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साइबर अपराधियों की युवक को दोहरी मार

Wed, 05 Jul 2017 12:49 AM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:49 AM IST
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साइबर अपराधियों की युवक को दोहरी मार
आगरा। बरहन के चोपड़ा गांव के प्रदीप कुमार उपाध्याय को साइबर अपराधियों ने दोहरी मार दी। पहले एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर उसके खाते से 38 हजार रुपये पार कर लिए। इसके बाद अपराध के लिए उसी का खाता इस्तेमाल किया। दूसरों के खाते से उड़ाए 98 हजार उसके खाते में जमा कराए और फिर क्लोन कार्ड की मदद से एटीएम से निकाल लिए। उधर, इस धोखाधड़ी के एक पीड़ित ने प्रदीप के खिलाफ पुलिस से शिकायत कर दी। इसके चलते उसे अब पुलिस की जांच का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रदीप ने अब एसएसपी आफिस में एसपी प्रोटोकॉल त्रिभुवन नाथ तिवारी को प्रार्थनापत्र दिया है। उन्होंने साइबर सेल को जांच सौंपी है। प्रदीप ने बताया कि वह डेरा बस्ती पंजाब में प्राइवेट नौकरी करता है। उसका एसबीआई में खाता है। पिछले साल 22 अक्तूबर को उसके एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर दिल्ली के एटीएम से 38 हजार रुपये निकाले गए। उसने दिल्ली में शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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इसके बाद बरहन में एसबीआई की शाखा में पत्र दिया और आरबीआई को भी पत्र लिखा। उसकी शिकायत पर जांच तक नहीं कराई गई जबकि इस बीच उसके खाते में अलीगढ़ के एक युवक ने 40 हजार ट्रांसफर किए और थोड़ी देर बाद ही निकाल लिए। ऐसा कई बार किया। इस तरह 97 हजार रुपये जमा कराए गए और निकाले गए।
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इनमें से अलीगढ़ के ही सतीश शर्मा के खाते से 40 हजार रुपये जमा कराकर निकाले गए। उसने पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने खाता संख्या चेक की तो उसका नाम पता मिल गया। अब पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। उसने सारी बातें बताई तो उसे कुछ कहा तो नहीं लेकिन वह परेशान है। उसका पैसा मिला नहीं और मुसीबत अलग से झेलनी पड़ रही है।


एटीएम में सावधानी बहुत जरूरी
आगरा। एटीएम कार्ड आपके पास है, फिर उसका क्लोन कोई कैसे तैयार कर सकता है। इस पर साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि साइबर अपराधी एटीएम में स्किमर ( खुफिया कैमरा ) लगा देते हैं। जब आप कार्ड मशीन में डालते हैं तो इसका नंबर कैमरे में आ जाता है। फिर पासवर्ड डालते हैं, तो वह भी कैमरा कैद कर लेता है। बाद में साइबर अपराधी स्किमर से ये डिटेल ले लेते हैं। इसी से कार्ड का क्लोन तैयार करा लिया जाता है। इसलिए जरूरी है कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय यह अवश्य देखें कि वहां स्किमर तो नहीं लगा है। यह कैमरा मशीन पर ही लगाया जाता है। ध्यान से देखने पर पकड़ में आ सकता है।
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