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पंजीयन कराने के बाद भी जमा नहीं किया बकाया बिल
Updated Thu, 08 Jun 2017 12:14 AM IST
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एटा। गर्मी के दिनों में बिजली कनेक्शन कटने एवं एफआईआर से बचने के लिए शहरी खंड के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने ओटीएस में पंजीकरण तो करा लिया, लेकिन बिल जमा नहीं कर रहे हैं। जबकि वसूली के लिए विभागीय अधिकारी परेशान हैं।
विद्युत निगम का 1.36 करोड़ रुपये शहरी उपभोक्ताओं पर बकाया है। अधिभार माफी की एकमुश्त जमा योजना (ओटीएस) में पंजीकरण कराने के बाद भी इनमें से करीब नौ सौ बकाएदारों ने बिल का भुगतान नहीं किया है।
इन लोगों को ओटीएस योजना जुलाई माह तक चलने की उम्मीद थी। योजना तक इन पर कार्रवाई का खतरा नहीं था। लेकिन आठ जून की अंतिम तिथि के बाद इन लोगों पर कार्रवाई का चाबुक चलेगा।
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विद्युत निगम ने भी बकाएदारों के खिलाफ अभियान चलाने की रणनीति तैयार कर ली है। वहीं सबसे पहले निगम के रडार पर 1.36 करोड़ रुपए के पंजीकृत बकाएदार होंगे।
बताते चलें कि 3.10 करोड़ रुपये के 2012 विद्युत उपभोक्ताओं ने ओटीएस के अंतर्गत पंजीकरण कराया था। इनमें से 1.74 करोड़ रुपए के 1117 बकाएदारों ने भुगतान कर चालीस लाख से अधिक सरचार्ज की छूट ले ली है। जबकि 1.36 करोड़ के 895 बकाएदारों ने भुगतान नहीं किया है।
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विद्युत निगम का 1.36 करोड़ रुपये शहरी उपभोक्ताओं पर बकाया है। अधिभार माफी की एकमुश्त जमा योजना (ओटीएस) में पंजीकरण कराने के बाद भी इनमें से करीब नौ सौ बकाएदारों ने बिल का भुगतान नहीं किया है।
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इन लोगों को ओटीएस योजना जुलाई माह तक चलने की उम्मीद थी। योजना तक इन पर कार्रवाई का खतरा नहीं था। लेकिन आठ जून की अंतिम तिथि के बाद इन लोगों पर कार्रवाई का चाबुक चलेगा।
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विद्युत निगम ने भी बकाएदारों के खिलाफ अभियान चलाने की रणनीति तैयार कर ली है। वहीं सबसे पहले निगम के रडार पर 1.36 करोड़ रुपए के पंजीकृत बकाएदार होंगे।
बताते चलें कि 3.10 करोड़ रुपये के 2012 विद्युत उपभोक्ताओं ने ओटीएस के अंतर्गत पंजीकरण कराया था। इनमें से 1.74 करोड़ रुपए के 1117 बकाएदारों ने भुगतान कर चालीस लाख से अधिक सरचार्ज की छूट ले ली है। जबकि 1.36 करोड़ के 895 बकाएदारों ने भुगतान नहीं किया है।