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बुजुर्गों ने तोड़ा हुक्का नौजवानों ने फेंके गुटके के पाउच
Updated Wed, 27 Sep 2017 07:55 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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मथुरा। दशहरे पर करें बुराइयों का वध। अमर उजाला के इस अभियान का बड़ा असर नजर आने लगा है। नशे की बुरी आदत छोड़ने के लिए लोगों ने कदम बढ़ा दिया है। बुधवार को कई गांवों में बुजुर्गों ने हुक्के तोड़ डाले और नौजवानों ने जेब में रखे गुटके के पाउच फेंक दिए।
अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। लोग इस अभियान से जुड़कर नशा रूपी राक्षस से लड़ने को तैयार हो गए हैं। गांवों की चौपालों पर संकल्प लिए जा रहे हैं। एक दूसरे को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ रहना है तो नशे की इस बुरी आदत को छोड़ना होगा। मथुरा, गोकुल, राया, सौंख, फरह, ओल, कोसीकलां, बलदेव, बरसाना, नंदगांव और चौहमुहां क्षेत्र के गांवों में संकल्प लिया गया। अमर उजाला आफिस में भेजे गए संकल्प पत्र में कहा गया है कि इस दशहरे पर कई बुजुर्गों ने हुक्का छोड़ने का फैसला किया है। डालचंद का कहना है कि उनके पिताजी पिछले कई साल से हुक्का पी रहे थे। डाक्टर भी मना कर चुका है। अब
उन्होंने इस दशहरे पर हुक्का छोड़ने का फैसला किया है। विपिन कुमार ने बताया कि उनके दादा दिन भर हुक्का गुड़गुड़ाते हैं। खांसी रहने लगी है। घर वाले भी कई दफा मना कर चुके हैं। इस बार उन्होंने दशहरा पर हुक्का छोड़ने का संकल्प लिया है। मथुरा की चंदनवन कालोनी निवासी गिरधर सिंह गुटका खाते हैं। एक दिन में दस गुटके तक वह चबा लेते थे। लेकिन अब उन्होंने भी गुटका छोड़ दिया है। गिरधर का कहना है कि वह दूसरे लोगों को भी गुटका छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। वहीं आगरा रोड पर चाय की दुकान करने वाले मदन सिंह की बीड़ी की बुरी आदत है। वह भी इस बार बीड़ी को छोड़ रहे हैं।
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अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। लोग इस अभियान से जुड़कर नशा रूपी राक्षस से लड़ने को तैयार हो गए हैं। गांवों की चौपालों पर संकल्प लिए जा रहे हैं। एक दूसरे को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ रहना है तो नशे की इस बुरी आदत को छोड़ना होगा। मथुरा, गोकुल, राया, सौंख, फरह, ओल, कोसीकलां, बलदेव, बरसाना, नंदगांव और चौहमुहां क्षेत्र के गांवों में संकल्प लिया गया। अमर उजाला आफिस में भेजे गए संकल्प पत्र में कहा गया है कि इस दशहरे पर कई बुजुर्गों ने हुक्का छोड़ने का फैसला किया है। डालचंद का कहना है कि उनके पिताजी पिछले कई साल से हुक्का पी रहे थे। डाक्टर भी मना कर चुका है। अब
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उन्होंने इस दशहरे पर हुक्का छोड़ने का फैसला किया है। विपिन कुमार ने बताया कि उनके दादा दिन भर हुक्का गुड़गुड़ाते हैं। खांसी रहने लगी है। घर वाले भी कई दफा मना कर चुके हैं। इस बार उन्होंने दशहरा पर हुक्का छोड़ने का संकल्प लिया है। मथुरा की चंदनवन कालोनी निवासी गिरधर सिंह गुटका खाते हैं। एक दिन में दस गुटके तक वह चबा लेते थे। लेकिन अब उन्होंने भी गुटका छोड़ दिया है। गिरधर का कहना है कि वह दूसरे लोगों को भी गुटका छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। वहीं आगरा रोड पर चाय की दुकान करने वाले मदन सिंह की बीड़ी की बुरी आदत है। वह भी इस बार बीड़ी को छोड़ रहे हैं।
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