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हाथों में आया थैला, पॉलिथीन छोड़ने लगे लोग
Updated Mon, 16 Jul 2018 08:49 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
मथुरा। थैला लेकर चलने लगे हैं लोग। पॉलिथीन का इस्तेमाल काफी कम हो गया है। अब तो दूध बर्तन में और दही कुल्लड़ में दिया जाने लगा है। डेयरियों पर लिख दिया गया है कि पॉलिथीन नहीं मिलेगी लिहाजा दूध लेने के लिए बर्तन लेकर आएं। लेकिन गली मोहल्लों में अभी भी पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है।
शासन की सख्ती के बाद से दुकानदारों ने भी पॉलिथीन का प्रयोग बंद कर दिया है। कई दुकानदारों ने अपनी फर्म के नाम से कपड़े के थैले बनवा लिए हैं। जो भी ग्राहक कुछ सामान लेने के लिए दुकान पर पहुंचता है इसी में पैक करके दे दिया जाता है। शहर के बड़े बाजारों से तो पॉलिथीन गायब सी ही होने लगी है। हां गली मोहल्लों वाली दुकानों में अभी भी प्रयोग हो रहा है। नगर निगम और प्रशासन की टीम इन इलाकों में पहुंच भी नहीं रही है।
कुछ दुकानदारों ने बताया कि जो पॉलिथीन है उसे इस्तेमाल कर लेंगे उसके बाद नहीं मंगवाएंगे। जबकि कुछ कहते रहे कि बंद कराना है तो पॉलिथीन की फैक्ट्रियों को बंद कराएं। जब पॉलिथीन आएगी ही नहीं तो दुकानों पर कहां से पहुंचेगी। विपिन गुप्ता ने बताया कि पॉलिथीन वाकई बेहद खतरनाक है। वह तो कपड़े के थैले ले आए हैं।
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सुरेश कुमार ने बताया कि उनके पास तो पहले से कपड़े के थैले थे बस इन्हें लेकर चलना आदत में नहीं था। अब बाजार जाया करेंगे तो थैला लेकर चलेंगे। प्रतिबंध के दूसरे दिन पॉलिथीन शहर में कम ही नजर आई।
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शासन की सख्ती के बाद से दुकानदारों ने भी पॉलिथीन का प्रयोग बंद कर दिया है। कई दुकानदारों ने अपनी फर्म के नाम से कपड़े के थैले बनवा लिए हैं। जो भी ग्राहक कुछ सामान लेने के लिए दुकान पर पहुंचता है इसी में पैक करके दे दिया जाता है। शहर के बड़े बाजारों से तो पॉलिथीन गायब सी ही होने लगी है। हां गली मोहल्लों वाली दुकानों में अभी भी प्रयोग हो रहा है। नगर निगम और प्रशासन की टीम इन इलाकों में पहुंच भी नहीं रही है।
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कुछ दुकानदारों ने बताया कि जो पॉलिथीन है उसे इस्तेमाल कर लेंगे उसके बाद नहीं मंगवाएंगे। जबकि कुछ कहते रहे कि बंद कराना है तो पॉलिथीन की फैक्ट्रियों को बंद कराएं। जब पॉलिथीन आएगी ही नहीं तो दुकानों पर कहां से पहुंचेगी। विपिन गुप्ता ने बताया कि पॉलिथीन वाकई बेहद खतरनाक है। वह तो कपड़े के थैले ले आए हैं।
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सुरेश कुमार ने बताया कि उनके पास तो पहले से कपड़े के थैले थे बस इन्हें लेकर चलना आदत में नहीं था। अब बाजार जाया करेंगे तो थैला लेकर चलेंगे। प्रतिबंध के दूसरे दिन पॉलिथीन शहर में कम ही नजर आई।