोल आदि संत भी मौजूद रहे। विनोद अग्रवाल के परिवार में पत्नी, पुत्र व पुत्री का भरापूरा परिवार है।
विज्ञापन
दोपहर लगभग 1:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होने तक हजारों की संख्या में रोते-विलखते प्रशंसक और अनुयायी उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचते रहे। वहां हरिनाम संकीर्तन और विनोद अग्रवाल के भजनों के बीच लग रहा था कि मानो अपने चिर परिचित अंदाज में वे अभी भी भजनों का गायन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विनोद अग्रवाल उनके अनुयायी उनकी अंतिम यात्रा रुक्मिणी विहार से छटीकरा रोड, इस्कान और परिक्रमा मार्ग से होती हुई यमुना तट पर पहुंचे। जिसमें हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भजन सम्राट को श्रद्धांजलि दी गई।
विज्ञापन
शाम को यमुना के तट पर भजन सम्राट विनोद अग्रवाल को उनके पुत्र जतिन अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान वृंदावन के बड़े भजन गायक रसिका पागल, चित्र-विचित्र, पूनम, महंत कृष्णानंद महाराज, बाबा हरिबोल आदि संत भी मौजूद रहे। विनोद अग्रवाल के परिवार में पत्नी, पुत्र व पुत्री का भरापूरा परिवार है।