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अपराध में पटियाली सर्किल है सबसे अधिक संवेदनशील
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:51 PM IST
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file
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज।
जनपद में मासूमों के साथ अपराध में अकुंश नहीं लग पा रहा। आपराधिक वारदातों के मामले में जनपद का पटियाली सर्किल क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। बच्चों के साथ होने वाली वारदातों में इस सर्किल का आंकड़ा सबसे अधिक रहता है।
पुलिस व्यवस्था के हिसाब से जनपद को तीन सर्किल में बांटा गया है। कासगंज व सहावर सर्किल में तीन तीन थाना क्षेत्र आते हैं। जबकि पटियाली सर्किल में चार थाना क्षेत्र लगते हैं। पटियाली का इलाका गंगा की कटरी से लगा हुआ है। काफी बढ़ा हिस्सा कटरी के इलाके में आता है। जिससे अपराधियों को वारदात कर भागने में आसानी होती है। बच्चों के साथ अपराध की घटनाएं भी इस क्षेत्र में सबसे अधिक होतीं हैं। बच्चे दुष्कर्म, हत्या, बलि, अपहरण जैसी वारदातों का शिकार होते हैं। वर्ष 2017 में जनपद में बच्चों के साथ 23 आपराधिक वारदातें हुईं। इनमें से 11 वारदातें पटियाली सर्किल क्षेत्र में हुईं। इस सर्किल क्षेत्र में सिढ़पुरा में सबसे अधिक वारदातें होती हैं। वर्ष 2018 में भी अब तक बच्चों के साथ 6 आपराधिक वारदातें हो चुकीं हैं जिनमें से पटियाली सर्किल में तीन वारदातें हुईं हैं। इन तीन वारदातों में दो वारदातें सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुईं हैं। बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
वर्ष 2018 में बच्चों के साथ होने वाले अपराध
11 जनवरी अमापुर में चचेरे भाई ने अपनी नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म
15 फरवरी सिढ़पुरा के ताजपुर से बालक को अगवा कर बलि दी गई
19 मार्च- ढोलना के हरसेना में पिता ने अपनी पुत्री को जिंदा जला दिया
8 अप्रेल गंजडुडवरा के बहोरनपुर से दो चचेरे भाई अगवा हुए, जिनके शव अगले दिन खेत में मिले
13 सितंबर को हजारा नहर से बरामद हुआ मासूम का शव
22 नवंबर- सिढ़पुरा में मासूम बालिका को अगवाकर हत्या, दुष्कर्म की आशंका
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जनपद में मासूमों के साथ अपराध में अकुंश नहीं लग पा रहा। आपराधिक वारदातों के मामले में जनपद का पटियाली सर्किल क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। बच्चों के साथ होने वाली वारदातों में इस सर्किल का आंकड़ा सबसे अधिक रहता है।
पुलिस व्यवस्था के हिसाब से जनपद को तीन सर्किल में बांटा गया है। कासगंज व सहावर सर्किल में तीन तीन थाना क्षेत्र आते हैं। जबकि पटियाली सर्किल में चार थाना क्षेत्र लगते हैं। पटियाली का इलाका गंगा की कटरी से लगा हुआ है। काफी बढ़ा हिस्सा कटरी के इलाके में आता है। जिससे अपराधियों को वारदात कर भागने में आसानी होती है। बच्चों के साथ अपराध की घटनाएं भी इस क्षेत्र में सबसे अधिक होतीं हैं। बच्चे दुष्कर्म, हत्या, बलि, अपहरण जैसी वारदातों का शिकार होते हैं। वर्ष 2017 में जनपद में बच्चों के साथ 23 आपराधिक वारदातें हुईं। इनमें से 11 वारदातें पटियाली सर्किल क्षेत्र में हुईं। इस सर्किल क्षेत्र में सिढ़पुरा में सबसे अधिक वारदातें होती हैं। वर्ष 2018 में भी अब तक बच्चों के साथ 6 आपराधिक वारदातें हो चुकीं हैं जिनमें से पटियाली सर्किल में तीन वारदातें हुईं हैं। इन तीन वारदातों में दो वारदातें सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुईं हैं। बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
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वर्ष 2018 में बच्चों के साथ होने वाले अपराध
11 जनवरी अमापुर में चचेरे भाई ने अपनी नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म
15 फरवरी सिढ़पुरा के ताजपुर से बालक को अगवा कर बलि दी गई
19 मार्च- ढोलना के हरसेना में पिता ने अपनी पुत्री को जिंदा जला दिया
8 अप्रेल गंजडुडवरा के बहोरनपुर से दो चचेरे भाई अगवा हुए, जिनके शव अगले दिन खेत में मिले
13 सितंबर को हजारा नहर से बरामद हुआ मासूम का शव
22 नवंबर- सिढ़पुरा में मासूम बालिका को अगवाकर हत्या, दुष्कर्म की आशंका