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समाजवादी पेंशन योजना में घोटाला, तीन हजार अपात्रों को लाभ
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:20 AM IST
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फिरोजाबाद। सपा सरकार में समाजवादी पेंशन (वर्तमान में राज्य पेंशन योजना) में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ। पात्रों के बजाय अपात्रों की पेंशन बना दी गई। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने जांच कराई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिले में लगभग तीन हजार लोग ऐसे चिह्नित हुए जो फर्जी तरीके से पेंशन ले रहे थे। समाज कल्याण विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
सपा सरकार के कार्यकाल में समाजवादी पेंशन के नाम से महत्वाकांक्षी योजना शुरू हुई थी। इसके तहत चिह्नित पात्र लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जानी थी। जिले में 55720 लाभार्थियों का चयन कर पेंशन दी जा रही थी। तिमाही किस्त दी जाती थी। जिले में करीब तीन किस्तें जारी हो गईं।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही योगी सरकार बनी तो समाजवादी पेंशन योजना शक के दायरे में आ गई। उन्होंने लाभार्थियों की पात्रता की जांच कराने का फैसला लिया। समाज कल्याण विभाग की ओर से एसडीएम, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी से जांच कराई गई तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। 2948 अपात्र फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ उठा रहे थे। अभी सर्वे जारी है, कुछ और अपात्र सामने आ सकते हैं। अपात्रों की सूची शासन को भेज दी है।
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योजना की जांच के दौरान कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। कई ऐसे लोग भी मिले जो दो-दो पेंशन योजना का लाभ उठा रहे थे। ये फर्जीवाड़ा चयन के दौरान ग्राम विकास अधिकारियों और लाभार्थियों ने किया था। की ओर से किया गया था।
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सपा सरकार के कार्यकाल में समाजवादी पेंशन के नाम से महत्वाकांक्षी योजना शुरू हुई थी। इसके तहत चिह्नित पात्र लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जानी थी। जिले में 55720 लाभार्थियों का चयन कर पेंशन दी जा रही थी। तिमाही किस्त दी जाती थी। जिले में करीब तीन किस्तें जारी हो गईं।
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही योगी सरकार बनी तो समाजवादी पेंशन योजना शक के दायरे में आ गई। उन्होंने लाभार्थियों की पात्रता की जांच कराने का फैसला लिया। समाज कल्याण विभाग की ओर से एसडीएम, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी से जांच कराई गई तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। 2948 अपात्र फर्जी तरीके से पेंशन का लाभ उठा रहे थे। अभी सर्वे जारी है, कुछ और अपात्र सामने आ सकते हैं। अपात्रों की सूची शासन को भेज दी है।
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योजना की जांच के दौरान कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। कई ऐसे लोग भी मिले जो दो-दो पेंशन योजना का लाभ उठा रहे थे। ये फर्जीवाड़ा चयन के दौरान ग्राम विकास अधिकारियों और लाभार्थियों ने किया था। की ओर से किया गया था।