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अबकी 500 से अधिक स्थानों पर होगा होलिका दहन
Updated Mon, 26 Feb 2018 08:17 PM IST
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होली
- फोटो : डेमो
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मथुरा। अब शहर में भी होली का उल्लास छाने लगा है। सामूहिक होलिका दहन के लिए तय स्थलों के अलावा करीब पांच सौ से अधिक स्थानों होलिका दहन होगा। इसके लिए प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। होली का स्वरूप अब बदलने लगा है।
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अब कंडे और झाड़ियों के स्थान पर होलिका की प्रतिमाओं को शहर के प्रमुख चौराहों, तिराहों पर सजाया जाता है। शहर के हृदय स्थल होली गेट, होली वाली गली, छत्ता बाजार, रंगेश्वर महादेव मंदिर निकट, सेठबाड़ा, आर्यसमाज रोड सहित करीब 25 से 30 ऐसे प्राचीन स्थल है जहां सामूहिक होलिका दहन होता है। इसके अलावा शहर के 500 से अधिक मोहल्ले, कालोनियों, चौराहे और तिराहों पर होलिका की आकर्षक प्रतिमा और उसमें भक्त प्रहलाद को विराजमान किया जाता है। बड़ी संख्या में होलिका की प्रतिमाओं को तैयार किया जा रहा है। अंबाखार नाले के निकट प्रतिमाओं को तैयार कर रहे प्रमोद कुमार ने बताया अब बड़े पैमाने पर होलिका की प्रतिमाओं की मांग आती है। इसके लिए एक माह पहले से ही प्रतिमाओं को तैयार करने का काम शुरू हो जाता है।
चार दशक पहले होली गेट पर रखी गई थी प्रतिमा
मथुरा। चार दशक पहले होलिका की प्रतिमा स्थापना की शुरूआत होलीगेट पर की गई। श्री होलीकोत्सव संघ के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, संस्थापक महामंत्री मदन मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले प्रतिमा केवल होली वाली गली में ही रखी जाती थी। होलीगेट पर प्रतिमा लगने के बाद अब ये परंपरा तेजी के साथ शहर में बढ़ी है। देहात अंचल में भी प्रतिमा को लगाने का चलन बढ़ रहा है। होलीगेट पर ही सांसद, जिले के आला अफसर होलिका का पूजन करते हैं। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।
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मथुरा। चार दशक पहले होलिका की प्रतिमा स्थापना की शुरूआत होलीगेट पर की गई। श्री होलीकोत्सव संघ के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, संस्थापक महामंत्री मदन मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले प्रतिमा केवल होली वाली गली में ही रखी जाती थी। होलीगेट पर प्रतिमा लगने के बाद अब ये परंपरा तेजी के साथ शहर में बढ़ी है। देहात अंचल में भी प्रतिमा को लगाने का चलन बढ़ रहा है। होलीगेट पर ही सांसद, जिले के आला अफसर होलिका का पूजन करते हैं। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।
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