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दो सोसायटी के विवाद में फंसा बीएसए डिग्री कालेज
Updated Mon, 16 Jul 2018 08:50 PM IST
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मथुरा। शहर के सबसे प्रतिष्ठित कालेजों में शुमार बाबू शिवनाथ अग्रवाल महाविद्यालय दो सोसायटी के विवाद में निरंतर उलझता जा रहा है। स्थिति इस कदर गंभीर हो गई है कि कालेज बगैर प्रबंधन के संचालित हो रहा है। इसका सीधा असर कालेज की प्रशासनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। इस विवाद की एक बार फिर मंगलवार को सब रजिस्ट्रार आगरा में सुनवाई होनी है।
बीएसए कालेज के प्रबंधन को लेकर पिछले 8-10 साल से विवाद बना हुआ है। विवाद अग्रवाल शिक्षा मंडल और श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल के बीच है। विवि द्वारा अमान्य किया गया प्रबंधन श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल के अधीन चुना गया है, जो पिछले कई दशकों से उक्त कालेज का संचालन कर रहा था। विवाद में एक अन्य पक्ष अग्रवाल शिक्षा मंडल का है। इसके पदाधिकारी अग्रवाल शिक्षा मंडल को 1926 में पंजीकृत तथा श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल को 1961 में पंजीकृत बता रहे हैं। दोनों के पंजीकृत नंबर भी अलग-अलग दर्शा रहे हैं। कहना है कि बीएसए कालेज की स्थापना 1956 में हुई है।
सोसायटी एक्ट के तहत इस विवाद के निस्तारण का वाद सब रजिस्ट्रार आगरा में लंबित है। इसकी सुनवाई तीन जुलाई को हुई थी, जिसमें एक पक्ष से अभय अग्रवाल की उपस्थिति हुई, जबकि अन्य पक्ष श्याम सुंदर बंसल उपस्थिति नहीं हुए। अब मंगलवार को इस मामले में एक बार फिर सुनवाई होने जा रही है।
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बीएसए कालेज के प्रबंधन को लेकर पिछले 8-10 साल से विवाद बना हुआ है। विवाद अग्रवाल शिक्षा मंडल और श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल के बीच है। विवि द्वारा अमान्य किया गया प्रबंधन श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल के अधीन चुना गया है, जो पिछले कई दशकों से उक्त कालेज का संचालन कर रहा था। विवाद में एक अन्य पक्ष अग्रवाल शिक्षा मंडल का है। इसके पदाधिकारी अग्रवाल शिक्षा मंडल को 1926 में पंजीकृत तथा श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल को 1961 में पंजीकृत बता रहे हैं। दोनों के पंजीकृत नंबर भी अलग-अलग दर्शा रहे हैं। कहना है कि बीएसए कालेज की स्थापना 1956 में हुई है।
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सोसायटी एक्ट के तहत इस विवाद के निस्तारण का वाद सब रजिस्ट्रार आगरा में लंबित है। इसकी सुनवाई तीन जुलाई को हुई थी, जिसमें एक पक्ष से अभय अग्रवाल की उपस्थिति हुई, जबकि अन्य पक्ष श्याम सुंदर बंसल उपस्थिति नहीं हुए। अब मंगलवार को इस मामले में एक बार फिर सुनवाई होने जा रही है।
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