{"_id":"5be6f051bdec220a7e0f863a","slug":"201541861457-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोरारी बापू ने जन्मस्थान के किए दर्शन, द्वारिकाधीश से बैरंग लौट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोरारी बापू ने जन्मस्थान के किए दर्शन, द्वारिकाधीश से बैरंग लौट
Updated Sat, 10 Nov 2018 08:20 PM IST
विज्ञापन
मोरारी बापू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। प्रख्यात रामकथा वाचक मोरारी बापू शनिवार को ठाकुर श्रीद्वारिकाधीश और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। हालांकि द्वारिकाधीश के पट बंद होने के कारण वह दर्शन न कर सके। उन्होंने मंदिर की देहरी पर ही माथा टेका और पुन: दर्शन को आने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में दर्शन किए।
शनिवार को राम कथा वाचक मोरारी बापू करीब सुबह 11:15 बजे श्रीद्वारिकाधीश मंदिर पहुंचे। मंदिर के कपाट 11 बजे ही बंद होने के कारण उन्हें राजाधिराज के दर्शन न हो सके। उन्होंने बाहर से ही ठाकुर जी के चरणों में शीश झुकाया। इसके बाद उन्होंने जगमोहन में की गई भागवत स्कंध की चित्रकारी को निहारा। समाधानी ब्रजेश चतुर्वेदी, राजीव चतुर्वेदी, मंदिर के उपाध्याय अजय भट्ट, कमलाशंकर शर्मा, बलदेव चतुर्वेदी, सुरेश शर्मा आदि ने उन्हें प्रसाद की टोकरी भेंटकर व ठाकुर जी का प्रसाद रूपी पटुका उढ़ाकर स्वागत किया।
तदोपरांत श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचने पर संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव व जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर ने उन्हें पटुका उढ़ाया। गर्भगृह के दर्शन कर उन्हें वहां अपने साथ लाए रामचरित मानस ग्रंथ का पूजन कराया। उन्हें वहां के महत्व व इतिहास से अवगत कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को राम कथा वाचक मोरारी बापू करीब सुबह 11:15 बजे श्रीद्वारिकाधीश मंदिर पहुंचे। मंदिर के कपाट 11 बजे ही बंद होने के कारण उन्हें राजाधिराज के दर्शन न हो सके। उन्होंने बाहर से ही ठाकुर जी के चरणों में शीश झुकाया। इसके बाद उन्होंने जगमोहन में की गई भागवत स्कंध की चित्रकारी को निहारा। समाधानी ब्रजेश चतुर्वेदी, राजीव चतुर्वेदी, मंदिर के उपाध्याय अजय भट्ट, कमलाशंकर शर्मा, बलदेव चतुर्वेदी, सुरेश शर्मा आदि ने उन्हें प्रसाद की टोकरी भेंटकर व ठाकुर जी का प्रसाद रूपी पटुका उढ़ाकर स्वागत किया।
विज्ञापन
तदोपरांत श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचने पर संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, मुख्य अधिशाषी राजीव श्रीवास्तव व जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर ने उन्हें पटुका उढ़ाया। गर्भगृह के दर्शन कर उन्हें वहां अपने साथ लाए रामचरित मानस ग्रंथ का पूजन कराया। उन्हें वहां के महत्व व इतिहास से अवगत कराया।
विज्ञापन