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12 गांव में भरा बाढ़ का पानी, जलमग्न हुईं फसलें
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:20 PM IST
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कासगंज।
जिले में मीडियम फ्लड के हालात बने हुए हैं। मीडियम फ्लड होते ही 12 से अधिक गांव में बाढ़ के पानी घुस गया है। पटियाली के समसपुर से नरदौली तक 21 किलोमीटर लंबे इलाके के गंगा तट के खेत खलिहानों में पानी भर गया। किसानों की फसलें इस समय बाढ़ के पानी में डूबी हैं। वहीं तटवर्ती कई गांव की आबादी तक बाढ़ के पानी जा पहुंचा है। हालांकि बांधों पर पानी का दबाव कम होने से आगामी समय में राहत के संकेत मिले हैं।
गंगा में नरौरा से बुधवार को 147395 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। कछला पर गंगा का जलस्तर 163.65 के निशान पर था। गंगा में मंगलवार को ही मीडियम फ्लड के हालात पैदा हो गए। यह पानी बुधवार को पटियाली इलाके में पहुंचा और यह पानी ने तटवर्ती गांव में कहर बन गया। किसौल , किलौनी और नगला ढाव में पानी आबादी तक पहुंच गया। लोगों को बाढ़ के पानी में ही आवाजाही करनी पड़ रही थी। लोग बढ़ते पानी को देखकर परेशान हो रहे हैं।
ग्रामीण भूदेव ने बताया कि गंगा में पानी बढ़ते ही सबसे पहले किलौनी, किसौल और नगला ढाव इलाके में गंगा कहर ढाती है। वहीं उलाईखेड़ा, बमनपुरा गांव, नगला खिमाई, नगला पनसोती, जिझौल, हिम्मत नगर बझेरा में भी सभी खेत खलियान पानी में डूबे गए हैं। वहीं कादरगंज, मेहोल व आस पास के गांव में खेतों मे पानी भरा हुआ था। धान और गन्ना की फसल को तो पानी से कोई क्षति नहीं बताई गई। जबकि मक्का, बाजरा आदि की फसलों में क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
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गंगा की बाढ़ का पानी सनौड़ी, नरदौली, बगवास, नौली, फतुआबाग आदि इलाके में पहुंचने की उम्मीद है। वहीं सोरों इलाके में बाढ़ के पानी ने लहरा तक दस्तक दे दी है। यदि पानी और बढ़ा तो दतलाना, उढ़ेर, बघेला, बरौदा, चकपुरा आदि इलाकों तक पानी पहुंच जाएगा। हालांकि इन इलाकों में अभी कोई खतरे की स्थिति नहीं है। कछला गंगाघाट और लहरा गंगाघाट पर सर्वाधिक परेशानी कांवड़ भरने वाले श्रद्धालुओं को हो रहीं है।
सहावर और पटियाली इलाके के गंगा किनारे के गांव में सर्वाधिक बाढ़ का प्रभाव नजर आया। जबकि अन्य स्थानों पर हालात अभी काबू में हैं।
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जिले में मीडियम फ्लड के हालात बने हुए हैं। मीडियम फ्लड होते ही 12 से अधिक गांव में बाढ़ के पानी घुस गया है। पटियाली के समसपुर से नरदौली तक 21 किलोमीटर लंबे इलाके के गंगा तट के खेत खलिहानों में पानी भर गया। किसानों की फसलें इस समय बाढ़ के पानी में डूबी हैं। वहीं तटवर्ती कई गांव की आबादी तक बाढ़ के पानी जा पहुंचा है। हालांकि बांधों पर पानी का दबाव कम होने से आगामी समय में राहत के संकेत मिले हैं।
गंगा में नरौरा से बुधवार को 147395 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। कछला पर गंगा का जलस्तर 163.65 के निशान पर था। गंगा में मंगलवार को ही मीडियम फ्लड के हालात पैदा हो गए। यह पानी बुधवार को पटियाली इलाके में पहुंचा और यह पानी ने तटवर्ती गांव में कहर बन गया। किसौल , किलौनी और नगला ढाव में पानी आबादी तक पहुंच गया। लोगों को बाढ़ के पानी में ही आवाजाही करनी पड़ रही थी। लोग बढ़ते पानी को देखकर परेशान हो रहे हैं।
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ग्रामीण भूदेव ने बताया कि गंगा में पानी बढ़ते ही सबसे पहले किलौनी, किसौल और नगला ढाव इलाके में गंगा कहर ढाती है। वहीं उलाईखेड़ा, बमनपुरा गांव, नगला खिमाई, नगला पनसोती, जिझौल, हिम्मत नगर बझेरा में भी सभी खेत खलियान पानी में डूबे गए हैं। वहीं कादरगंज, मेहोल व आस पास के गांव में खेतों मे पानी भरा हुआ था। धान और गन्ना की फसल को तो पानी से कोई क्षति नहीं बताई गई। जबकि मक्का, बाजरा आदि की फसलों में क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
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गंगा की बाढ़ का पानी सनौड़ी, नरदौली, बगवास, नौली, फतुआबाग आदि इलाके में पहुंचने की उम्मीद है। वहीं सोरों इलाके में बाढ़ के पानी ने लहरा तक दस्तक दे दी है। यदि पानी और बढ़ा तो दतलाना, उढ़ेर, बघेला, बरौदा, चकपुरा आदि इलाकों तक पानी पहुंच जाएगा। हालांकि इन इलाकों में अभी कोई खतरे की स्थिति नहीं है। कछला गंगाघाट और लहरा गंगाघाट पर सर्वाधिक परेशानी कांवड़ भरने वाले श्रद्धालुओं को हो रहीं है।
सहावर और पटियाली इलाके के गंगा किनारे के गांव में सर्वाधिक बाढ़ का प्रभाव नजर आया। जबकि अन्य स्थानों पर हालात अभी काबू में हैं।