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एंबुलेंस नहीं आने से तड़पकर प्रसूता की मौत
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:28 PM IST
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एंबुलेंस
- फोटो : self
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मैनपुरी। बार बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस न पहुंचने से मंगलवार को कोसमा में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिवारीजनों ने बिना सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से सरकार की प्रसूताओं को विशेष सुविधा देने के दावों की पोल खुल गई।
थाना घिरोर के गांव कोसमा हिनूद निवासी सरिता (35) पत्नी सर्वेश बाथम को सोमवार की दोपहर प्रसव पीड़ा होने लगी। सर्वेश का कहना है कि उन्होंने पहले 108 नंबर पर फोन किया। वहां से जवाब मिला कि 25 मिनट में एंबुलेंस पहुंच रही है। जब निर्धारित समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची तो 30 मिनट बाद फोन किया लेकिन इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं आई।
दो घंटे तक इंतजार करने के बाद बाद परिवारीजन किराए की मारूती वैन से सरिता को सैफई उपचार के लिए ले गए। सर्वेश ने बताया कि रास्ते में ही सरिता ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद परिवारीजन उसे वापस कोसमा घर ले आए।
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कुछ देर बाद सरिता की हालत बिगड़ने लगी इसके बाद परिवारीजन उसी मारुति वैन से एक बार फिर सरिता को सैफई अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने सरिता को मृत घोषित कर दिया। रास्ते में ही सरिता की मौत हो चुकी थी। परिवारीजन सरिता को वापस घर ले आए। साथ ही देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
सीएमओ डॉ शरद वर्मा का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। यदि एंबुलेंस देरी से पहुंची है तो जांच कराई जाएगी। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एंबुलेंस सेवा के जिला कोआर्डिनेटर धीरज कुमार का कहना है कि डीजल न मिल पाने से एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके कारण दो घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। अब धनराशि मिलने से पेट्रोल संचालकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। बुधवार से सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
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थाना घिरोर के गांव कोसमा हिनूद निवासी सरिता (35) पत्नी सर्वेश बाथम को सोमवार की दोपहर प्रसव पीड़ा होने लगी। सर्वेश का कहना है कि उन्होंने पहले 108 नंबर पर फोन किया। वहां से जवाब मिला कि 25 मिनट में एंबुलेंस पहुंच रही है। जब निर्धारित समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची तो 30 मिनट बाद फोन किया लेकिन इसके बाद भी एंबुलेंस नहीं आई।
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दो घंटे तक इंतजार करने के बाद बाद परिवारीजन किराए की मारूती वैन से सरिता को सैफई उपचार के लिए ले गए। सर्वेश ने बताया कि रास्ते में ही सरिता ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद परिवारीजन उसे वापस कोसमा घर ले आए।
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कुछ देर बाद सरिता की हालत बिगड़ने लगी इसके बाद परिवारीजन उसी मारुति वैन से एक बार फिर सरिता को सैफई अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने सरिता को मृत घोषित कर दिया। रास्ते में ही सरिता की मौत हो चुकी थी। परिवारीजन सरिता को वापस घर ले आए। साथ ही देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
सीएमओ डॉ शरद वर्मा का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। यदि एंबुलेंस देरी से पहुंची है तो जांच कराई जाएगी। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एंबुलेंस सेवा के जिला कोआर्डिनेटर धीरज कुमार का कहना है कि डीजल न मिल पाने से एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके कारण दो घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। अब धनराशि मिलने से पेट्रोल संचालकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। बुधवार से सेवाएं शुरू हो जाएंगी।