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चार वर्ष के मयंक ने पिता को दी मुखाग्नि, हर किसी की आंखें हुईं नम
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:25 AM IST
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फिरोजाबाद/कठफोरी। छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव क्षेत्र में गत दिनों मिले सिरसागंज के कठफोरी क्षेत्र के युवकों के शव 15 अगस्त की शाम घर आए तो परिवार में कोहराम मच गया। तीनों के शवों का अंतिम संस्कार उनके पैत्रक गांव में किया गया। दिनेश के चार वर्षीय बेटे मयंक ने चिता को जब मुखाग्नि दी तो हर किसी के आंखें नम हो गईं।
देश में आजादी का जश्न मन रहा था। इसी दौरान जिले के कठफोरी क्षेत्र के तीन युवकों के घरों पर शवों के आने का परिजन इंतजार कर रहे थे। 4 अगस्त को अंजू बघेल के ट्रक को लेकर दिनेश बघेल, राजकिशोर, संजू बघेल गाजियाबाद से मैटी लेकर साथ गए थे। सात अगस्त तक ही इन्हें रायपुर में बालाजी एंटरप्राइजेज पर पहुंचना था। लेकिन नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई थी।
रायपुर जिले के राजनंदगांव में दफनाए गए शवों को बाहर निकालने के बाद परिजन लेकर वहां से चले थे। 15 अगस्त की शाम को ताबूत में रखे शवों को लेकर तीनों के घर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। कठफोरी के निवासी दिनेश बघेल का शव को देखकर पत्नी कुमकुम तो अचेत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मुखाग्नि दिनेश के चार वर्षीय बेटा मयंक ने दी तो हर कोई बिलखने लगा। दिनेश बघेल का बेटा मयंक (4), बेटी राधा(15 दिन) है। संजू का शव घर पहुंचा तो उसके परिजन बिलख पड़े। पत्नी विमलेश देवी, बेटी अनमोल (10) और दो बेटे दीपक एवं दीपांशु हैं। इसके ही साथ तीसरे ामकिशोर के शव को सिरसागंज से सीधे उसके पैत्रक गांव शेखूपुर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
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देश में आजादी का जश्न मन रहा था। इसी दौरान जिले के कठफोरी क्षेत्र के तीन युवकों के घरों पर शवों के आने का परिजन इंतजार कर रहे थे। 4 अगस्त को अंजू बघेल के ट्रक को लेकर दिनेश बघेल, राजकिशोर, संजू बघेल गाजियाबाद से मैटी लेकर साथ गए थे। सात अगस्त तक ही इन्हें रायपुर में बालाजी एंटरप्राइजेज पर पहुंचना था। लेकिन नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई थी।
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रायपुर जिले के राजनंदगांव में दफनाए गए शवों को बाहर निकालने के बाद परिजन लेकर वहां से चले थे। 15 अगस्त की शाम को ताबूत में रखे शवों को लेकर तीनों के घर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। कठफोरी के निवासी दिनेश बघेल का शव को देखकर पत्नी कुमकुम तो अचेत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मुखाग्नि दिनेश के चार वर्षीय बेटा मयंक ने दी तो हर कोई बिलखने लगा। दिनेश बघेल का बेटा मयंक (4), बेटी राधा(15 दिन) है। संजू का शव घर पहुंचा तो उसके परिजन बिलख पड़े। पत्नी विमलेश देवी, बेटी अनमोल (10) और दो बेटे दीपक एवं दीपांशु हैं। इसके ही साथ तीसरे ामकिशोर के शव को सिरसागंज से सीधे उसके पैत्रक गांव शेखूपुर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।