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पार्षदों का नगर निगम में हंगामा, धरना दिया
Updated Mon, 26 Mar 2018 08:11 PM IST
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फिरोजाबाद। नगर निगम के पार्षदों ने सोमवार को हंगामा किया। कक्षों में ताले लगे होने पर पार्षद जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी की। इसके बाद डीएम को ज्ञापन देने मुख्यालय गए। पार्षदों का आरोप था कि शहर में विकास कार्यों के लिए जो टेंडर हुए हैं उनमें उनकी सहमति नहीं ली गई है।
सोमवार को पार्षद सुबह 10 बजे नगर निगम पहुंचे। यहां महापौर, नगर आयुक्त सहित अन्य अफसरों के कक्षों में ताले पड़े हुए थे। नगर निगम में अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। आक्रोशित पार्षदों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। कार्यालयों के बाहर जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। पार्षद देशदीपक यादव ने कहा कि अभी तक कार्यकारिणी के चुनाव नहीं कराए गए।
शासन से विकास कार्यों के लिए पैसा आ रहा, कहां खर्च किया जा रहा है। इसकी पार्षदों को कोई जानकारी नहीं दी जा रही। जबकि पार्षद भी नगर निगम के प्रतिनिधि हैं। 15 दिन का समय देते हैं कि बोर्ड की मीटिंग कराई जाए। यदि 15 दिन में कार्यकारिणी चुनाव नहीं हुए तो इस्तीफा देने पर विचार करेंगे। पार्षद सुभाष यादव ने कहा कि बोर्ड गठित होने के बाद भी पार्षदों की कोई राय नहीं ली जाती।
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यदि मनमानी नहीं रुकी तो आंदोलन को बाध्य होंगे। इसके बाद पार्षद डीएम से मिलने के लिए जिला मुख्यालय रवाना हो गए। इस दौरान कासिम सिद्दीकी, असलम रजा, अभिनेंद्र यादव, मुनेंद्र यादव, हरिओम गुप्ता, अवधेश कुमार, हेत सिंह शंखवार, कासिम सिद्दीकी सहित अन्य पार्षद मौजूद थे।
नगर निगम प्रशासन द्वारा मंडलायुक्त की स्वीकृति मिलने के बाद इसी माह करीब आठ करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर कराए गए हैं। मोहल्ला सतीनगर, इमरती नगर, आसफाबाद फाटक, कन्हैया नगर, कोटला रोड बंबा बाईपास पर नाला निर्माण। सतीनगर, शांतिनगर, राठौरनगर, किशन नगर, मथुरा नगर, कृष्णानगर, आसफाबाद फाटक, कन्हैया नगर, आनंदीपुरम, छारबाग, नया रसूलपुर, जैन नगर सहित सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
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सोमवार को पार्षद सुबह 10 बजे नगर निगम पहुंचे। यहां महापौर, नगर आयुक्त सहित अन्य अफसरों के कक्षों में ताले पड़े हुए थे। नगर निगम में अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। आक्रोशित पार्षदों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। कार्यालयों के बाहर जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। पार्षद देशदीपक यादव ने कहा कि अभी तक कार्यकारिणी के चुनाव नहीं कराए गए।
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शासन से विकास कार्यों के लिए पैसा आ रहा, कहां खर्च किया जा रहा है। इसकी पार्षदों को कोई जानकारी नहीं दी जा रही। जबकि पार्षद भी नगर निगम के प्रतिनिधि हैं। 15 दिन का समय देते हैं कि बोर्ड की मीटिंग कराई जाए। यदि 15 दिन में कार्यकारिणी चुनाव नहीं हुए तो इस्तीफा देने पर विचार करेंगे। पार्षद सुभाष यादव ने कहा कि बोर्ड गठित होने के बाद भी पार्षदों की कोई राय नहीं ली जाती।
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यदि मनमानी नहीं रुकी तो आंदोलन को बाध्य होंगे। इसके बाद पार्षद डीएम से मिलने के लिए जिला मुख्यालय रवाना हो गए। इस दौरान कासिम सिद्दीकी, असलम रजा, अभिनेंद्र यादव, मुनेंद्र यादव, हरिओम गुप्ता, अवधेश कुमार, हेत सिंह शंखवार, कासिम सिद्दीकी सहित अन्य पार्षद मौजूद थे।
नगर निगम प्रशासन द्वारा मंडलायुक्त की स्वीकृति मिलने के बाद इसी माह करीब आठ करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर कराए गए हैं। मोहल्ला सतीनगर, इमरती नगर, आसफाबाद फाटक, कन्हैया नगर, कोटला रोड बंबा बाईपास पर नाला निर्माण। सतीनगर, शांतिनगर, राठौरनगर, किशन नगर, मथुरा नगर, कृष्णानगर, आसफाबाद फाटक, कन्हैया नगर, आनंदीपुरम, छारबाग, नया रसूलपुर, जैन नगर सहित सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।