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चार साल में चार हत्या हो चुकी हैं इदरीश के घर में
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:37 PM IST
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एटा। पिता, भाई के बाद बेटा और बेटी की हत्या के बाद इदरीश पूरी तरह से टूट चुका है। चार हत्याओं का मंजर देखने के बाद वह गांव से पलायन करने की बात कह रहा है। ऐसे में वह पुलिस और प्रशासन पर पूरी तरह से न्याय की आश लगाए हुए है।
थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव देवतरा निवासी इदरीश पिछली चार साल से घर में एक साथ दो लोगों की हत्या होने के बाद अर्थी का बोझ उठाने के लिए टूट चुका है। उसने बताया कि चार साल पहले उसके पिता संबू खां और भाई जमील खां की मामूली विवाद में एक ही दिन गोली मार हत्या कर दी थी। जिनकी मौत को वह पूरी तरह से भूल नहीं सके थे। उससे पहले ही सुरक्षकर्मी योगेंद्र उर्फ छोटे पुत्र लल्लू सिंह ने इदरीश के बेटे और बेटी की गोली मार हत्या कर दी। इसके बाद से वह फिर से सदमे में पहुंचा गया है। चार साल में पिता, भाई और दो औलाद खोने के बाद इदरीश पूरी तरह से टूट चुका है। उसने बातचीत में बताया कि वह खुद के साथ हुई घटनाओं से आहत होकर अब गांव में नहीं रहेगा, जल्द ही गांव से पलायन कर जाएगा।
खुशी का माहौल हुआ गमगीन
एटा। भाई जमील खां की मौत के बाद उसकी बेटी तवस्सुम की शादी इदरीश ने नौ सितंबर को रचाई है। सोमवार को तवस्सुम अपनी ससुराल से इदरीश के घर पहुंची ही थी। उसी समय भाई बहन की मौत की घटना हो गई। ऐसे में खुशी का माहौल पल मात्र में थम गया।
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आरोपी पक्ष के लोगाें ने दी धमकी
एटा। मंगलवार को भाई-बहन के शव गांव पहुंचने के मौके पर पीड़ित इदरीश के लोगाें ने बताया कि घटना के बाद आरोपी पक्ष के लोगों ने गालीगलौज करते हुए घटना के दिन ही उन्हें धमकी दी थी। इसे लेकर पीड़ित पक्ष के लोग दहशत में हैं। गांव के लोगों ने पीड़ित पक्ष को सुरक्षा मुहैया कराने की पुलिस प्रशासन से मांग की है।
हत्यारों को दी जाए फांसी की सजा
एटा। कलेजे के दो टुकड़ों की हत्या होने के बाद मां परवीन का रो रोकर बुरा हाल है। रोते बिलखते हुए मां एक ही बात कह रही है कि हत्यारे को जब तक फांसी के फंदे पर लटका हुआ नहीं देख लेगी। तब तक उसके कलेजे को राहत नहीं मिलेगी।
देवरिया के लोगों का देवतरा में आतंक
देवरिया गांव के लोगों का देवतरा गांव पर आतंक है। यह लोग शाम को शराब पीकर रंगबाजी दिखाने गांव पहुंच जाते हैं। मैंने पुलिस प्रशासन को आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा हैं। मैं क्षेत्र से बाहर हूं, घटना की जानकारी होने के साथ ही मैंने बेटे को पीड़ित परिवार के घर भेजा था। लौटकर मैं भी पीड़ित परिवार से मिलूंगा और सरकार से हर संभव मदद मुहैया कराने का काम कराऊंगा।
सत्यपाल सिंह राठौर, विधायक, अलीगंज
देवतरा में दो मासूमों की मौत के बाद पसरा सन्नाटा : फोटो
आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग पर लोगों ने किया जाम लगाने का प्रयास
पूर्व विधायक ने समझाकर जाम की घटना टाली
मृतक और घायल के परिजनों को दी सहायता राशि
अमर उजाला ब्यूरो
एटा।
देवतरा में हुई दो मासूम बच्चों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा है। परिवारीजन आर्थिक मदद की मांग को लेकर अलीगंज में शव रखकर जाम लगाने का का प्रयास किया लेकिन पूर्व विधायक ने जाम लगाने से रोक दिया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों बच्चों को दफनाया गया।
थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव देवतरा निवासी भाई शान मोहम्मद और उसकी छह वर्षीय बहन गुलफशा के पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे शव को देख लोगों की आंख से आंसूू झलक गए। मृतक परिवार की आर्थिक स्थित कमजोर होने के चलते लोगों ने उन्हें सहायता राशि दिलाने की मांग को लेकर शव को अलीगंज में रखकर जाम लगाने का प्लान बनाया। शव को ट्रैक्टर ट्राली में रखकर ग्रामीण जा रहे थे। उसी समय रास्ते में सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर यादव ने उन्हें रोक लिया और जाम न लगाने की सलाह दी। इस पर लोगों ने जाम नहीं लगाया। इसके बाद गांव पहुंचे पूर्व विधायक रामेश्वर यादव ने मृतक पक्ष को 25 हजार और घायल को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। 51 हजार रुपये जुनैद मियां, 25 हजार रुपये बबलू अंसारी और 15 हजार रुपये असलम खां ने मृतक और घायल पक्ष के लोगाें को आर्थिक सहायता प्रदान की। सीओ अलीगंज अजय भदौरिया ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में भाई बहन के शव को दफन कराया गया है। इसी मौके पर पहुंचे एसडीएम अलीगंज ने मृतक और घायल परिवार के लोगों को सरकारी सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया है।
