{"_id":"5b8aa57142c7924656043f59","slug":"31535812977-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन्माष्टमी पर रात 1:55 पर होगी मंगला आरती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन्माष्टमी पर रात 1:55 पर होगी मंगला आरती
Updated Sat, 01 Sep 2018 08:28 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जनजन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज विशेष वस्त्रों में सजेंगे। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात्रि 12 बजे ठाकुर बांके बिहारीजी के श्रीविग्रह का दूध, दही, बूरा, शहद और घी से अभिषेक होगा। इसके बाद ठाकुर जी को विशेष शृंगार धारण कराए जाएंगे।
मंदिर के उप प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि जन्माष्टमी पर रात लगभग 1:45 बजे दर्शन खुलेंगे इसके बाद 1:55 बजे मंगला आरती के दर्शन होंगे और विशेष थालों में ठाकुरजी को भोग भी निवेदित किए जाएंगे। सुबह लगभग पांच बजे तक श्रद्धालु दर्शन लाभ ले सकेंगे। चार सितंबर को प्रात: 7:45 से 12 बजे तक नंदोत्सव दर्शन होंगे। इसके बाद ददिकांधा होगा।
कान्हा की क्रीड़ा भूमि में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर
धर्म नगरी के मंदिरों और आश्रमों में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। ब्रज वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।
तीन सितंबर को जन्माष्टमी पर्व को मनाने के लिए देश ही नहीं विदेशी श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में उत्साह से महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विज्ञापन
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बातया कि तीर्थ नगरी वृंदावन में रामानुज संप्रदाय, निंबार्क संप्रदाय, हरिदासी संप्रदाय, राधा वल्लभीय संप्रदाय, गौड़ीया संप्रदाय आदि संप्रदायों के विभिन्न मंदिर एवं आश्रमों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इन्हीं संप्रदायों से जुड़े भक्तकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए देश ही नहीं विदेशों से आते हैं।
विज्ञापन
मंदिर के उप प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि जन्माष्टमी पर रात लगभग 1:45 बजे दर्शन खुलेंगे इसके बाद 1:55 बजे मंगला आरती के दर्शन होंगे और विशेष थालों में ठाकुरजी को भोग भी निवेदित किए जाएंगे। सुबह लगभग पांच बजे तक श्रद्धालु दर्शन लाभ ले सकेंगे। चार सितंबर को प्रात: 7:45 से 12 बजे तक नंदोत्सव दर्शन होंगे। इसके बाद ददिकांधा होगा।
विज्ञापन
कान्हा की क्रीड़ा भूमि में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर
धर्म नगरी के मंदिरों और आश्रमों में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। ब्रज वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।
तीन सितंबर को जन्माष्टमी पर्व को मनाने के लिए देश ही नहीं विदेशी श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। विभिन्न आश्रमों और मंदिरों में उत्साह से महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विज्ञापन
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बातया कि तीर्थ नगरी वृंदावन में रामानुज संप्रदाय, निंबार्क संप्रदाय, हरिदासी संप्रदाय, राधा वल्लभीय संप्रदाय, गौड़ीया संप्रदाय आदि संप्रदायों के विभिन्न मंदिर एवं आश्रमों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इन्हीं संप्रदायों से जुड़े भक्तकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए देश ही नहीं विदेशों से आते हैं।