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भर दो झोली मेरे या मोहम्मद...
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:42 PM IST
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मैनपुरी-कुरावली। नगर के मोहल्ला पठानान में झाड़ी वाले शाह की मजार पर चल रहे चार दिवसीय उर्स के दूसरे दिन कव्वालों ने कलाम पेश करते हुए समा बांधा। उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे। कार्यक्रम का आगाज हाफिज व कारी शमशाद ने तिलावते कुरान-ए-पाक से किया। इसके बाद कव्वाली का दौर शुरू हुआ। दिलशाद रिजवी ने भर दो झोली मेरे या मोहम्मद, तेरे दर से न जाऊंगा खाली।
कासगंज के महसर कादरी ने तेरी रहमतों का दरिया सरेआम चल रहा है, मुझे भीख मिल रही है मेरा काम चल रहा है कव्वाली गाई तो जायरीन झूमने पर विवश हो गए। फर्रूखाबाद के कव्वाल ने कहीं दिवार हिलती है तो कहीं दर कांप जाता है। रफीक-लईक, आफताब मोहन रामपुर, फरीद-लईक मुरादाबाद, मोहसिन ताज मेरठ, लड्डन रुदायन, अय्याज अली साबरी ने भी कव्वाली सुनाकर लोगों को बांधे रखा। निजामत शाकिर मंसूरी, कमेटी के नेताजी अब्दुल सलाम, अख्तर हुसैन, वारिश, इवाद, मोहसिन, शाजिद फारुखी, शकील अहमद, अनवर अली, तसद्दुक हुसैन, अजहर अली मौजूद रहे।
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कासगंज के महसर कादरी ने तेरी रहमतों का दरिया सरेआम चल रहा है, मुझे भीख मिल रही है मेरा काम चल रहा है कव्वाली गाई तो जायरीन झूमने पर विवश हो गए। फर्रूखाबाद के कव्वाल ने कहीं दिवार हिलती है तो कहीं दर कांप जाता है। रफीक-लईक, आफताब मोहन रामपुर, फरीद-लईक मुरादाबाद, मोहसिन ताज मेरठ, लड्डन रुदायन, अय्याज अली साबरी ने भी कव्वाली सुनाकर लोगों को बांधे रखा। निजामत शाकिर मंसूरी, कमेटी के नेताजी अब्दुल सलाम, अख्तर हुसैन, वारिश, इवाद, मोहसिन, शाजिद फारुखी, शकील अहमद, अनवर अली, तसद्दुक हुसैन, अजहर अली मौजूद रहे।
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