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870 बीघा जमीन पर करते थे आलू की फसल
Updated Wed, 24 Jan 2018 11:24 PM IST
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870 बीघा जमीन पर करते थे आलू की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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जलेसर। आलू में हुए घाटे और कर्ज को बोझ झेल रहे किसान नेता ने खुदकुशी कर ली। किसान नेता की मौत के बाद परिवार और गांव कोहराम मचा है। फसल की बर्बादी से जूझ रहे किसानों के लिए किसान नेता की मौत एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
बताया जाता है कि भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप सिंह किसानों की समस्याओं और बीते तीन साल से हो रहे नुकसान को लेकर हमेशा गंभीर हो जाते थे। किसानों की समस्या के लिए हर वक्त संघर्षरत रहते थे। बताया गया कि प्रदेश अध्यक्ष अपने पिता की करीब 270 बीघा जमीन के साथ गांव के किसानों की करीब 600 बीघा जमीन पट्टे पर लेकर आलू की फसल करते थे। पिछले साल की आलू की फसल को अवागढ़ के एक शीतगृह में हुए हादसे में ओमप्रताप सिंह के 12 हजार पैकेट बर्बाद हो गए थे। जिसका उन्हें काफी सदमा लगा। लगातार दो वर्र्ष नुकसान के बाद तीसरे वर्ष पूरी फसल शीतगृह फटने से बर्बाद हो जाने से वे परेशान रहने लगे कि किसान की समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे? जब इतनी खेती होने के बाद स्वयं ही परेशान हैं, तो छोटे किसानों की हालत क्या होगी? किसान नेता की मौत के बाद परिवार और गांव में कोहराम मचा हुआ है। वहीं किसानों में शोक की लहर है।
10 साल से बुलंद की आवाज
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के बड़े पुत्र ओमप्रताप सिंह बीते 10 साल से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जुटे थे। उन्होंने भाकियू के बैनर तले प्रदेश में आयोजित सैकड़ों आंदोलन में भाग लेकर किसानों की समस्या समाधान के प्रयास किए। पिता और पुत्र दोनों ने मिलकर भारतीय किसान यूनियन और विरक्तसंत रमेश बाबा के सहयोग से यमुना बचाओ आंदोलन चलाया था। जिसमें दिल्ली के जंतरमंतर पर हजारों किसानों के साथ धरना प्रदर्शन भी किया था।
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तीन वर्ष पहले बने थे प्रदेश अध्यक्ष
बताते चलें कि तीन साल पहले ही ओम प्रताप को भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई थी। तभी से ओम प्रताप किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे। अपने किसान नेता की मौत की खबर सुनने के बाद किसानों में मायूसी छा गई।
यह रहे मौजूद
जलेसर। भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह की आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिलते ही भाजपा विधायक संजीव दिवाकर, पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्र पाल सिंह, पालिकाध्यक्ष विकास मित्तल, भाकियू भानू के प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद आदिल खान, क्षत्रिय नेता पवेन्द्र सिंह पम्मी ठाकुर, कुलदीप सिंह सिसोदिया, युवा इकाई के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र सिंह ठाकुर, सकरौली के ग्राम प्रधान वीरेन्द्र सिंह मुखिया, श्यामवीर सिंह, उदयवीर सिंह, दिनेशपाल सिंह समेत तमाम लोग सांत्वना देने पहुंचे।
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बताया जाता है कि भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप सिंह किसानों की समस्याओं और बीते तीन साल से हो रहे नुकसान को लेकर हमेशा गंभीर हो जाते थे। किसानों की समस्या के लिए हर वक्त संघर्षरत रहते थे। बताया गया कि प्रदेश अध्यक्ष अपने पिता की करीब 270 बीघा जमीन के साथ गांव के किसानों की करीब 600 बीघा जमीन पट्टे पर लेकर आलू की फसल करते थे। पिछले साल की आलू की फसल को अवागढ़ के एक शीतगृह में हुए हादसे में ओमप्रताप सिंह के 12 हजार पैकेट बर्बाद हो गए थे। जिसका उन्हें काफी सदमा लगा। लगातार दो वर्र्ष नुकसान के बाद तीसरे वर्ष पूरी फसल शीतगृह फटने से बर्बाद हो जाने से वे परेशान रहने लगे कि किसान की समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे? जब इतनी खेती होने के बाद स्वयं ही परेशान हैं, तो छोटे किसानों की हालत क्या होगी? किसान नेता की मौत के बाद परिवार और गांव में कोहराम मचा हुआ है। वहीं किसानों में शोक की लहर है।
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10 साल से बुलंद की आवाज
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के बड़े पुत्र ओमप्रताप सिंह बीते 10 साल से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जुटे थे। उन्होंने भाकियू के बैनर तले प्रदेश में आयोजित सैकड़ों आंदोलन में भाग लेकर किसानों की समस्या समाधान के प्रयास किए। पिता और पुत्र दोनों ने मिलकर भारतीय किसान यूनियन और विरक्तसंत रमेश बाबा के सहयोग से यमुना बचाओ आंदोलन चलाया था। जिसमें दिल्ली के जंतरमंतर पर हजारों किसानों के साथ धरना प्रदर्शन भी किया था।
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तीन वर्ष पहले बने थे प्रदेश अध्यक्ष
बताते चलें कि तीन साल पहले ही ओम प्रताप को भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई थी। तभी से ओम प्रताप किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे। अपने किसान नेता की मौत की खबर सुनने के बाद किसानों में मायूसी छा गई।
यह रहे मौजूद
जलेसर। भाकियू भानू के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह की आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिलते ही भाजपा विधायक संजीव दिवाकर, पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्र पाल सिंह, पालिकाध्यक्ष विकास मित्तल, भाकियू भानू के प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद आदिल खान, क्षत्रिय नेता पवेन्द्र सिंह पम्मी ठाकुर, कुलदीप सिंह सिसोदिया, युवा इकाई के जिलाध्यक्ष सतेन्द्र सिंह ठाकुर, सकरौली के ग्राम प्रधान वीरेन्द्र सिंह मुखिया, श्यामवीर सिंह, उदयवीर सिंह, दिनेशपाल सिंह समेत तमाम लोग सांत्वना देने पहुंचे।