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दोबारा हो रहा वार्डों का रैपिड सर्वे
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:10 AM IST
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आगरा । स्थानीय निकायों के वार्ड आरक्षण के लिए हुए रेपिड सर्वे में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद सर्वे की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई है। सर्वे में पिछड़ी जातियों को ब्योरा तैयार किया जाएगा। उस आधार पर वार्डों का आरक्षण तय होगा।
नगर निगम के चुनाव के लिए शासन ने वार्डों का परिसीमन नए सिरे से कराया था। इसमें शहर में 90 से बढ़कर 100 वार्ड हो गए थे। इसके बाद वार्डों का आरक्षण तय करना था लेकिन जनगणना 2011 में पिछड़े वर्ग का जातिगत सर्वे नहीं किया गया था।
इस कारण आरक्षण तय करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में शासन ने रैपिड सर्वे का विकल्प दिया और सर्वे के लिए सात दिन दिए। कर्मचारियों ने भी आननफानन सर्वे कर डाला। राजनीतिक दलों ने विरोध किया। उनका कहना था कि जो काम छह माह में पूरा नहीं किया जा सकता है, वह 15 दिन में कैसे हो सकता है। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों ने घर बैठकर ही परिसीमन और सर्वे कर डाला है। आपत्ति आने के बाद सरकार ने सर्वे पर रोक लगा दी।
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नगर निगम के चुनाव के लिए शासन ने वार्डों का परिसीमन नए सिरे से कराया था। इसमें शहर में 90 से बढ़कर 100 वार्ड हो गए थे। इसके बाद वार्डों का आरक्षण तय करना था लेकिन जनगणना 2011 में पिछड़े वर्ग का जातिगत सर्वे नहीं किया गया था।
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इस कारण आरक्षण तय करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में शासन ने रैपिड सर्वे का विकल्प दिया और सर्वे के लिए सात दिन दिए। कर्मचारियों ने भी आननफानन सर्वे कर डाला। राजनीतिक दलों ने विरोध किया। उनका कहना था कि जो काम छह माह में पूरा नहीं किया जा सकता है, वह 15 दिन में कैसे हो सकता है। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों ने घर बैठकर ही परिसीमन और सर्वे कर डाला है। आपत्ति आने के बाद सरकार ने सर्वे पर रोक लगा दी।
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