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जमानत प्रार्थना पत्रों पर नहीं हुई सुनवाई
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:08 PM IST
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तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
सांप्रदायिक हिंसा और हत्या के मामलों में अभी तक जेल में बंद किसी आरोपी को जमानत नहीं मिली है। जिन आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्रों सोमवार को सुनवाई होनी थी उनमें से सभी प्रार्थना पत्रों पर अगली सुनवाई की तिथि नियत हुई है। चार जमानत प्रार्थना पत्रों पर 21 फरवरी को सुनवाई होगी और तीन जमानत प्रार्थना पत्रों पर 28 फरवरी को।
गौरतलब है कि हिंसा और हत्या के मामले में अब तक 55 आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजे हैं। जबकि एक आरोपी ने स्वयं न्यायालय में समर्पण किया। जेल में बंद किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली है। हिंसा के आरोपी शाकिर, जफर, खालिद उर्फ परवेज के जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के मामले में उनके अधिवक्ताओं ने स्थगन प्रार्थना पत्र न्यायालय में दायर किए। इस आधार पर सुनवाई की तिथि 28 फरवरी नियत की गई है। वहीं हिंसा, आगजनी के आरोपी गजेंद्र सिंह, भूपेंद्र, अमित, गगन के प्रार्थना पत्रों पर भी सोमवार को सुनवाई होनी थी। अब इन प्रार्थना पत्रों पर भी सुनवाई 21 फरवरी को होगी। इसी दिन राज, विनीत, अनुज तोमर, वीरू आदि के जमानत प्रार्थना पत्रों पर भी सुनवाई होनी है।
जमानत प्रार्थना पत्रों पर पूर्व में केस डायरी दाखिल न होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी, लेकिन अब पुलिस ने केस डायरी भी न्यायालय में दाखिल कर दीं हैं। इसके आधार पर निर्धारित तिथियों पर जमानत प्रार्थना पत्रों पर बहस होगी। इसके बाद न्यायालय इन प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करेगा।
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बाइक रिलीज करने के प्रार्थना पत्र भी न्यायालय में दाखिल
तिरंगा यात्रा के दौरान विवाद होने पर तमाम लोग अपनी बाइक इधर-उधर छोड़कर भागे थे। पुलिस ने इन बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। अब बाइक स्वामी अपनी बाइक को रिलीज कराने की कवायद में जुटे हैं। पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने बाइक की रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की है। न्यायालय के माध्यम से बाइक कें रिलीज की जाएंगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 8 बाइक रिलीज करने के प्रार्थना पत्र न्यायालय में विचाराधीन हैं। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर दी है।
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सांप्रदायिक हिंसा और हत्या के मामलों में अभी तक जेल में बंद किसी आरोपी को जमानत नहीं मिली है। जिन आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्रों सोमवार को सुनवाई होनी थी उनमें से सभी प्रार्थना पत्रों पर अगली सुनवाई की तिथि नियत हुई है। चार जमानत प्रार्थना पत्रों पर 21 फरवरी को सुनवाई होगी और तीन जमानत प्रार्थना पत्रों पर 28 फरवरी को।
गौरतलब है कि हिंसा और हत्या के मामले में अब तक 55 आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजे हैं। जबकि एक आरोपी ने स्वयं न्यायालय में समर्पण किया। जेल में बंद किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली है। हिंसा के आरोपी शाकिर, जफर, खालिद उर्फ परवेज के जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के मामले में उनके अधिवक्ताओं ने स्थगन प्रार्थना पत्र न्यायालय में दायर किए। इस आधार पर सुनवाई की तिथि 28 फरवरी नियत की गई है। वहीं हिंसा, आगजनी के आरोपी गजेंद्र सिंह, भूपेंद्र, अमित, गगन के प्रार्थना पत्रों पर भी सोमवार को सुनवाई होनी थी। अब इन प्रार्थना पत्रों पर भी सुनवाई 21 फरवरी को होगी। इसी दिन राज, विनीत, अनुज तोमर, वीरू आदि के जमानत प्रार्थना पत्रों पर भी सुनवाई होनी है।
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जमानत प्रार्थना पत्रों पर पूर्व में केस डायरी दाखिल न होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी, लेकिन अब पुलिस ने केस डायरी भी न्यायालय में दाखिल कर दीं हैं। इसके आधार पर निर्धारित तिथियों पर जमानत प्रार्थना पत्रों पर बहस होगी। इसके बाद न्यायालय इन प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करेगा।
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बाइक रिलीज करने के प्रार्थना पत्र भी न्यायालय में दाखिल
तिरंगा यात्रा के दौरान विवाद होने पर तमाम लोग अपनी बाइक इधर-उधर छोड़कर भागे थे। पुलिस ने इन बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। अब बाइक स्वामी अपनी बाइक को रिलीज कराने की कवायद में जुटे हैं। पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने बाइक की रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की है। न्यायालय के माध्यम से बाइक कें रिलीज की जाएंगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 8 बाइक रिलीज करने के प्रार्थना पत्र न्यायालय में विचाराधीन हैं। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर दी है।