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रामलीला कमेटी में अब कोई पदाधिकारी नहीं
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:52 PM IST
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फिरोजाबाद। थाना उत्तर में हुई बैठक में डीएम नेहा शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के 11 सदस्यों का विवाद एसडीएम सदर की कोर्ट में चल रहा है। इसलिए कोई भी खुद को पदाधिकारी नहीं लिखेगा, बल्कि रामलीला का आयोजन समिति में सभी 11 सदस्य रहेंगे। समिति के आय-व्यय के पर्यवेक्षण लिए प्रशासन की ओर से अधिकारी तैनात किया जाएगा।
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में निकलने वाली रामबारात से पूर्व डीएम व एसएसपी सचिंद्र पटेल ने थाना उत्तर में बैठक की। इसमें रामलीला कमेटी में शामिल 11 सदस्यों में से नौ व हनुमान ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद थे। श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी के अध्यक्ष के रूप में श्याम सिंह, सचिव आरपी सिंह ने कहा कि इस विवाद का स्थाई रूप से हल होना चाहिए।
रामलीला करीब होने पर, नहीं बल्कि पहले ही समाधान होना चाहिए। कमेटी की ओर से ट्रस्ट गठन के बाद अलग हुए रामनरेश कटारा और नितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन अलग से कमेटी का गठन कर यह आयोजन कराए। श्री हनुमान मंदिर सर्वराकार ट्र्स्ट के सचिव राजनरायन गुप्ता मुन्ना ने कहा, रामलीला मैदान में भूमि हनुमान ट्रस्ट की है। एक माह के लिए यह भूमि ट्रस्ट से रामलीला कराने को ली जाती रही है।
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इसके एवज में रामलीला कमेटी हनुमानजी महाराज के ही दरबार में पैसा देती थी। डीएम नेहा शर्मा ने सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि रामलीला महोत्सव समिति के 11 सदस्यों के चुनाव में विवाद की स्थिति है। मामला एसडीएम सदर के कोर्ट में है, इसलिए जब तक कोई फैसला नहीं आता, तब तक कोई खुद को पदाधिकारी नहीं कहेगा।
इस आयोजन को सभी 11 सदस्य देखेंगे। जहां तक आय-व्यय का सवाल है, तो उसके लिए पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में किसी स्टाफ को तैनात किया जाएगा। प्रशासन रामलीला अपने हाथ में लेकर कराए यह संभव नहीं है। इस दौरान एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह, सीओ सिटी डा.अरुण कुमार सिंह, हनीफ खाकसार, पीके पाराशर, श्याम सिंह यादव पूर्व सभासद, राजेंद्र मदान, नीतेश अग्रवाल जैन आदि मौजूद थे।
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श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में निकलने वाली रामबारात से पूर्व डीएम व एसएसपी सचिंद्र पटेल ने थाना उत्तर में बैठक की। इसमें रामलीला कमेटी में शामिल 11 सदस्यों में से नौ व हनुमान ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद थे। श्री सनातन धर्म रामलीला कमेटी के अध्यक्ष के रूप में श्याम सिंह, सचिव आरपी सिंह ने कहा कि इस विवाद का स्थाई रूप से हल होना चाहिए।
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रामलीला करीब होने पर, नहीं बल्कि पहले ही समाधान होना चाहिए। कमेटी की ओर से ट्रस्ट गठन के बाद अलग हुए रामनरेश कटारा और नितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन अलग से कमेटी का गठन कर यह आयोजन कराए। श्री हनुमान मंदिर सर्वराकार ट्र्स्ट के सचिव राजनरायन गुप्ता मुन्ना ने कहा, रामलीला मैदान में भूमि हनुमान ट्रस्ट की है। एक माह के लिए यह भूमि ट्रस्ट से रामलीला कराने को ली जाती रही है।
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इसके एवज में रामलीला कमेटी हनुमानजी महाराज के ही दरबार में पैसा देती थी। डीएम नेहा शर्मा ने सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि रामलीला महोत्सव समिति के 11 सदस्यों के चुनाव में विवाद की स्थिति है। मामला एसडीएम सदर के कोर्ट में है, इसलिए जब तक कोई फैसला नहीं आता, तब तक कोई खुद को पदाधिकारी नहीं कहेगा।
इस आयोजन को सभी 11 सदस्य देखेंगे। जहां तक आय-व्यय का सवाल है, तो उसके लिए पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में किसी स्टाफ को तैनात किया जाएगा। प्रशासन रामलीला अपने हाथ में लेकर कराए यह संभव नहीं है। इस दौरान एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह, सीओ सिटी डा.अरुण कुमार सिंह, हनीफ खाकसार, पीके पाराशर, श्याम सिंह यादव पूर्व सभासद, राजेंद्र मदान, नीतेश अग्रवाल जैन आदि मौजूद थे।