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डीजल चोरी में कर्मचारियों को थमाए नोटिस
Updated Thu, 13 Dec 2018 10:11 PM IST
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बस स्टैंड कें निर्माण की गुणवता पर उठ रहे सवाल
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों से डीजल चोरी के खेल में सात चालकों और परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कासगंज डिपो के एआरएम ने चालक परिचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले को लेकर हाइकोर्ट में दायर जनहित याचिका में शुक्रवार को सुनवाई होनी है। इसे लेकर निगम अफसरों को हाईकोर्ट में तलब किया गया है।
कासगंज डिपो की बस संख्या यूपी 81बीटी 5704 की 12 से 18 जून तक की बीटीएस रिपोर्ट, डीजल विवरण, टिकट डिटेल और बैगवाइज डिटेल के माध्यम से डीजल चोरी के खेल का खुलासा हुआ। जिसमें पाया गया कि कासगंज डिपो की दिल्ली से सिकंदराराऊ-कासगंज होते हुए धुमरी तक जाने वाली बस 12 जून 2018 को दिल्ली से अतरौली होते हुए कासगंज पहुंची। वहीं धुमरी से करीब 10 किमी पहले लौट आई। करीब 520 किमी बस संचालन के लिए 102 लीटर डीजल डाला गया। इसके बाद 14-15 जून को बस सिढ़पुरा और धुमरी के बीच से लौट आई। इसके लिए बस 110 लीटर डीजल डाला गया। हालांकि बस महज 504 किमी चली। वहीं अन्य दिनों में बस में औसतन 100-102 लीटर के बीच डीजल डाला जाता है। इसे लेकर शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। मामले में सुनवाई को लेकर कोर्ट से निगम अफसरों को तलब किया गया, तो अफसरों ने आनन फानन में सात चालक परिचालकों को नोटिस थमाए हैं। कर्मचारियों से तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है। साथ ही जवाब नहीं देने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
एसटीएफ से की गई थी शिकायत
आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने डीजल चोरी प्रकरण की शिकायत एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी से भी की थी। इस पर एसपी ने साक्ष्य मांगे थे। आरटीआई कार्यकर्ता ने एसटीएफ को एटा और कासगंज डिपो में हुए कई घोटालों की साक्ष्य समेत शिकायत भेजी थी।
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इनको थमाए गए नोटिस
मामले में चालक चरन सिंह, मुनेंद्र कुमार, अजय, राजेश कुमार, परिचालक प्रवेश, उमेश, अश्वनी को नोटिस जारी किए गए हैं।
मामला डीजल चोरी का नहीं है, बल्कि किलोमीटर कम चलने का है। इसे लेकर चालकों और परिचालकों से जवाब तलब किया गया है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
एके सिंह, एआरएम, कासगंज
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कासगंज डिपो की बस संख्या यूपी 81बीटी 5704 की 12 से 18 जून तक की बीटीएस रिपोर्ट, डीजल विवरण, टिकट डिटेल और बैगवाइज डिटेल के माध्यम से डीजल चोरी के खेल का खुलासा हुआ। जिसमें पाया गया कि कासगंज डिपो की दिल्ली से सिकंदराराऊ-कासगंज होते हुए धुमरी तक जाने वाली बस 12 जून 2018 को दिल्ली से अतरौली होते हुए कासगंज पहुंची। वहीं धुमरी से करीब 10 किमी पहले लौट आई। करीब 520 किमी बस संचालन के लिए 102 लीटर डीजल डाला गया। इसके बाद 14-15 जून को बस सिढ़पुरा और धुमरी के बीच से लौट आई। इसके लिए बस 110 लीटर डीजल डाला गया। हालांकि बस महज 504 किमी चली। वहीं अन्य दिनों में बस में औसतन 100-102 लीटर के बीच डीजल डाला जाता है। इसे लेकर शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। मामले में सुनवाई को लेकर कोर्ट से निगम अफसरों को तलब किया गया, तो अफसरों ने आनन फानन में सात चालक परिचालकों को नोटिस थमाए हैं। कर्मचारियों से तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है। साथ ही जवाब नहीं देने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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एसटीएफ से की गई थी शिकायत
आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने डीजल चोरी प्रकरण की शिकायत एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी से भी की थी। इस पर एसपी ने साक्ष्य मांगे थे। आरटीआई कार्यकर्ता ने एसटीएफ को एटा और कासगंज डिपो में हुए कई घोटालों की साक्ष्य समेत शिकायत भेजी थी।
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इनको थमाए गए नोटिस
मामले में चालक चरन सिंह, मुनेंद्र कुमार, अजय, राजेश कुमार, परिचालक प्रवेश, उमेश, अश्वनी को नोटिस जारी किए गए हैं।
मामला डीजल चोरी का नहीं है, बल्कि किलोमीटर कम चलने का है। इसे लेकर चालकों और परिचालकों से जवाब तलब किया गया है। जवाब मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
एके सिंह, एआरएम, कासगंज