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UP: महंगी कॉपी- किताबों पर प्रशासन हुआ सख्त, 55 स्कूलों को दिया नोटिस, तीन की मान्यता रद्द करने की तैयारी

Thu, 09 Apr 2026 11:22 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 09 Apr 2026 11:22 AM IST
सार

महंगी किताबें बेचकर कमीशनखोरी का खेल उजागर होने पर 55 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। तीन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की तैयारी है, अभिभावकों पर जबरन किताबें खरीदने का दबाव भी सामने आया है।

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55 schools served notice over book commission issue
स्कूल में निरीक्षण के दौरान उपस्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किताबों में कमीशनखोरी की शिकायत पर जिले के 55 स्कूलों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। तीन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की तैयारी की जा रही है। बुधवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) ने दो और स्कूलों में कमीशनखोरी पकड़ी। इन्हें भी नोटिस दिए गए हैं।
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बीएसए जितेंद्र गोंड ने बताया कि बीते मंगलवार को एमपीएस पब्लिक स्कूल, मिनी मांटेसरी जूनियर हाईस्कूल और जेडी पब्लिक जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया था। स्कूल परिसर में ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पैकेज बनाकर बेची जा रही थीं। अभिभावकों को पूरा सेट खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इन स्कूलों के संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
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इसी तरह किताबों में कमीशनखोरी और मनमानी पर 55 स्कूलों को नोटिस दिए हैं। इनके स्पष्टीकरण आने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी। एडी बेसिक चंद्रशेखर का कहना है कि स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें बेचने और मनमानी कीमत-कमीशनखोरी पर कार्रवाई होगी। इसके लिए बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच करने के लिए निर्देशित भी कर दिया है।
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सेंट पैट्रिक्स स्कूल से नहीं वसूल पाए जुर्माना
बीते दिनों सेंट पैट्रिक्स स्कूल पर डीएम ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। नोटिस जारी किया गया। इसके बावजूद विभाग अब तक जुर्माना नहीं वसूल पाया है। बीएसए का कहना है कि जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया चल रही है। प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पैरेंट्स अवेयरनेस के संस्थापक दीपक सरीन ने बताया कि विभाग और प्रशासन दिखावे भर के लिए नोटिस दे रहा है। अधिकांश स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें लगी हैं, एनसीईआरटी की किताबें नहीं चला रहे। अभिभावक इनको खरीदने के लिए मजबूर हैं।
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तय दुकान से किताब खरीदने की मजबूरी
बीएसए ने शमसाबाद रोड स्थित दो स्कूलों में निरीक्षण किया। यहां भी कमीशनखोरी पर किताबों की बिक्री हो रही थी। बीएसए ने बताया कि सेंट मैरी स्कूल और भारतीय बाल विद्यापीठ का निरीक्षण किया। इनमें पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने शिकायत कि तय दुकान से किताबें खरीदने को बाध्य किया जा रहा है। ये किताबें किसी और पुस्तक भंडार पर नहीं मिल रही है। इस पर दोनों स्कूलों के संचालकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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