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बजट के मुद्दे पर पार्षद गुस्साए, इस्तीफा देने की चेतावनी
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मथुरा नगर निगम
- फोटो : SELF
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मथुरा। कैबिनेट में बिना बहुमत के 235 करोड़ के बजट को हरी झंडी दिखाने से नाराज आधे से अधिक पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। इन लोगों ने कहा है कि वह सोमवार को डीएम को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। रविवार को जलकल कंपाउंड में बैठक कर उन्होंने रणनीति तैयार की।
विगत दिनों कैबिनेट की बैठक में उठा 235 करोड़ के बजट का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इसमें 12 पार्षदों में से आठ ने बजट का विरोध किया था। चार पार्षदों ने स्वीकृति दी थी। अधिकारियों ने इसे पास दिखा दिया। नाराज पार्षदों का कहना है कि 235 करोड़ के बजट को सहमति के बिना ही महापौर ने पास दिखा दिया है और निगम द्वारा उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। इसे लेकर गुस्साए करीब 45 पार्षदों ने रविवार को जलकल कंपाउंड में बैठक की, जिसमें बजट के अलावा डोर टु डोर कूड़ा कलेक्शन में भी गलत तरीके से उगाही का मुद्दा उठाया।
इन मुद्दों को लेकर पार्षदों ने निर्णय लिया कि वह सोमवार को डीएम को सामूहिक इस्तीफा सौंपेंगे। इसे लेकर नाराज पार्षदों ने महापौर के साथ बैठक भी की। महापौर ने नाराज पार्षदों को नगर आयुक्त से बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन भी दिया।
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पार्षदों का कहना है कि रविवार को जलकल कंपाउंड में होने वाली बैठक में भी महापौर को आना था लेकिन वह नहीं आए और ना ही कोई आश्वासन दिया। जलकल कंपाउंड में होने वाली बैठक में 15 से अधिक भाजपा के पार्षद भी शामिल थे। इसके अलावा कांग्रेस, सपा, बसपा तथा निर्दलीय भी शामिल थे।
पार्षदों ने बताया कि वह 11 बजे डीएम कार्यालय पहुंच कर इस्तीफा देंगे। उधर, इस मामले को लेकर महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि यदि पार्षदों का कोई मुद्दा हो तो वह मुझसे बात कर सकते हैं। उनसे किसी ने बात नहीं की है। अगर उनसे कोई बात करेगा तो वह समस्या का समाधान करेंगे।
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विगत दिनों कैबिनेट की बैठक में उठा 235 करोड़ के बजट का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इसमें 12 पार्षदों में से आठ ने बजट का विरोध किया था। चार पार्षदों ने स्वीकृति दी थी। अधिकारियों ने इसे पास दिखा दिया। नाराज पार्षदों का कहना है कि 235 करोड़ के बजट को सहमति के बिना ही महापौर ने पास दिखा दिया है और निगम द्वारा उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। इसे लेकर गुस्साए करीब 45 पार्षदों ने रविवार को जलकल कंपाउंड में बैठक की, जिसमें बजट के अलावा डोर टु डोर कूड़ा कलेक्शन में भी गलत तरीके से उगाही का मुद्दा उठाया।
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इन मुद्दों को लेकर पार्षदों ने निर्णय लिया कि वह सोमवार को डीएम को सामूहिक इस्तीफा सौंपेंगे। इसे लेकर नाराज पार्षदों ने महापौर के साथ बैठक भी की। महापौर ने नाराज पार्षदों को नगर आयुक्त से बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन भी दिया।
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पार्षदों का कहना है कि रविवार को जलकल कंपाउंड में होने वाली बैठक में भी महापौर को आना था लेकिन वह नहीं आए और ना ही कोई आश्वासन दिया। जलकल कंपाउंड में होने वाली बैठक में 15 से अधिक भाजपा के पार्षद भी शामिल थे। इसके अलावा कांग्रेस, सपा, बसपा तथा निर्दलीय भी शामिल थे।
पार्षदों ने बताया कि वह 11 बजे डीएम कार्यालय पहुंच कर इस्तीफा देंगे। उधर, इस मामले को लेकर महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि यदि पार्षदों का कोई मुद्दा हो तो वह मुझसे बात कर सकते हैं। उनसे किसी ने बात नहीं की है। अगर उनसे कोई बात करेगा तो वह समस्या का समाधान करेंगे।