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थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव देवतरा निवासी इदरीश पिछली चार साल से घर में एक साथ दो लोगों की हत्या होने के बाद अर्थी का बोझ उठाने के लिए टूट चुका है। उसने बताया कि चार साल पहले उसके पिता संबू खां और भाई जमील खां की मामूली विवाद में एक ही दिन गोली मार हत्या कर दी थी। जिनकी मौत को वह पूरी तरह से भूल नहीं सके थे। उससे पहले ही सुरक्षकर्मी योगेंद्र उर्फ छोटे पुत्र लल्लू सिंह ने इदरीश के बेटे और बेटी की गोली मार हत्या कर दी। इसके बाद से वह फिर से सदमे में पहुंचा गया है। चार साल में पिता, भाई और दो औलाद खोने के बाद इदरीश पूरी तरह से टूट चुका है। उसने बातचीत में बताया कि वह खुद के साथ हुई घटनाओं से आहत होकर अब गांव में नहीं रहेगा, जल्द ही गांव से पलायन कर जाएगा।
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एटा। भाई जमील खां की मौत के बाद उसकी बेटी तवस्सुम की शादी इदरीश ने नौ सितंबर को रचाई है। सोमवार को तवस्सुम अपनी ससुराल से इदरीश के घर पहुंची ही थी। उसी समय भाई बहन की मौत की घटना हो गई। ऐसे में खुशी का माहौल पल मात्र में थम गया।
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आरोपी पक्ष के लोगाें ने दी धमकी
एटा। मंगलवार को भाई-बहन के शव गांव पहुंचने के मौके पर पीड़ित इदरीश के लोगाें ने बताया कि घटना के बाद आरोपी पक्ष के लोगों ने गालीगलौज करते हुए घटना के दिन ही उन्हें धमकी दी थी। इसे लेकर पीड़ित पक्ष के लोग दहशत में हैं। गांव के लोगों ने पीड़ित पक्ष को सुरक्षा मुहैया कराने की पुलिस प्रशासन से मांग की है।
हत्यारों को दी जाए फांसी की सजा
एटा। कलेजे के दो टुकड़ों की हत्या होने के बाद मां परवीन का रो रोकर बुरा हाल है। रोते बिलखते हुए मां एक ही बात कह रही है कि हत्यारे को जब तक फांसी के फंदे पर लटका हुआ नहीं देख लेगी। तब तक उसके कलेजे को राहत नहीं मिलेगी।
देवरिया के लोगों का देवतरा में आतंक
देवरिया गांव के लोगों का देवतरा गांव पर आतंक है। यह लोग शाम को शराब पीकर रंगबाजी दिखाने गांव पहुंच जाते हैं। मैंने पुलिस प्रशासन को आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा हैं। मैं क्षेत्र से बाहर हूं, घटना की जानकारी होने के साथ ही मैंने बेटे को पीड़ित परिवार के घर भेजा था। लौटकर मैं भी पीड़ित परिवार से मिलूंगा और सरकार से हर संभव मदद मुहैया कराने का काम कराऊंगा।
सत्यपाल सिंह राठौर, विधायक, अलीगंज
देवतरा में दो मासूमों की मौत के बाद पसरा सन्नाटा : फोटो
आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग पर लोगों ने किया जाम लगाने का प्रयास
पूर्व विधायक ने समझाकर जाम की घटना टाली
मृतक और घायल के परिजनों को दी सहायता राशि
अमर उजाला ब्यूरो
एटा।
देवतरा में हुई दो मासूम बच्चों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा है। परिवारीजन आर्थिक मदद की मांग को लेकर अलीगंज में शव रखकर जाम लगाने का का प्रयास किया लेकिन पूर्व विधायक ने जाम लगाने से रोक दिया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों बच्चों को दफनाया गया।
थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव देवतरा निवासी भाई शान मोहम्मद और उसकी छह वर्षीय बहन गुलफशा के पोस्टमार्टम के बाद पहुंचे शव को देख लोगों की आंख से आंसूू झलक गए। मृतक परिवार की आर्थिक स्थित कमजोर होने के चलते लोगों ने उन्हें सहायता राशि दिलाने की मांग को लेकर शव को अलीगंज में रखकर जाम लगाने का प्लान बनाया। शव को ट्रैक्टर ट्राली में रखकर ग्रामीण जा रहे थे। उसी समय रास्ते में सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर यादव ने उन्हें रोक लिया और जाम न लगाने की सलाह दी। इस पर लोगों ने जाम नहीं लगाया। इसके बाद गांव पहुंचे पूर्व विधायक रामेश्वर यादव ने मृतक पक्ष को 25 हजार और घायल को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। 51 हजार रुपये जुनैद मियां, 25 हजार रुपये बबलू अंसारी और 15 हजार रुपये असलम खां ने मृतक और घायल पक्ष के लोगाें को आर्थिक सहायता प्रदान की। सीओ अलीगंज अजय भदौरिया ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में भाई बहन के शव को दफन कराया गया है। इसी मौके पर पहुंचे एसडीएम अलीगंज ने मृतक और घायल परिवार के लोगों को सरकारी सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया है।