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फिर से धधकने लगीं अवैध शराब की भट्ठियां
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:48 PM IST
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क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब का निर्माण शुरू हो गया है
- फोटो : अमर उजाला
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कुरावली (मैनपुरी)। एक बार फिर क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब का निर्माण शुरू हो गया है। पूर्व सपा शासन में पुलिस ने जिन ग्रामों में ग्रामीणों के सहयोग से शराब बंदी लागू की थी। उन ग्रामों में एक बार फिर अवैध शराब के धंधे में बड़ी संख्या में लोग लिप्त हो गए हैं।
क्षेत्र के ग्रामों में काली नदी के किनारे अलूपुरा, गोकुलपुर, तिमनपुर, आठपुरा, चंद्रपुरा, सहादतपुर, गिहार कालोनी में लंबे समय से अवैध कच्ची शराब की भट्ठियां एक बार फर संचालित होने लगी हैं। काली नदी के किनारे चल रही अवैध कच्ची शराब की सैकड़ों की संख्या में भट्ठियां कुटीर उद्योग की तरह संचालित हैं। इस अवैध काम में महिलाओं से लेकर बच्चे तक शामिल हैं।
पूर्व शासन में पुलिस ने क्षेत्र में शराब बनाने वाले ग्रामों में जागरूकता अभियान चलाकर शराब बंदी लागू की थी। सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्र के इन ग्रामों में शराब का व्यापार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर अवैध शराब का उत्पादन किया जा रहा है। यह अवैध कच्ची शराब क्षेत्र के लगभग सभी ग्रामों सहित पड़ोसी जनपद में भी सप्लाई की जा रही है।
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एक टन से अधिक हो रही गुड़ की सप्लाई
अवैध कच्ची शराब के व्यापार में प्रतिदिन लगभग एक टन से अधिक गन्ने के गुड़ की खपत हो रही है। इससे कस्बा से ही बाइकों, मारुति वैन सहित ई रिक्शाओं से ढोया जा रहा है।
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क्षेत्र के ग्रामों में काली नदी के किनारे अलूपुरा, गोकुलपुर, तिमनपुर, आठपुरा, चंद्रपुरा, सहादतपुर, गिहार कालोनी में लंबे समय से अवैध कच्ची शराब की भट्ठियां एक बार फर संचालित होने लगी हैं। काली नदी के किनारे चल रही अवैध कच्ची शराब की सैकड़ों की संख्या में भट्ठियां कुटीर उद्योग की तरह संचालित हैं। इस अवैध काम में महिलाओं से लेकर बच्चे तक शामिल हैं।
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पूर्व शासन में पुलिस ने क्षेत्र में शराब बनाने वाले ग्रामों में जागरूकता अभियान चलाकर शराब बंदी लागू की थी। सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्र के इन ग्रामों में शराब का व्यापार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। प्रतिदिन हजारों लीटर अवैध शराब का उत्पादन किया जा रहा है। यह अवैध कच्ची शराब क्षेत्र के लगभग सभी ग्रामों सहित पड़ोसी जनपद में भी सप्लाई की जा रही है।
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एक टन से अधिक हो रही गुड़ की सप्लाई
अवैध कच्ची शराब के व्यापार में प्रतिदिन लगभग एक टन से अधिक गन्ने के गुड़ की खपत हो रही है। इससे कस्बा से ही बाइकों, मारुति वैन सहित ई रिक्शाओं से ढोया जा रहा है।