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कैंसर यूनिट बनी, मशीन भी लगी लेकिन यहां डॉक्टर नहीं
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:26 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। कैंसर के मरीजों के लिए जिले की पहचान बनती जा रही है। प्रतिवर्ष 40 से 50 मरीजों की कैंसर से मौत हो रही है। वहीं, सैकड़ों लोग जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। यहां कैंसर यूनिट तो बनी है, मशीन भी लगी है, लेकिन इलाज के लिए डॉक्टर तैनात नहीं हैं।
जनपद में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से पीड़ित होने वाले लोगों को नहीं बचाया जा रहा है। इसका मुख्य कारण है कि जनपद में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं।
जनपद में कैंसर इतना खरतनाक होता जा रहा है कि यहां हर साल कैंसर से पीड़ित होकर 40 से 50 मरीजों की मौत हो रही है। एक निजी संस्था की रिपोर्ट के अनुसार जिले में वर्तमान में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 के लगभग है। इसमें 500 से अधिक लोग मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं। कैंसर होने की बात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं। वर्ष 2010 में मैनपुरी में कैंसर यूनिट की स्थापना कराई गई थी।
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तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के प्रयास भी रहे बेअसर
जनपद में कैंसर के मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार अभय कुमार सिंह बताते हैं कि सीएमओ के निर्देशन में इसके पदाधिकारी लगातार लोगों को तंबाकू से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
आगरा और ग्वालियर के डॉक्टर लगाते हैं शिविर
जनपद के लोगों को कैंसर की जानकारी समय से हो सके तथा बेहतर उपचार मिल सके इसके लिए निजी संस्थाएं भी काम कर रही हैं। संतलाल वेलफेयर एसोसिएशन के सौजन्य से भी जनपद में कैंसर मरीजों की जांच के लिए परामर्श शिविर का आयोजन हर माह किया जाता है। इसमें आगरा के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहते हैं।
सात साल बाद भी नहीं शुरू हो सका कैंसर यूनिट
वर्ष 2005 में तत्कालीन सपा सरकार ने कैंसर यूनिट का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसके लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि जारी की थी। कैंसर यूनिट निर्माण कार्य वर्ष 2010 में पूरा कर लिया गया। यहां मशीनें भी स्थापित कर दी गईं लेकिन डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण आज तक यह यूनिट बंद पड़ी हुई है।
कैंसर यूनिट के संबंध में कई बार शासन और प्रशासन को लिखा जा चुका है। कई बार मिनी पीजीआई सैफई से विशेषज्ञों की टीम ने आकर यहां निरीक्षण भी किया, लेकिन डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई। इसके कारण यूनिट शुरू नहीं हो पा रही है। जनपद स्तर पर कैंसर के किसी भी प्रकार के उपचार की व्यवस्था नहीं है।
डॉ. आरके सागर, सीएमएस जिला अस्पताल मैनपुरी
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जनपद में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से पीड़ित होने वाले लोगों को नहीं बचाया जा रहा है। इसका मुख्य कारण है कि जनपद में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं।
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जनपद में कैंसर इतना खरतनाक होता जा रहा है कि यहां हर साल कैंसर से पीड़ित होकर 40 से 50 मरीजों की मौत हो रही है। एक निजी संस्था की रिपोर्ट के अनुसार जिले में वर्तमान में कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 के लगभग है। इसमें 500 से अधिक लोग मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं। कैंसर होने की बात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी स्वीकार करते हैं। वर्ष 2010 में मैनपुरी में कैंसर यूनिट की स्थापना कराई गई थी।
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तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के प्रयास भी रहे बेअसर
जनपद में कैंसर के मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार अभय कुमार सिंह बताते हैं कि सीएमओ के निर्देशन में इसके पदाधिकारी लगातार लोगों को तंबाकू से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
आगरा और ग्वालियर के डॉक्टर लगाते हैं शिविर
जनपद के लोगों को कैंसर की जानकारी समय से हो सके तथा बेहतर उपचार मिल सके इसके लिए निजी संस्थाएं भी काम कर रही हैं। संतलाल वेलफेयर एसोसिएशन के सौजन्य से भी जनपद में कैंसर मरीजों की जांच के लिए परामर्श शिविर का आयोजन हर माह किया जाता है। इसमें आगरा के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहते हैं।
सात साल बाद भी नहीं शुरू हो सका कैंसर यूनिट
वर्ष 2005 में तत्कालीन सपा सरकार ने कैंसर यूनिट का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसके लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि जारी की थी। कैंसर यूनिट निर्माण कार्य वर्ष 2010 में पूरा कर लिया गया। यहां मशीनें भी स्थापित कर दी गईं लेकिन डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण आज तक यह यूनिट बंद पड़ी हुई है।
कैंसर यूनिट के संबंध में कई बार शासन और प्रशासन को लिखा जा चुका है। कई बार मिनी पीजीआई सैफई से विशेषज्ञों की टीम ने आकर यहां निरीक्षण भी किया, लेकिन डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई। इसके कारण यूनिट शुरू नहीं हो पा रही है। जनपद स्तर पर कैंसर के किसी भी प्रकार के उपचार की व्यवस्था नहीं है।
डॉ. आरके सागर, सीएमएस जिला अस्पताल मैनपुरी