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राजस्थान 9 व यूपी प्रशासन 17 को एनजीटी में दाखिल करेगा जवाब
Updated Thu, 23 Aug 2018 08:10 PM IST
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एनजीटी
- फोटो : self
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गोवर्धन (मथुरा)। एनजीटी न्यायालय में गिरिराज जी की परिक्रमा के संरक्षण एवं सुंदरीकरण को लेकर चल रही सुनवाई में न्यायाधीश रघुवेंद्र एस राठौर की ओर से दिए आदेश में राजस्थान प्रशासन को नौ सितंबर तथा यूपी सरकार को 17 सितंबर को जवाब दाखिल करना होगा। यूपी प्रशासन की ओर से आर्थिक संसाधन न होने की बात कहकर समय मांगा गया है।
राजस्थान की ओर से जिला कलेक्टर भरतपुर संदेश नायक व उपखंड अधिकारी डीग शेर सिंह लुहारिया कोर्ट में पहुंचे। यूपी की ओर से आगरा मंडलायुक्त केराम मोहन राव व एसडीएम नागेंद्र सिंह शामिल हुए। गिरिराज जी परिक्रमा को लेकर एनजीटी न्यायालय में वर्ष 2013 से मामला लंबित है। करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए चार अगस्त 2015 को 17 बिंदुओं को लेकर आदेश पारित किया गया था, लेकिन दोनों राज्यों की सरकारें न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं कर पाई हैं।
उपखंड अधिकारी शेर सिंह लुहारिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासन की ओर से पूंछरी परिक्रमा में अप्रैल में ही अतिक्रमण हटाया जा चुका है। निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र में आगे निर्माण न हो इसके लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। याचिकाकर्ता कृष्णा सर्किट के चेयरमैन सत्यप्रकाश मंगल का कहना है कि यूपी व राजस्थान प्रशासन एनजीटी को झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से विकास प्रोजेक्ट को लेकर पूरी बात हो गई है। स्वीकृति के लिए भी कहा गया लेकिन प्रशासनिक अधिकारी गिरिराज जी की परिक्रमा का संरक्षण एवं विकास कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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राजस्थान की ओर से जिला कलेक्टर भरतपुर संदेश नायक व उपखंड अधिकारी डीग शेर सिंह लुहारिया कोर्ट में पहुंचे। यूपी की ओर से आगरा मंडलायुक्त केराम मोहन राव व एसडीएम नागेंद्र सिंह शामिल हुए। गिरिराज जी परिक्रमा को लेकर एनजीटी न्यायालय में वर्ष 2013 से मामला लंबित है। करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए चार अगस्त 2015 को 17 बिंदुओं को लेकर आदेश पारित किया गया था, लेकिन दोनों राज्यों की सरकारें न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं कर पाई हैं।
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उपखंड अधिकारी शेर सिंह लुहारिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासन की ओर से पूंछरी परिक्रमा में अप्रैल में ही अतिक्रमण हटाया जा चुका है। निर्माण प्रतिबंधित क्षेत्र में आगे निर्माण न हो इसके लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। याचिकाकर्ता कृष्णा सर्किट के चेयरमैन सत्यप्रकाश मंगल का कहना है कि यूपी व राजस्थान प्रशासन एनजीटी को झूठ बोलकर गुमराह कर रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से विकास प्रोजेक्ट को लेकर पूरी बात हो गई है। स्वीकृति के लिए भी कहा गया लेकिन प्रशासनिक अधिकारी गिरिराज जी की परिक्रमा का संरक्षण एवं विकास कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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