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एआईएमआईएम ने बिगाड़ा समाजवादी पार्टी का गणित

Sat, 02 Dec 2017 12:32 AM IST
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:32 AM IST
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एआईएमआईएम ने बिगाड़ा समाजवादी पार्टी का गणित
एएमआईएम
फिरोजाबाद। एआईएमआईएम ने निकाय चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर सभी दलों को हैरान कर दिया। सभी के आकलन ध्वस्त करते हुए एआईएमआईएम प्रत्याशी मशरूर फातिमा ने भाजपा से टक्कर ली और 56536 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। ओवैसी की पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाने में सपा से बगावत करके एआईएमआईएम के साथ आए पूर्व विधायक अजीम भाई की भूमिका अहम रही।
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एआईएमआईएम ने विधानसभा चुनाव से ही जिले की सियासी जमीन पर पैर जमाना शुरू कर दिए थे। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने यहां से एहतशाम अली बाबर को चुनाव में उतारा था। निकाय चुनाव में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 28 अक्तूबर को कमरखवाली बगिया में जनसभा की थी। मेयर की सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरिक्षत होने के कारण एआईएमआईएम से यहां बसपा के पूर्व नेता नौशाद अली सिद्दकी की पत्नी मशरूर फातिमा को टिकट दिया गया।
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नौशाद अली 2002 में यहां से बसपा की टिकट पर पालिकाध्यक्ष का चुनाव लडे़ थे लेकिन हार गए थे। एआईएमआईएम का चुनाव चिन्ह है पतंग। मुस्लिम क्षेत्रों में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने घर-घर में पतंग को पहुंचाया। पार्टी को दम तब और मिल गया जब सपा से बगावत करके पूर्व विधायक अजीम भाई सपा के विरोध में खुुल कर सामने आ गए। नालबंदान चौराहे पर जनसभा करके उन्होंने एआईएमआईएम का खुला समर्थन कर दिया और सपा को हराने के लिए अपने क्षेत्रों में लग गए।
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अजीम इस बात से खफा थे सपा में निकाय चुनाव में उनकी उपेक्षा की गई पार्षद प्रत्याशियों के लिए उन्होंने जो नाम दिए उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इस चुनाव में सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और उनके बेटे क्षेत्र के सांसद अक्षय यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। रामगोपाल यादव के साथ-साथ सांसद अक्षय यादव ने भी स्थानीय मुस्लिम नेताओं के साथ बैठकें की लेकिन सपा के खिलाफ नाराजगी का वोट पतंग में चला गया और औवेसी की पार्टी ने 55 हजार से अधिक वोट लाकर सभी को चौंका दिया।


वोट खुले तो सपा के साथ-साथ सभी दल हैरान रह गए। ओवैसी की पार्टी का निकाय चुनाव में यह प्रदर्शन जिले की मुस्लिम राजनीति में नया गुल खिलाने का संकेत दे गया। इस पार्टी से 25 वार्डों में पार्षद पद के उम्मीदवार भी उतारे गए थे। इनमें से दस उम्मीदवार जीत गए हैं।
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